पूर्व कमिश्नर पर बेटी ने लगाया रेप का आरोप
| Rainbow News - Oct 3 2017 3:17PM

देहरादून। उत्तराखंड में हरीश रावत सरकार में कुमाऊं कमिश्नर रहे आइएएस अवनेंद्र नयाल के ऊपर उनकी गोद ली हुई बेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटी का आरोप है कि उसके पिता उसका यौन शोषण करता है और लगातार जान से मारने की धमकी भी देता है इसलिये वो अजमेर भाग आई है। वहीं, इन आरोपों पर अवनेंद्र नयाल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

बेटी की मानसिक हालत ख़राब

अवनेंद्र नयाल से जब इन आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि लड़की की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उसका इलाज चल रहा है और वो कुछ समय से गलत कामों में भी लिप्त रही है। नयाल का कहना है कि उसको हार्स राइडिंग के कोर्स के लिये ऑस्ट्रेलिया भी भेजा गया था लेकिन पता चला कि वहां से गलत कामों में लिप्त रहने के कारण उसे डिपोर्ट कर दिया गया था। वहां से लौटने के बाद वो परिवार वालों से नहीं मिली और अब सीधे आरोप लगा रही है और आरोप भी ऐसे जिसे वो कभी सोच भी नहीं सकते।

बड़े पद पर हैं पिता

बता दें कि अवनेंद्र नयाल अभी ऑफिसर ट्रेनिंग अकेडमी में निदेशक के पद पर तैनात हैं जो बीते वर्ष कुमाऊं आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। उन्हें हरीश रावत सरकार ने एक वर्ष का एक्सटेंशन दिया था। आरोप लगाने वाली युवती अवनेंद्र की गोद ली हुई बेटी है जिसे उन्होंने अल्मोड़ा जिले से गोद लिया था और उसकी शिक्षा नैनीताल से हुई है।

तांगा चला रही लड़की

ये लड़की पिछले काफी समय से राजस्थान के अजमेर में तांगा चलाकर अपना गुजारा कर रही है। 25 वर्षीय युवती का कहना है कि बचपन से उसकी मां को घोड़ो से बहुत प्रेम था और वह एक अच्छी घुड़सवार थी। कृपा को भी अपनी मां की घोड़े और घुड़सवारी का प्रेम विरासत में मिला। 7 साल पहले मां की मौत के बाद उसके पिता व भाई को उसका ये शौक अखरने लगा।

पिता पर गंभीर आरोप

यही वजह रही कि मां की मौत के बाद कृपा ने घोड़ों पर प्रेम और उनसे स्नेह के चलते अपने परिवार से दूरी बना ली और पिछले 2 सालों से वो अपने पिता और भाई से दूर रहकर घोड़ों की सेवा करने में जुटी है। युवती ने अपने पिता पर यौन शोषण का आरोप भी लगाया है और कहा है कि पिता एक बड़े पद पर हैं इस कारण पुलिस उसकी सुनवाई भी नहीं कर रही है। इसलिए उसे सब छोड़कर यहां आना पड़ा।

अजमेर में घोड़ा गाड़ी चला रही लड़की

जिसके बाद उसने अजमेर आकर एक घोड़ा गाड़ी खरीदी और तब से अजमेर की सड़कों पर घोड़ा चलाते हुए घोड़े का और खुद का पेट भरने में लगी है। हालांकि, ऐसा नहीं है युवती आर्थिक रूप से कमजोर हो। उसने नैनीताल में हॉर्स मैनेजमेंट कोर्स में डिप्लोमा किया हुआ है और यही वजह है कि घोड़ों के प्रति उनका शौक एक जुनून बन चुका है जिसके चलते वो अब घोड़ों की नस्लों को बचाने के लिए इस तरह का काम कर रही है।

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