गत वर्ष की तुलना में अब तक 6 गुना अधिक की गई धान की खरीद : अंशुमाली शंकर
| By- Reeta Vishwakarma - Dec 9 2017 12:57PM

48 घण्टे के अन्दर किसानों को मिल रहा है उनका भुगतान: जिला खाद्य विपणन अधिकारी

जिले में यत्र-तत्र-सर्वत्र सरकारी/गैर सरकारी महकमों में काफी सक्रियता चल रही है। अभी तक प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव में सरकारी मशीनरी पूरी तरह से संलिप्त होकर सक्रिय रही है। उसके उपरान्त अब पुलिस महकमा नारी सुरक्षा सप्ताह के दौरान विभिन्न स्कूल/कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं/युवतियों/छात्राओं को जागरूक कर रहा है और जिले की स्थापना के 22वें साल जनपद वासी अम्बेडकरनगर महोत्सव मना रहे हैं। वहीं पूर्वांचल का ख्यातिलब्ध गोविन्द साहब मेला भी अपने शबाब पर है। किसान अपनी खेती/किसानी में जुटा है और अपने उत्पादों का विक्रय करके ससमय अगले फसल की तैयारी के साथ-साथ मांगलिक कार्यों में मशगूल है। कुल मिलाकर यह कहा जाए कि सर्दी के मौसम में जिले का माहौल कुछ इस तरह गर्म है कि लोगों को ठण्ड का एहसास ही नहीं हो रहा है। लब्बोलुआब यह कि हर कोई अपने-अपने कार्यों में व्यस्त है।

अम्बेडकरनगर कृषि प्रधान जिला है यहाँ लगभग हर फसल की पैदावार प्रचुरता में होती है। गेहूँ, गन्ना, धान यहाँ की नकदी फसल (कैश क्राप) है। इनका उत्पादन करने वाले किसान इन्हें बेंचकर यथाशीघ्र अपनी लागत के साथ-साथ घर खर्च व संचयन हेतु अर्थलाभ की कामना करते हैं। इस जिले का सौभाग्य है कि मिझौड़ा में अकबरपुर चीनी मिल के नाम से स्थापित चीनी मिल द्वारा किसानों की गन्ना फसल की खरीद की जाती है वहीं खरीफ और रबी उत्पादों को खाद्य विपणन विभाग द्वारा अपनी देख-रेख में विभिन्न क्रय एजेन्सियों के माध्यम से खरीदा जाता है जिसके लिए जिले के कई स्थानों पर क्रय केन्द्रों की स्थापना की जाती है।

इस समय जिले के किसानों के खरीफ उत्पाद (धान) की खरीद 7 क्रय एजेन्सियों के माध्यम से कुल 85 क्रय केन्द्रों पर की जा रही है। जिले में अब तक की गई खरीद, लाभान्वित किसानों की संख्या और उन्हें भुगतान की गई धनराशि गत वर्ष की तुलना में अधिक है। धान क्रय प्रक्रिया का आगाज नवम्बर माह की पहली तारीख से हुआ जो 28 फरवरी 2018 तक नियत है। जिले के किसानों के हित को सर्वोच्च रखते हुए रेनबोन्यूज मीडिया ग्रुप ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर से मिलकर धान खरीद का लक्ष्य और प्रगति के बारे मे जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि इस जिले में धान खरीद का लक्ष्य 1 लाख 37 हजार 600 मीट्रिक टन रखा गया है, जिसके लिए खाद्य विभाग 6, पं.स. सहकारी समिति 11, पी.सी.एफ. 33, यू.पी.पी.सी.यू. 5, कल्याण निगम 3 (सभी स्टेट एजेन्सी 58) व प्राइवेट प्लयर्स 25, भारतीय खाद्य निगम 2 (27) इस तरह कुल 7 क्रय एजेन्सियों के 85 क्रय केन्द्रों की स्थापना जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है। जहाँ पर प्रतिदिन धान की खरीद की जा रही है।

चूंकि प्रदेश के सी.एम. योगी आदित्यानाथ का कहना है कि जब अन्नदाता किसान किसी दिन छुट्टी नहीं करता है तो धान क्रय केन्द्र बन्द क्यों रहें इस लिए उनके उत्पाद बगैर नागा प्रतिदिन तब तक क्रय किया जाएगा जब तक खरीद लक्ष्य पूरा न हो जाए। सी.एम. के इस आदेश के अनुपालन में जिले के सभी क्रय केन्द्र प्रतिदिन ससमय खोले जा रहे हैं और सभी क्रय एजेन्सियों के कर्मचारी व अधिकारी धान क्रय केन्द्रों की बराबर निगरानी कर रहे हैं। डी.एफ.एम.ओ. अंशुमाली शंकर ने बताया कि जिले में धान क्रय करने हेतु 10 लाख 30 हजार बोरे उपलब्ध हैं। आवश्यकता पड़ने पर फैजाबाद से और बोरे मंगा लिए जाएँगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 9 दिसम्बर तक कुल 2 हजार 841.345 मीट्रिक टन की खरीद हुई थी और कुल 517 किसान लाभान्वित हुए थे। इस वर्ष 8 दिसम्बर तक कुल 18 हजार 571.73 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जिसमें अब तक कुल 2 हजार 823 किसान लाभान्वित हो चुके हैं।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने निर्धारित खरीद लक्ष्य के बारे में पूछने पर बताया कि चूँकि बीते वर्ष गेहूँ की खरीद लक्ष्य से ज्यादा हुई थी इसलिए सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया है। डी.एफ.एम.ओ. शंकर ने बताया कि इस बार किसान अपने उत्पाद धान विक्रय के 48 घण्टे के अन्दर भुगतान प्राप्त कर ले रहे हैं। किसानों को 8 नवम्बर 2017 तक रू. 29,06,47496.25 का भुगतान किया जा चुका है। अन्नदाता को क्रय केन्द्रों पर किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए विभाग की टीमें जिले में भ्रमणशील रहकर निगरानी कर रही हैं। मैं स्वयं क्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं से अवगत होकर उसका अविलम्ब निस्तारण करता रहता हूँ।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने कहा कि धान क्रय केन्द्रों पर किसी तरह की शिथिलता या अनियमितता न बरती जाए इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया है कि जिले का किसान इस खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में अपने उत्पाद धान की बिक्री सरकारी क्रय केन्द्रों पर ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि किसानों को सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान की बिक्री करने में कोई समस्या नहीं आ रही है साथ ही बिक्री उपरान्त धान की सरकारी कीमत 48 घण्टे के अन्दर उन्हें प्राप्त हो जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में जिला खाद्य विपणन कार्यालय में उपलब्ध धान खरीद की स्थिति 8 दिसम्बर 2017 तक लक्ष्य के सापेक्ष 13.50 प्रतिशत तक है जबकि पिछले वर्ष यह 1.25 प्रतिशत ही था। इस बार खरीद लक्ष्य ज्यादा है। अब तक की गई धान की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में 6 गुना अधिक है। डी.एफ.एम.ओ. ने बताया कि आगामी दिनों में धान की खरीद के प्रतिशत में और बढ़ोत्तरी की पूरी सम्भावना है।



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