आरूषि हत्याकाण्ड : बेटी की हत्या के आरोपी तलवार दम्पत्ति इलाहाबाद हाई कोर्ट से बरी
| Rainbow News - Oct 12 2017 3:50PM

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज आरुषि हत्याकांड में अपना फैसला सुनाते हुए राजेश तलवार और नुपुर तलवार को बरी कर दिया है। आरुषि तलवार के माता-पिता राजेश तलवार और नुपुर तलवार ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। 16 मई 2008 को आरुषि तलवार का शव घर से बरामद हुआ था। राजेश और नुपुर ने सीबीआई कोर्ट के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें सीबीआई कोर्ट ने आरुषि की हत्या के लिए नुपुर और राजेश तलवार को दोषी करार दिया था। तलवार दंपति 2013 से गाजियाबाद की डासना जेल में हैं।

आईए डालते हैं इस पूरे मामले की टाइमलाइ पर एक नजर

16 मई 2008 आरूषि का शव नोएडा स्थित घर में बेडरूम में मिला, आरुषि का गला रेतकर हत्या की गई थी। घर में काम करने वाले हेमराज पर हत्या का आरोप लगा 17 मई 2008 हेमराज का शव घर की टेरेस से बरामद हुआ। 18 मई 2008 पुलिस ने बताया कि हत्या सर्जिकल औजार से हुई है, घर के भीतर किसी पर शक जताया गया। 19 मई 2008 तलवार के घर में काम करने वाले दूसरे कर्मचारी विष्णु पर हत्या का आरोप लगा 21 मई 2008 दिल्ली पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की। 22 मई 2008 हत्या का आरोप तलवार दंपति पर लगा, इस मामले की जांच ऑनर किलिंग के तौर पर शुरू हुई। पुलिस ने आरुषि के दोस्तों से पूछताछ शुरू की, जिससे उसने हत्या से पहले 45 दिनों में 688 बार बात की थी।

23 मई 2008 राजेश तलवार को दोहरे हत्याकांड के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 1 जून 2008 सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। 13 जून 2008 सीबीआई ने राजेश तलवार, कृष्णा को गिरफ्तार किया। 20 जून 2008 राजेश तलवार का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया गया 25 जून 2008 नुपुर तलवार का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया गया, पहले टेस्ट में कुछ खास नहीं निकला 3 जुलाई 2008 सुप्रीम कोर्ट ने उस पीआईएल को खारिज किया जिसमे नार्को एनालिसिस टेस्ट को चुनौती दी गई थी 12 जुलाई 2008 राजेश तलवार को डासना जेल से आजाद किया गया।

5 जनवरी 2010 सीबीआई ने तलवार दंपति का नार्को टेस्ट कराने के लिए याचिका दायर की 29 दिसंबर 2010 सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, नौकरों को क्लीन चिट दी गई, लेकिन दंपति पर सवाल खड़ा किया गया। 25 जून 2011 राजेश तलवार पर गाजियाबाद कोर्ट में हुआ हमला 9 फरवरी 2011 कोर्ट ने सीबीआई रिपोर्ट को मंजूर किया, तलवार दंपति पर इस रिपोर्ट में सबूतों को मिटाने का आरोप था 21 फरवरी 2011 तलवार दंपति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया, उनके खिलाफ ट्रायल को रद्द करने की मांग की । 18 मार्च 2011 हाई कोर्ट ने तलवार दंपति की याचिका को खारिज किया और दंपति के खिलाफ जांच का आदेश दिया।

19 मार्च 2011 तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें ट्रायल को रोकने की अपील की। 6 जनवरी 2012 सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति की याचिका को खारिज किया और ट्रायल को जारी रखने का निर्देश दिया। 11 जून 2012 स्पेशल जज एस लाल के सामने फिर से शुरू हुआ। मामले का ट्रायल 10 अक्टूबर 2013 फाइनल बहस शुरू हुई। 25 नवंबर 2013 गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने दंपति को आरोपी ठहराया।

26 नवंबर 2013 सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई। 21 जनवरी 2014 राजेश तलवार और नुपुर तलवार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की। 19 मई 2014 इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज किया। 11 जनवरी 2017 इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलवार दंपति के सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा। 17 सितंबर 2017  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरुषि और हेमराज हत्याकांड में अपना फैसला सुरक्षित रखा।



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