अविवाहित महिलाएं हुईं जागरुक, एक दशक में 6 गुना बढ़ा कॉन्डम का यूज
| Rainbow News - Jan 29 2018 2:38PM

भारत में अविवाहित महिलाओं में कॉन्डम का इस्तेमाल बढ़ गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 में खुलासा हुआ है कि बिना शादी के महिलाओं के सेक्स के दौरान कंडोम इस्तेमाल करने में 6 गुना की बढ़ोतरी हुई है। पिछले दस सालों में ऐसी महिलाओं में कंडोम इस्तेमाल करने का आंकड़ा 2% से बढ़कर 12% हो गया है। ये सर्वे 15 से 49 साल की अविवाहित महिलाओं के बीच कराया गया था।

हालांकि, सर्वे में सामने आया है कि सबसे अधिक कंडोम का यूज 20 से 24 साल की महिलाएं ही करती हैं। इस सर्वे में ये बात भी सामने आई है कि 8 में से 3 मर्द ये मानते हैं कि कॉन्ट्रासेप्शन की परवाह करना महिलाओं का काम है, मर्दों को इसके लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 49 साल के बीच के देश के 99 प्रतिशत शादीशुदा जोड़ों को गर्भनिरोधक के कम से कम एक तरीके की जानकारी है। हालांकि देश में 15 से 49 साल के बीच की शादीशुदा महिलाओं में कॉन्ट्रसेप्टिव प्रिवलेंस रेट यानी गर्भनिरोधक प्रचार दर (CPR) सिर्फ 54 प्रतिशत है। इनमें से भी सिर्फ 10 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो गर्भनिरोधक के तौर पर मॉडर्न तरीकों का इस्तेमाल करती हैं।

ज्यादातर महिलाएं अब भी गर्भनिरोध के दादी-नानी के जमाने के नुस्खों पर भरोसा करती हैं। गर्भनिरोध के आधुनिक तरीकों में कंडोम, नसबंदी, गर्भनिरोधक गोलियां और इंट्रायूट्रिन डिवाइस (IUD) शामिल है।

कॉन्डम से लेकर अन्य गर्भनिरोधक तरीके अपनाने वाले राज्यों में पंजाब सबसे आगे है। मणिपुर, बिहार और मेघालय में सबसे कम गर्भनिरोध के तरीकों का इस्तेमाल होता है, जहां 24 फीसदी आंकड़ा रहा है, जबकि पंजाब में ये 76 फीसदी रहा है।



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