'कवितायेः जिन्दगी से छूता सफ़र’ का विमोचन
| Rainbow News - Jan 6 2018 1:27PM

लखनऊ। वर्ल्ड फाउंडेशन व सर्वहारा लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में जनवादी लेखक व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अवतार सिंह बहार की नई काव्य कृति ‘कवितायेः जिन्दगी से छूता सफ़र’ का विमोचन व पुस्तक पर चर्चा का कार्यक्रम प्रेस क्लब लखनऊ में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता एक अध्यक्ष मण्डल ने की जिसमें सी0बी0 सिंह, डा0 दाउजी गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, डा0 टी0पी0 राही व फिरंगी महल रहे।

चर्चा का शुभारम्भ करते हुए सलेस के सचिव वीरेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि एशियाई समाचार से प्रकाशित बहार जी की नई काव्य कृति ‘कवितायेः जिन्दगी से छूता सफ़र’ उनके व सुनहरे यादों को उजागर करती लखनऊ शहर का ऐतिहासिक दस्तावेज है। वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी ने कहा कि बहार जी के इस नए काव्य ग्रंथ में कई रंग नजर आते है। हर रंग अपने में चोखा है और दिलकश भी।

बहार जी की कुछ रचनाओं में पंजाबियत है तो कुछ में ठेठ हिन्दी समसामयिक विषयों पर उन्होने लिखा तो अतीत के गौरवशाली पृष्ठ भी खंगाले है। सर्वहारा लेखक संघ के अध्यक्ष एस0के0 पंजम ने कहा कि बहार जी की इस नए काव्य संग्रह में सभ रचनाएॅ जनवादी सरोकार को पूरा करती है। वरिष्ठ चिंतक सी0बी0 सिंह ने कहा कि आज के दौर में प्रेम व रोमांस वाली कविताओं को दरकिनार कर आज के दौर मे जुल्मतों के गीत गाने चाहिए जो कि बहार जी के इस नए काव्य संग्रह में नजर आता है।

डा0 दाउजी गुप्ता ने बहार जी को एक सम्भावनाओं वाला कवि करार दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा0 टी0पी0 राही ने बहार जी के इस कविता संग्रह पर विस्तृत प्रकाश डालत हुए पद्य में एक ऐतिहासिक कृति बताया। अन्य वक्ताओं में के0के0 शुक्ला, भगवती सिंह, अमीर हैदर, नेत्रपाल, रामकृष्ण आदि सहित अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी।



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