साजिश के चक्रव्यूह में मारा जाने वाला एक नया अभिमन्यु है अरविंद यादव : डॉ. मेला
| Rainbow News - Oct 11 2017 5:35PM

अम्बेडकरनगर जनपद अंतर्गत इब्राहिमपुर थाना का ग्राम अवसानपुर आज प्रबुद्ध वर्ग एवं सामान्य जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है. तकरीबन एक सप्ताह से विवादित पत्रकार अरविंद यादव के मसले को लेकर मीडिया जगत से लगातार खबरें प्रकाशित हो रही हैं जिसमें *पत्रकार स्वयं सहायता समूह* व रेंबो न्यूज़ तथा मीडिया गांव के संपादक डा. अनिल उपाध्याय ने इस खबर को प्रमुखता से छापा कि अरविंद यादव तथाकथित 13 मुकदमों का शातिर अपराधी है अथवा नहीं? वह एक विवादित पत्रकार है या समाज सेवी ? ऐसे बिंदुओं को लेकर तरह तरह की बातें और विभिन्न तरह की विचार धारा प्रवाहित हुई है.

अरविंद यादव का कहना है कि उसे प्रबल पत्रकारिता करने और जन सूचना मांग कर समाज का हित करने का दंड स्थानीय पुलिस एवं वहां के शातिर दिमाग राजनीतिज्ञों की चाल है कि *मुझे अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है* जबकि मैंने अपराध विशेष पर खबरें लिखकर ग्राम प्रधानों और सत्ता से गठजोड़ रखने वाले लोगों की धन वापसी रिकवरी के रूप में बावन लाख़( 5200000) से अधिक रुपए का लाभ सरकार को करवाया है.

तथाकथित अपराधी अरविंद यादव तमाम सामाजिक संगठनों कई राज्यों की मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों के मीडिया वर्करों से मदद मांगते हुए *अंबेडकर नगर जनपद के पटेल नगर तिराहे पर धरना प्रदर्शन कर पुलिस कप्तान अंबेडकरनगर के द्वारा माननीय उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री श्री योगी जी को ज्ञापन भेजा* जिसमें विवादित पत्रकार अरविंद यादव ने शासन प्रशासन से मांग किया कि उसके *तथाकथित अपराध की सभी संबंधित धाराओं की जांच गैर जनपदीय पुलिस अथवा स्वतंत्र जांच इकाई से कराई जाए* इस संदर्भ में मीडिया गांव संपादक एवं प्रेस क्लब अंबेडकरनगर के नवनिर्वाचित कोषाध्यक्ष डॉक्टर अनिल उपाध्याय मेला अंबेडकरनगर क्षेत्र से सांसद डा. हरि ओम पांडे जी के सुपुत्र अनुपम पांडे जी ने टेलीफोन कर संपूर्ण प्रकरण की व्यापक जानकारी चाही.

डा. मेला ने अब तक के घटित इस विषय वस्तु पर अपनी जानकारी के मुताबिक जनश्रुति एवं WhatsApp पर आई खबरें तथा ज्ञापन पत्र एवं धरने के संबंध में अनुपम पांडे जी को अवगत कराया. श्री पांडे ने टेलीफोन वार्ता में कहां कि अरविंद यादव की उचित मदद करना मानवता की नज़र से जायज़ है गैर जनपद से निष्पक्ष जॉच की मॉग, अथवा गैर पुलिस - न्यायिक जॉच से उस संदर्भ में अति न्याय संगत प्रतीत होती है अपने स्तर पर मैं देखता हूं , सही और ग़लत क्या है ? पर प्रबल जॉच होगी. अरिवंद संपर्क करे, कहकर अनुपम जी ने फ़ोन काट दिया.

*कुल मिलाकर विवादित पत्रकार अरविंद यादव पर भले ही 13 मुकदमे पंजीकृत हुए हो परंतु उन मुकदमों का सच क्या है*? एक प्रबल स्वतंत्र जांच इकाई से भी सच जाना जा सकता है... जबकि अरविंद स्थानीय पुलिस और नव धनाड्य सियासी गठजोड़ होने का हर दम हर पल दुखडा बयान करता है कि वह *साजिश के चक्रव्यूह में मारे जाने वाला एक नया अभिमन्यु है* फिलहाल बिना सटीक जांच के दूध का दूध और पानी का पानी होना संभव नहीं है!



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