गंगा की रेत पर योग साधना का लगा संगम
| Santosh Dev Giri - Jan 14 2018 4:35PM

मीरजापुर। पतंजलि योग समिति एंव विंध्य योग सेवाधाम ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में निःशुल्क ध्यान योग शिविर का आयोजन आदि गंगा के पावन धारा के बीच रेत पर आयोजित किया गया। कड़ाके की पड़ रही ठंड, हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बाद वह भी गंगा नदी के बीच रेत पर अल सुबह आयोजित योग शिविर में शिक्षक, शिक्षिकाओं संग आम जनमानस ने भी भाग लिया जिसे देखने के लिए गंगा तट के दोनों छोर में लोगों की भीड़ जमी रही।

इस अवसर पर योगी भोलानाथ ने उपस्थित लोगों को भस्त्रिका, कपालभांति, अनुलोम, विलोम, संग सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराते हुए कहा कि पूर्ण सुखी व निरोगी जीवन जीने के लिए नियमित योगाभ्यास व प्राणायाम जरूरी है तथा योग से ही व्यक्ति का शारीरिक व मानसिक विकास संभव है। इस अवसर पर कंचना जानसन ने कहा कि स्वामी रामदेव ने योग को इतना सरल व सुगत बना दिया है कि आज हम कहीं भी खुली हवा में बैठकर योग की साधना कर सकते हैं क्योंकि योग प्राणायाम के माध्यम से आज पूरे विश्व में लाखों-लाखों लोगों को नया जीवन मिला है।

इस अवसर पर योगाचार्य ज्वाला सिंह ने कहा कि योग से व्यक्ति के जीवन में प्रेम, एकत्व, कृतज्ञता, कर्तव्यपरायणता, स्वधर्मनिष्ठा, मयार्दा, विनयशीलता ये सातो का विकास होता है और वह सदा सभी का प्रिय बना रहता है। ऐसे में योग से मानव का विकास संभव है। इस लिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित योग साधना करना चाहिए। इस मौके पर प्रीति गोयनका, सुर्भित व्यास ने कहा कि जीरो बैलेंस के सभी रोगों का निदान है योग।

योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जिससे कैंसर, एड्स, शुगर, ब्लड प्रेशर, सर्वाइकल, अर्थराइटिस, हार्निया, माइग्रेन, स्पोण्डलाइटिस, बवासीर जैसे बड़े से बड़े रोगों का योग प्राणायाम के माध्यम से आसानी से उसे ठीक किया जा सकता है। इस अवसर पर दिव्या, प्रवीण, संगीता, आर जानसन, दीक्षा, राजेन्द्र, प्रीति, सुमन, राज माहेश्वरी, अशोक, किरन, वेदिका, निखिल, अर्पणा, यश, गर्भित, मुकेश, हर्ष, रिकिन, संदीप, आर्यन, आशीष, ध्यानचन्द्र नागर आदि ने योग सााधना शिविर में भाग लिया।



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