अम्बेडकरनगर: स्वस्थ लोकतंत्र में विशुद्ध तानाशाह बने डी.पी.आर.ओ.
| Posted by- Editor - Feb 23 2018 3:18PM

मायाशंकर मिश्र, जिला पंचायतराज अधिकारी

वी.आई.पी. व माननीयों को अपशब्दों से करते हैं अलंकृत

जिला पंचायतीराज विभाग बना भ्रष्टाचारराज विभाग

स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी धन की हो रही है सफाई

उत्तर प्रदेश के जनपद अम्बेडकरनगर के एक युवा पत्रकार और जिला पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के मध्य चलने वाला शीतयुद्ध अब खुलकर सामने आ गया है और काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं जिला मुख्यालय के पत्रकार/संजय मौर्य और ए.डी.ओ. (पंचायत) कटेहरी व डी.पी.आर.ओ. के मध्य एक पखवारे से चलने वाला पत्राचार-युद्ध अपने चरम पर है। दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए इस तूल पकड़े प्रकरण में जिला प्रशासन के मुखिया यानि जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। उन्होंने संजय मौर्य व ए.डी.ओ. पंचायत (कटेहरी ब्लाक) राजेन्द्र प्रसाद सिंह के मामले में जाँचोपरान्त कार्रवाई किए जाने हेतु सी.डी.ओ. अम्बेडकरनगर को भी निर्देशित किया है ऐसा तब हुआ है जब पत्रकार ने 16 फरवरी 2018 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायती पत्र प्रेषित करते हुए जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण से अवगत कराया था। जिसमें जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर ने लिखा है कि ‘‘कृपया प्रकरण में शीघ्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।’’

यह बताना आवश्यक है कि संजय मौर्य ने बीते 12 फरवरी 2018 को लिखित शिकायती-पत्र देकर जिले के कटेहरी ब्लाक के ए.डी.ओ. पंचायत राजेन्द्र सिंह पर कई गम्भीर आरोप लगाया गया था और उक्त शिकायती पत्र डी.पी.आर.ओ./सी.एम./डी.एम./सी.डी.ओ./बी.डी.ओ. को सूचनार्थ/अवलोकनार्थ और आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया था। परिणाम यह रहा कि उक्त शिकायत से खिन्न होकर डी.पी.आर.ओ. ने उल्टा संजय मौर्य को अपने कार्यालय (19 फरवरी 2018) को बुलाकर भला बुरा कहा साथ ही कतिपय माननीयों और वीआईपीयों के विरूद्ध भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया (ऐसा संजय मौर्य ने बताया)।

प्रकरण की शुरूआत:-

अम्बेडकरनगर जिले के निवासी संजय मौर्य युवा पत्रकार/सम्पादक अयोध्या की पुकार ने गत 12 फरवरी 2018 को डी.पी.आर.ओ. को सम्बोधित एक लिखित पत्र प्रेषित कर माँग किया था कि जिले के कटेहरी ब्लाक में ए.डी.ओ. पंचायत के पद पर तैनात राजेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनका चार पहिया बोलेरो वाहन संख्या-यू.पी. 45 वी 8691 का उपयोग निजी कार्यों में अधिक ही किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर श्री सिंह ब्लाक मुख्यालय कटेहरी से लगभग 25 कि.मी. दूर स्थित भीटी के निकट मदारभारी गाँव अपने घर उक्त वाहन से प्रतिदिन अप-डाउन करते हैं इससे उक्त वाहन को उन्हें कटेहरी ब्लाक मुख्यालय से दो बार ले आने और दो बार छोड़ने आना-जाना पड़ता है, जिसकी कुल दूरी 100 किमी. बढ़ जाती है। यही नहीं ए.डी.ओ. पंचायत कटेहरी राजेन्द्र प्रसाद सिंह स्वच्छ भारत मिशन व सरकारी कार्य हेतु सम्बद्ध उक्त वाहन से शादी-ब्याह व अन्य मांगलिक कार्यों में शामिल होने दूर-दराज स्थानों पर आते-जाते हैं। पत्रकार संजय मौर्य द्वारा उक्त शिकायती-पत्र में जितने भी आरोप लगाए गए हैं वे सभी स्वच्छ भारत मिशन और सरकारी/विभागीय हित में हैं जिनको गम्भीरता से लेकर जाँच कराये जाने की मांग की गई है।

