भगवान स्वरूप कटियार के कविता संग्रह का लोकार्पण व परिचर्चा कल 10 सितम्बर को
| Rainbow News - Sep 9 2017 3:39PM

लखनऊ। जाने-माने कवि भगवान स्वरूप कटियार के नए कविता संग्रह ‘अपने अपने उपनिवेश’ का लोकार्पण, परिचर्चा और कविता पाठ का आयोजन जन संस्कृति मंच की ओर से 10 सितम्बर दिन रविवार को अपराहन 3.30 बजे से उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के निराला सभागार में किया गया है। यह जानकारी मंच की लखनऊ इकाई के सह संयोजक डॉ संदीप कुमार सिंह ने दी।

जसम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना करेंगे। इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा को जाने माने कवि मदन कश्यप 'दिल्ली', आलोचक आशुतोष कुमार 'दिल्ली', कवि मायामृग 'जयपुर', कवयित्री वन्दना मिश्र, कवि व आलोचक चन्द्रेश्वर, कवि और लेखक कौशल किशोर और कवि व पत्रकार सुभाष राय आदि संबोधित करेंगे। परिचर्चा के बाद कवि गोष्ठी भी होगी जिसमें नरेश सक्सेना, मदन कश्यप और मायामृग अपनी कविताएं सुनायेंगे। कार्यक्रम का संचालन जसम लखनऊ के सह संयोजक व कवि-लेखक डॉ संदीप कुमार सिंह करेंगे।

ज्ञात हो कि भगवान स्वरूप कटियार हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि व गद्यकार हैं। उनकी कविताओं का पहला संग्रह ‘विद्रोही गीत’ शीर्षक से 1978 में प्रकाशित हुआ था। उसके बाद से ‘जिंदा कौमों का दस्तावेज’, ‘हवा का रुख टेढ़ा है’ तथा ‘मनुष्यविरोधी समय में’ आया। नया संग्रह ‘अपने अपने उपनिवेश’ उनका पांचवां संग्रह है। दो साल पहले उनकी वैचारिक पुस्तक ‘अन्याय की परम्परा के विरुद्ध’ प्रकाशित हुई। दुनिया के देशों का भ्रमण करना और वहां के लोगों की सामाजिकता व संस्कृति से सीखना उनका शौक है। इन यात्राओं पर केन्द्रित उनकी किताब जल्दी ही आने वाली है।

-डॉ संदीप कुमार सिंह 

सह संयोजक

जन संस्कृति मंच, लखनऊ

मो- 8400208031, 8765231081   



Browse By Tags



Other News