दवाओं का दाम बढ़ाने पर कम्पनियों की खैर नहीं, रद्द होगा लाइसेंस
| Rainbow News - Mar 5 2018 3:23PM

मोदी सरकार ने देश में दवा कंपनियों और इंपोर्टर्स की मनमानी पर नकेल कसने का फैसला कर लिया है। सरकार के के इस फैसले के बाद कोई भी दवा कंपनी एक साल में दवा या इक्यूपमेंट की कीमतों में 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगी।

अगर कंपनियां इस आदेश को नहीं मानतीं तो उनका लाइसेंस रद्द होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यही नहीं कंपनियों से जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। बढ़ी कीमत का ब्याज तब से लिया जाएगा जबसे कंपनियों ने गलत तरीके से एमआरपी बढ़ाई होगी। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने यह आदेश जारी किया है।

यह आदेश एनपीपीए ने अपनी उस रिपोर्ट के बाद जारी किया, जिसमें खुलासा हुआ था कि प्राइवेट हॉस्पिटल अपने यहां दवा के डिब्बों पर ज्यादा एमआरपी लिखवाते हैं और भारी मुनाफा कमाते हैं।

एनपीपीए ने कहा है कि फैसला सभी तरह की दवाओं पर लागू होगा फिर चाहे वह शेड्यूल ड्रग्स (कीमत पर सरकारी कंट्रोल) की लिस्ट में हो या नॉन शेड्यूल ड्रग्स (कीमत पर सरकारी कंट्रोल से बाहर) की लिस्ट में हो।



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