डी.पी.आर.ओ. माया शंकर मिश्र ने उक्त शिकायती-पत्र प्राप्ति के उपरान्त संजय मौर्य ‘तूफानी’ पत्रकार को अपने दफ्तर में तलब किया। पत्रकार संजय मौर्य चूँकि एक चार पहिया आटो वाहन बोलेरो संख्या यू.पी. 45 वी 8691 के स्वामी हैं और उनका उक्त वाहन डी.पी.आर.ओ. द्वारा रू.17000/- भाड़े पर पंचायती राज विभाग में सम्बद्ध किया गया है और वह 21 फरवरी 2018 तक कटेहरी ब्लाक परिसर में स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों के सम्पादन हेतु विभागीय अधिकारियों (ए.डी.ओ. पंचायत एवं अन्य अधिकारियों) द्वारा प्रयुक्त किया जाता रहा- इसीलिए संजय मौर्य पुत्र अरविन्द मौर्य निवासी अकबरपुर, अम्बेडकरनगर (उ.प्र.) डी.पी.आर.ओ. के कार्यालय बीते 19 फरवरी 2018 को पहुँचे जहाँ उनके साथ माया शंकर मिश्र ने बदसलूकी किया और कई अन्य माननीयों/जनप्रतिनिधियों का नाम लेते हुए कहा कि उन सब की सिफारिश को नजरन्दाज किया जाता है- तुम किस खेत की मूली हो।

उत्तेजित डी.पी.आर.ओ. ने कहा कि यदि ए.डी.ओ. पंचायत डी.डी.ओ. के यहाँ मांगलिक कार्य में गए और उन्होंने तुम्हारे अनुबंधित बोलेरो का उपयोग किया तो कौन सा अपराध किया है। डी.डी.ओ. के घर पर डी.एम. तथा अन्य अधिकारी और मैं भी गया था- सभी ने सरकारी गाड़ी का ही उपयोग किया था। मैं तो हर अवकाश और शनिवार की शाम इलाहाबाद अपने घर जाने हेतु सरकारी अनुबंधित वाहन का उपयोग करता हूँ। ए.डी.ओ. पंचायत राजेन्द्र प्रसाद सिंह यदि अपने घर अथवा किसी अन्य स्थान पर अनुबंधित वाहन से आते-जाते हैं तो कौन सा क्राइम करते हैं। सभी ऐसा ही कर रहे हैं। तुम्हारा बोलेरो वाहन विभाग में सम्बद्ध है और जब प्रतिमाह 17 हजार रूपए मासिक भाड़ा पा रहे हो तब विभाग का कोई अधिकारी/कर्मचारी उक्त का उपयोग किसी भी कार्य हेतु करेगा- इसका विरोध करने से लाभ नहीं उल्टे नुकसान ही होगा।

संजय मौर्य अवाक होकर डी.पी.आर.ओ. को सुनते रहे। डी.पी.आर.ओ. मिश्र ने कहा कि अमुक बी.जे.पी. विधायक के घर/परिवार वाले कई दिनों से अपना व अपने रिश्तेदार/हित-मित्रों के बोलेरो वाहन को 15 हजार रूपए मासिक किराए में ही जिला पंचायती राज विभाग में सम्बद्ध करवाने की कोशिश कर रहे हैं- एक तुम हो कि ए.डी.ओ. पंचायत राजेन्द्र प्रसाद सिंह की शिकायत कर रहे हो। जावो मैंने बड़े बाबू को अनुबन्ध समाप्त किए जाने का लेटर बनाने को कहा है उसे ले लो और अवमुक्त हो जावो। उस दिन डी.पी.आर.ओ. कार्यालय के लिपिक मो. रईश से मिलकर पत्रकार संजय मौर्य ने वस्तु स्थिति से अवगत होने का प्रयास किया तो उन्हें बताया गया कि साहेब काफी गुस्से में हैं- चलो देखेंगे जो भी हो सकेगा किया जाएगा।
ऊपर लिखा गया आलेख पत्रकार संजय मौर्य द्वारा रेनबोन्यूज को बताए गए के अनुसार है।

