पड़ोसी की नीयत साफ़ नहीं
| Rainbow News - Oct 2 2017 12:55PM

-सुनील कुमार हिमाचली/ पड़ोसी की नीयत साफ़ नहीं है। अब फिर से कोई न कोई नापाक हरकत करने की तैयारी में है। कोई-न-कोई प्लान बना रहा है। लेकिन हमारे यहां जश्न की पूरी तैयारी है। रंग-रौग़न का काम जोरों पर है। दशहरा हो गया है और अब दिवाली आने वाली है। खूब तैयारियां की जा रही है। हमारे घर में भी पूरी प्लानिंग चल रही है। हर तरफ से हर इंतज़ाम किया जा रहा है। त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है अब ऐसे में उपहार लेने देने का सिलसिला भी जारी है। कुछ अपने भी मुँह बनाकर बैठे हुए है। 

लेकिन क्या करें! पड़ोसी की नीयत साफ़ नहीं हैं, ऐसे में हमें भी सतर्क रहने की जरुरत है. न जाने पकिस्तान कौन से आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठा है. भारतीय सीमा बल भी पूरी मुस्तैदी के साथ सरहद पर नज़र गड़ाए हुए है. भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमणम जम्मू के दौरे पर जाकर आई, जाहिर है की रक्षा मंत्रायलय भी पुरे प्रबंध किए हुए है। रिपोर्ट्स की बात की जाए तो दिवाली से पहले पडोसी पाकिस्तान घुसपैठ की आस में बैठा हुआ है।लेकिन अब चीन की तरफ से भी कोई न कोई गतिविधि की जा सकती है। 

कहा जाता है कि डायन भी एक घर छोड़ कर किसी को निशाना बनाती है। लेकिन अपने तो दोनों पड़ोसी डायन से भी बढ़कर हैं न जाने किस वक्त उनकी कौन सी नापाक करतूत सामने आ जाए। वैसे चीन की तरफ से उम्मीद नहीं है, क्यूंकि 1962 के बाद शायद उसको याद है कि भारतीय जवानो की बाजुओं में जो दम है उससे चीन का दम निकल जाए। रही बात पकिस्तान की ये पडोसी तो बेशर्म है, घूंघट की आड़ में भी अपनी नापाक हरकतों से बाज़ नहीं आता। 

पडोसी से अक्सर कहासुनी ज़र,जोरू और ज़मीन के खातिर होती है।लेकिन पाकिस्तान की जोरू का तो पता नहीं कश्मीर के भारतीय जमीं से नज़र टिकाए हुए वर्षों से बैठा है. इतने सालों से न जाने नज़र थकी भी नहीं, लेकिन सरहद से क्रॉस भी नहीं कर सकती क्यूंकि भारतीय सीमा सुरक्षा बल पाकिस्तान की इस गन्दी नज़र को कभी टिकने नहीं देगा। वैसे भी पाकिस्तान हकूमत की रस्सी जल गई है लेकिन बल नहीं गया। नवाज़ के प्रति भारत की शराफत है जो मोदी साहब दोस्ती धर्म और पडोसी से अच्छे रिश्ते की उम्मीद लगाए बैठे है, वर्ना यह तो तय है की भारत न जाने कौन सी दिवाली को पडोसी का दिवाला निकाल दें।



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