प्रेस क्लब भवन न बनने से क्षुब्ध पत्रकारों ने सड़क पर बनाया पत्रकार तिराहा, फहराया तिरंगा
| -Rajeev Kumar Gupta/ - Aug 19 2017 2:17PM

मुगलसराय। स्वतंत्रता दिवस की 70 वीं वर्षगांठ 15 अगस्त 2017 को मुगलसराय नगर के पत्रकारों ने पुराना रेलवे गेट के सामने के तिराहे को पत्रकार तिराहा घोषित कर बीच सड़क पर फहराया तिरंगा। पत्रकार भवन नहीं बनने से सड़क पर ही तिरंगा फहराने और उस तिराहे को पत्रकार तिराहा बनाये जाने का निर्णय पत्रकार राजीव गुप्ता के नेतृत्व में लिया था पत्रकारों ने।
चकाचौंध भरी इस दुनिया में भले ही आज के नौजवान मीडिया क्षेत्र को चुन कर पत्रकार बनने की होड़ में लगे हैं। लेकिन मेरा अपना अनुभव यही है कि सबसे निकृष्ट कार्य आज के दौर की पत्रकारिता ही है। भले ही बाहरी दुनिया के लोग इसे नहीं समझ पाते हों लेकिन एक पत्रकार होने के नाते मैं डंके की चोट पर कह सकता हूँ कि पत्रकारों की आज के दौर में सुनने वाला कोई नहीं है। लगभग ढ़ाई दशक बीत गए मुगलसराय में रहते हुए। धीरे-धीरे पत्रकारिता में भी एक दशक से अधिक समय गुजर गए लेकिन नगर के पत्रकारों की पत्रकार भवन की एक जायज़ मांग आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं पूरी की। चाहे पालिका का चेयरमैन हो या विधायक या फिर सांसद ही क्यों न हो।

चुनाव के दौरान पत्रकारों से अपने पक्ष में खबरे प्रकाशित करवाने या टीवी चैनलों पर प्रसारित करवाने के एवज में अपने चुनावी घोषणा पत्र में पत्रकार भवन बनवाने के वायदे तो हमेशा किये गए लेकिन कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद भी नहीं बने पत्रकार भवन। कितना निरीह है पत्रकार समाज। जो दिन रात एक करके समाज की समस्याओं को उजागर करता है। इसके एवज में समाज से उसे कुछ मिले या न मिले लेकिन सरकार के नुमाइंदों से भी कुछ न मिले तो उसे क्या कहा जा सकता है ? मिडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ जरूर कहा जाता है लेकिन उस स्तम्भ की कितनी अहमियत है और उसकी कितनी दुर्दशा है यह इसी से समझा जा सकता है कि वर्षों से पत्रकार व उनके संगठनो द्वारा मुगलसराय में पत्रकार भवन बनवाये जाने की मांग की जा रही है लेकिन हर बार निराशा ही हाँथ लगती है। नगर पालिका परिषद् के भूतपूर्व चेयरमैन जिसमे चाहे सरस्वती देवी चौहान, मुसाफिर सिंह चौहान, राजकुमार जायसवाल या फिर अभी अभी भूतपूर्व  हुई चेयरमैन रेखा जायसवाल ही क्यों न हों। चुनाव के पहले वादा फिर वादे हैं वादों का क्या..........? यही हाल विधायकों की भी रही है।

कमोबेश सांसद भी अछूते नहीं हैं। पिछले वर्ष में  तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकार भवन बनवाने की घोषणा भी कर दी थी लेकिन फिर वह आदेश हवा में ही रह गया। आज के वक़्त में तो चंदौली के सांसद सिर्फ सांसद ही नहीं हैं बल्कि वह मंत्री भी हैं उनके लिए यह कार्य चुटकी में पूरा किये जाने योग्य है। लेकिन पत्रकारों की मांग को तवज्जो ही नहीं दिया जाना कहीं न  कहीं से पत्रकारों को समाज में हीन भावना से देखने जैसा प्रतीत हो रहा है। ऐसे में मेरे मन में यह विचार आया कि स्वंतंत्रता दिवस के 70 वीं वर्षगांठ पर मुगलसराय नगर के पुराना रेलवे गेट के सामने के तिराहे को "पत्रकार तिराहा" घोषित करते हुये सड़क के बीचोबीच झंडोत्तोलन किया जाये। इस बाबतअन्य पत्रकारों से लिए गए विचारो में लगभग सभी की सहमति के बाद आज हमलोगों ने नगर के पुराना रेलवे गेट के सामने पत्रकार तिराहा घोषित कर दिया और सड़क के बीचोबीच ध्वजारोहण भी किया। जिसमे नगर के प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अधिकांश पत्रकार उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण वरिष्ठ व अवकाशप्राप्त पत्रकार अंजनी मिश्रा द्वारा किया जाना था परंतु उनके भाभी की तबियत ख़राब होने के कारन उन्हें वाराणसी जाना पड़ा। ऐसे में ध्वजारोहण में अतिथि के तौर पर आये नगर कोतवाल एसपी सिंह के कर कमलों से पत्रकार तिराहे का प्रथम ध्वजारोहण संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि वह अपने स्तर से जमीन की तलाश कर जरूर पत्रकार भवन बनाने का प्रयास करेंगे। नगर में पत्रकारों द्वारा किये गए इस कार्य की चहुंओर चर्चा रही। कार्यक्रम के अंत में सभी के बीच मिष्टान्न वितरण किया गया। इस दौरान उदय गुप्ता, कमलेश तिवारी,शशांक शेखर पाण्डेय, महेंद्र प्रजापति, सुधांशु शेखर पाण्डेय, कमलजीत सिंह, प्रदीप शर्मा, शिवपूजन तिवारी, करुणापति तिवारी, कृष्णकांत गुप्ता, अनिल गुप्ता, देवानंद यादव, अजय राय, अजय कुमार, धर्मेन्द्र यादव, दीपक उम्र वैश्य, विजय गुप्ता, विजय जायसवाल, राजीव जायसवाल, फ़ैयाज़ अंसारी, अब्दुल खालिक, एखलाक अहमद, भागवत नारायण चौरसिया, मनोहर गुप्ता, मुरलीधर, धर्मेन्द्र प्रजापति, मुकेश मौर्या सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।



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