नैचुरोपैथी चिकित्सक की उपाधि से विभूषित हुए वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र अरजरिया
| Rainbow News - Oct 20 2017 4:01PM

नई दिल्ली। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने चिकित्सा के क्षेत्र में आ रही विभिन्न विकृतियों पर पूर्णविराम लगाने के लिए सन् 2003 में मात्र एलोपैथी, आयर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्ध, नैचुरोपैथी तथा योग को ही चिकित्सा हेतु प्रमाणित माना था। सरकार द्वारा आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी (आयुष) मंत्रालय की स्थापना भी की जा चुकी है। इन घोषित विधाओं के चिकित्सक ही मरीजों का उपचार करने तथा ‘डाक्टर’ लिखने के लिए अधिकृत किये गये हैं।

विधि सम्मत निर्धारित पाठ्यक्रम तथा इन्टर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र अरजरिया को चिकित्सा करने तथा ‘डाक्टर’ लिखने के लिए अधिकृत किया गया है। हाल में ही सम्पन्न हुए एक विशेष आयोजन के दौरान उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई। डा. अरजरिया विगत तीन वर्षों से निरंतर अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। परिषद की विभिन्न परियोजनाओं में महात्वपूर्ण पदों पर रहने दौरान उनके अनेक शोध-पत्र भी प्रकाशित हो चुके हैं।

पत्रकारिता के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीयस्तर पर ख्याति अर्जित करने के साथ-साथ उनका नाम नैचुरोपैथी पर कार्य करने वाले अग्रणीय हस्ताक्षरों में भी शामिल हैं। उपाधि प्राप्त होने के बाद उन्होंने केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद की औपचारिकताओं को पूरा करके पंजीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के उपरान्त उन्हें न केवल अनुसंधान हेतु पंजीकरण प्राप्त होगा बल्कि नैचुरोपैथी के अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुति देने के लिए पात्रता होगी।



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