काश सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अम्बेडकरनगर पहुँचकर करते सभी तहसीलों का आकस्मिक निरीक्षण
| Rainbow News - Aug 12 2017 12:20PM

काश सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अम्बेडकरनगर जिले की आलापुर तहसील समेत पांचों तहसीलों में आकस्मिक निरीक्षण करते तो उन्हें भी भान हो जाता कि जिले की सरकारी मशीनरी विकास कार्यों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जन शिकायतों के निस्तारण में किस कदर रुचि ले रही है। जिले की सरकारी मशीनरी प्रधानमंत्री एवम मुख्यमंत्री समेत अन्य पदाधिकारियों को पीड़ितों की ओर से भेजे गए प्रार्थना पत्रों पर कार्यवाई के बजाय महज फर्जी जांच रिपोर्ट प्रेषित कर उसका निस्तारण होना दर्शाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ लेती है। वैसे भी मुख्यमंत्री की ओर से भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने की गरज से एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया लेकिन आलापुर तहसील क्षेत्र समेत जिले की किसी भी तहसील में अभी तक न तो बड़े भू माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई और न ही वह माफियाओं को चिन्हित कर उसे सार्वजनिक ही किया गया।

इतना ही नहीं चिन्हित करने में भी राजस्व कर्मियों ने व्यापक खेल किया है। बड़े भू-माफियाओं पर दर्जनों बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्यवाई नहीं हो सकी है। भ्रष्टाचार के मामले में भी जिले में भाजपा की सरकार बनने के बाद काफी इजाफा आया है। भ्रष्टाचार के दर्जनों मामले में उच्चाधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई करने के बजाय महज खाना पूरी कर उच्चाधिकारियों ने अपने कर्तव्य की इति श्री समझ ली।आलापुर तहसील के ही ताजा दो मामले ऐसे सामने आए जो सत्ता परिवर्तन के बाद से सिस्टम में आई व्यापक खामियों की तरफ भी इशारा कर रहे हैं आलापुर में वर्षों से तैनात राजस्व अहलमद विजय कुमार ने तत्कालीन एसडीएम पंकज श्रीवास्तव के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करोड़ों की बेशकीमती जमीन का वारा-न्यारा कर दिया मामला सामने आने के बाद एसडीएम पंकज श्रीवास्तव ने मामले में कड़ी कार्यवाई किए जाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भी दिया।

मामले के आरोपी राजस्व अहलमद विजय कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवा कर कार्यवाई किए जाना तो दूर महज  उसका स्थानांतरण बगल की तहसील जलालपुर में कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ ली गई। वही दूसरा मामला आलापुर तहसील क्षेत्र के ही बंगालपुर जैती में तैनात हल्का लेखपाल जय प्रकाश चौहान का बीते एक अगस्त को जमानत सत्यापन के एवज में तहसील के ही अधिवक्ता के मुंशी राजेश कुमार गौतम से रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा।

मामले को लेकर जब अधिवक्ता संघ ने आंदोलन की चेतावनी दिया व धरना प्रदर्शन कर मांग पत्र दिया तो तीन दिन बाद आरोपी हल्का लेखपाल जय प्रकाश चौहान का महज दिखावे के लिए कागज में निलंबन कर दिया गया जबकि वास्तविकता​ तो यह है कि अभी भी आरोपी लेखपाल  बंगालपुर जैती का लेखपाल बना हुआ है बल्कि तीन अन्य गांव का भी चार्ज उसके जिम्में है उससे अभी तक बस्ता नहीं जमा कराया जा सका है। यह दो मामले बानगी भर है। इसके अलावा ऐसे दर्जनों मामले सामने आए जिसमें उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई के बजाए महज मामले में डील कर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वही जब प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी प्रदेश में औचक निरीक्षण कर रहे हैं तो अंबेडकर नगर जनपद के आलापुर तहसील वासियों को यह आस जगी हैं कि काश मुख्यमंत्री जी यहां भी आते।

रिपेार्ट- प्रदीप पाण्डेय



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