मौर्य के अनुसार उक्त वार्ता 19 फरवरी 2018 को डी.पी.आर.ओ. कार्यालय कक्ष अम्बेडकरनगर में हुई थी परन्तु आश्चर्यजनक बात यह है कि बोलेरो संख्या-यू.पी. 45 वी. 8691 के असम्बद्धता सम्बन्धी कोई पूर्व सूचना या लिखित नोटिस उन्हें नहीं दी गई थी। उनका वाहन 21 फरवरी 2018 को कटेहरी खण्ड विकास कार्यालय परिसर में नित्य की तरह उपलब्ध था। अपरान्ह उन्हें वहाँ के लिपिक द्वारा यह सूचना दी गई कि कार्यालय जिला पंचायत राज अधिकारी अम्बेडकरनगर से जारी एक पत्र आया है उसे वह अपने हस्ताक्षर से प्राप्त कर लें। संजय मौर्य ने उक्त पत्र संख्या-563/पं0/लेखा/स्व0भा0मि0/वाहन/अनुबन्धित/पत्रा0/2017-18 जो दिनांक-20/02/2018 को प्रेषित था 21 फरवरी 2018 को अपरान्ह 2.30 बजे कटेहरी ब्लाक में ए.डी.ओ. पंचायत कार्यालय के सफाईकर्मी/लिपिक जितेन्द्र कुमार से प्राप्त किया। जिला पंचायतराज अधिकारी के अपठनीय हस्ताक्षरयुक्त उक्त पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर, मुख्य विकास अधिकारी अम्बेडकरनगर, खण्ड विकास अधिकारी कटेहरी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत कटेहरी को प्र्रेषित की गई थी। जिसमें पाँचवें बिन्दु पर संजय मौर्य वाहन स्वामी यू.पी. 45 वी 8691 (बोलेरो) का नाम भी था।

डी.पी.आर.ओ. अम्बेडकरनगर का उक्त पत्र राजाराम पुत्र गयादीन, निवासी ग्राम- भरतपुर गिरंट, पोस्ट- खजावाँ, अकबरपुर-अम्बेडकरनगर को सम्बोधित था। जिसमें विषय ‘‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा) के अन्तर्गत जनपद स्तर पर मोबिलिटी हेतु वाहन संख्या-यू.पी.-45वाई-8308 (बोलेरो) को रू0 17000.00 प्रतिमाह की दर से किराये पर अनुबन्धित किए जाने के सम्बन्ध में’’ का उल्लेख किया गया था। पत्र की प्राप्ति के उपरान्त जब पत्रकार संजय मौर्य ने उसे पढ़ा तो उन्हें और भी आश्चर्य हुआ क्योंकि जिला पंचायत राज अधिकारी ने राजाराम को प्रेषित पत्र में लिखा था कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा0) के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में मोबिलिटी हेतु आप द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र दिनांक 19.02.2018 द्वारा आपके वाहन संख्या-यूपी-45वाई-8308 (बोलेरो) को विकास खण्ड-कटेहरी में खण्ड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (पं0), कटेहरी के दिशा-निर्देशों के आधार पर मोबिलिटी हेतु आपका वाहन संख्या-यूपी-45वाई-8308 (बोलेरो) को निम्नलिखित सेवा शर्तों के अनुसार दिनांक 20.02.2018 से सम्बद्ध किया जाता है। (यहाँ सेवा शर्तों को जिक्र नहीं किया जा रहा है)

