अम्बेडकरनगर पुलिस का एरिया डॉमिनेशन जारी आहे.........
| By- Reeta Vishwakarma - Nov 18 2017 4:31PM

70वर्षीय आजाद भारत के 67 वर्षीय गणतंत्र में कितने चुनाव हुए इसकी गणना पाठकों पर छोड़ा जा सकता है परन्तु देश के लोकतंत्र के वर्तमान महापर्व नगर निकाय चुनाव 2017 की जब-जब बात चलेगी तो इस जिले के संदर्भ में इसे लोग याद करें इसलिए लिखकर बताना आवश्यक है। सूबे उत्तर प्रदेश की नगर निकायों में नगर सरकारों के गठन की दुन्दभि बजे एक महीने की अवधि होने को है और सभी को अब मतदान की तिथि का बेसब्री से इंतजार है।

यहाँ हम उत्तर प्रदेश के जनपद अम्बेडकरनगर की बात कर रहे हैं। बीते दिनों सोशल मीडिया में किसी पत्रकार द्वारा एक संवाद वायरल किया गया था जिसमें लिखा गया था कि- जिले के हाकिम-हुक्मरान आदर्श अचार संहिता का अनुपालन कराने की कौन कहे वे लोग स्वयं प्रत्याशियों की चुनाव सम्बन्धी समस्याओं को सुनने व उनके निराकरण के लिए उपलब्ध ही नहीं रहते। मीडिया ने जिला प्रशासन के हाकिम-हुक्मरानों के बारे में कुछ हद तक सच ही लिखा होगा परन्तु अभी तक चुनाव के परिप्रेक्ष्य में पुलिस प्रशासन के बारे में नकारात्मक टिप्पणियाँ व संवाद पढ़ने को नहीं मिला।

26 अक्टूबर 2017 को युवा आई.पी.एस. अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने बतौर पुलिस अधीक्षक इस जनपद के पुलिस महकमें की कमान संभाला। हालांकि मिश्रा की तैनाती के पूर्व यहाँ रहे एस.पी. सुधीर कुमार सिंह उम्र दराज होने के साथ ही अनुभवी एवं क्रियाशील पुलिस अफसर को ए.एस.पी. ओम प्रकाश सिंह और अन्य कर्मठ पुलिस अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलता रहा। तत्समय भी पुलिस सक्रिय थी और अब तो उसका कई गुना सक्रिय हो गई है ऐसा मीडिया का कहना है।

सोशल मीडिया, वेब, प्रिन्ट और टी.वी. चैनलों पर युवा आई.पी.एस. संतोष कुमार मिश्रा एस.पी. अम्बेडकरनगर अपनी कार्यशैली से चर्चा में बने हुए हैं। लगभग 3 हफ्तों में उन्होंने जिले के सभी थाना क्षेत्रों के कस्बों, बाजारों व गली-मोहल्लों में पदभ्रमण कर जहाँ जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया वहीं अपराधी तत्वों को अपनी सख्त मिजाजी का भी एहसास कराया। हालाँकि मिश्रा द्वारा किया जा रहा वर्तमान का कार्य फिल्मी लगता है और लोगों की जुबान से यह भी सुना जाता है कि इस तरह का कार्य चिरस्थाई नहीं होता। हो सकता है कि ऐसा होता हो परन्तु हम यहाँ एस.पी. संतोष कुमार मिश्रा के कार्य-व्यवहार का जिक्र कर रहे हैं। कभी आम लोगों से हाथ मिलाना, उनसे निर्भय होकर व्यवसाय करने की बात कहना और कभीं हाथ में लट्ठ लिए सड़कों पर पैदल मार्च करना, पीछे-पीछे थुल-थुल व सुस्त बदनधारी वर्दीजनों को दौड़ा कर पसीने-पसीने करना ऐसे पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्रा की चर्चा भविष्य में अवश्य ही होती रहेगी।

नगर निकाय चुनाव और सुरक्षा का मामला, पुलिस की ऐसी सक्रियता बीते 67 सालों में शायद ही कभी देखी गई हो, ऐसा बुजुर्ग प्रबुद्धजनों का कहना है। हालांकि जन सरोकारी अपराधों पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है बावजूद इसके कप्तान एण्ड पुलिस टीम का एरिया डॉमिनेशन जारी है। पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्रा के इस तेजी के बारे में लोगों कहना है कि यह पुलिस आफीसर विदेश भ्रमण कर चुका है, वहाँ की पुलिस शायद कुछ ऐसा ही करती होगी जैसा कि इन्होंने यहाँ शुरू किया है और यही कारण है कि उनकी अब तक की कार्यशैली हर आम में अवश्य ही चर्चा बन गयी है। अम्बेडकरनगर पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में भ्रमणशील अधिकारियों व कर्मचारियों की तस्वीरें पाठकों के अवलोकनार्थ प्रकाशित की जा रही हैं। पढ़ें और देखें--- रीता



Browse By Tags



Other News