लघुकथा : फ़ासला
| Rainbow News - Nov 15 2017 11:45AM

कपास के फाहे से बीज निकाल कर शाम के समय दीपक लगाने के लिए बत्तीयाँ बनाते बनाते मिनकी की दादी ने आवाज लगाई,
मिनकी...जरा पानी तो पिला दो!
इस पर किताबों के बीच सर रख कर बैठी मिनकी दादी से बोली,
Yes Grand ma, i am coming,
और दौड़ कर मिनकी पानी ले आई और दादी को मिनकी ने पानी दिया|
दादी ने पानी लाने के एवज में मिनकी से कुछ नहीं कहा, तभी मिनकी तपाक से बोल गई,
Grand Ma! You don't said Thanks??
अंग्रेजी न जानने वाली दादी निशब्द,निरुत्तरित रह गई...|
क्या अंग्रेजीयत में डूबी हुई पीढ़ी के मातृभाषा से दूर हो जाने भर से घर के बुजुर्गों और बच्चों में *फासलें* आ गए? आखिर संस्कार और संबंधो की खाईयाँ *मातृभाषा* ही पाट सकती है, क्योंकि भावनाओं की सच्ची संवाहक माँ की भाषा ही हो सकती है।

-डॉ. अर्पण जैन 'अविचल', पत्रकार एवं स्तंभकार, इंदौर (म.प्र.), Mob.-9406653005



Browse By Tags



Other News