इसके उपरान्त उक्त पत्र के प्रतिलिपि बिन्दु-5 का अवलोकन करने के बाद तो पत्रकार और भी आहत हुआ। क्योंकि उसमें लिखा था कि श्री संजय मौर्य, निवासी ग्राम गौसपुर अकबरपुर, जनपद अम्बेडकरनगर वाहन स्वामी यूपी-45वी0-8691 (बोलेरो) को इस आशय से प्रेषित कि अधोहस्ताक्षरी कार्यालय के पत्र संख्या-1306 दिनांक 18.07.2017 द्वारा अनुबन्धित वाहन को मिशन के अन्तर्गत की जाने वाली कार्यवाही हेतु वांछित समय पर उपलब्ध न कराये जाने की दशा में अनुबन्ध सम्बन्धी आदेश को निरस्त करते हुए आपके वाहन की सम्बद्धता समाप्त की जाती है।

यह तो पत्रकार और जिला पंचायतराज अधिकारी के बीच चल रहे प्रकरण की झलकी मात्र ही है। मामला अन्य सक्षम न्यायालयों (प्रापर फोरम) में दायर किए जाने के अलावा पत्रकार संजय मौर्य द्वारा शिकायत प्रकरण महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं स्वच्छ भारत मिशन के समस्त उच्च पदस्थ अधिकारियों तक पहुँचाए जाने की बात कही गई है, क्योंकि उसके साथ अन्यायपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए ए.डी.ओ. पंचायत के कहने पर डी.पी.आर.ओ. ने शिकायत पर जाँच करने को कौन कहे उल्टे उनके वाहन की सम्बद्धता ही समाप्त कर दिया। जिला पंचायतराज अधिकारी, अम्बेडकरनगर माया शंकर मिश्र का यह रवैय्या स्वस्थ लोकतन्त्र में एक विशुद्ध तानाशाह जैसा कहा जा सकता है साथ ही अत्यन्त शोचनीय व निन्दनीय भी।

संजय मौर्य तूफानी (पत्रकार), ए.डी.ओ. पंचायत कटेहरी राजेन्द्र प्रसाद सिंह व डी.पी.आर.ओ. माया शंकर मिश्र के बीच उपजा प्रकरण सम्बन्धी अन्य संवाद रेनबोन्यूज के आगामी अंकों में..................। उदाहरण के तौर पर- जिला पंचायतराज अधिकारी वी.आई.पी. और माननीयों को भी अपशब्दों से अलंकृत करने से नहीं करते हैं परहेज................ पंचायती राज विभाग बना जिला भ्रष्टाचार राज विभाग: जहाँ मची लूट के चलते धाकड़ लुटेरों की कट रही चाँदी............... एक पत्रकार के साथ डी.पी.आर.ओ. ने किया दुर्व्यवहार और बगैर पूर्व सूचना के उसके बोलेरो वाहन की समाप्त की सम्बद्धता................ जिले का राजा कौन? उत्तर- कलेक्टर यह गलत है सही जवाब-डी.पी.आर.ओ. जी हाँ एक दर्जन सफाई कर्मी निजी सेवकों की तरह खाना बनाना, नहलाना, मालिश करना जैसा काम तो करते ही हैं इसके अलावा साहब का शोफर बनकर चार पहिया वाहन का करते हैं चालन.................अम्बेडकरनगर: स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी धन की हो रही है सफाई (धन का स्वहितार्थ उपयोग.....शौचालय निर्माण बना केवल धन कमाने का जरिया................शौचालय मात्र कागजों पर...............ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बने या बन रहे हैं सरकारी इमदार से निर्मित शौचालय.............जिला पंचायती राज विभाग का दावा खोखला................ए.डी.ओ. पंचायत व डी.पी.आर.ओ. द्वारा लाभार्थियों को मिलने वाले सरकारी धन के एवज में उनसे लिया जाता है कमीशन)..........। -सम्पादक

पत्रकार संजय मौर्य तूफानी द्वारा दिया गया शिकायती-पत्र



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