प्रधानमंत्री आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर हो रही है हेरा-फेरी
| Santosh Dev Giri - Mar 7 2018 2:55PM

-कमीशन के नाम पर गरीबों का किया जा रहा शोषण

मीरजापुर। छानबे क्षेत्र के 97 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर गरीब पात्रों का शोषण किया जा रहा है। सरकार गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए खजाने को खोल दिया है लेकिन धरातल पर आवास आवंटन के नाम पर कमीशन खोरों की चांदी है। आरोप है कि पात्रों के चयन में बीस से पचीस हजार रुपये की बिचौलियों द्वारा मांग की जा रही है। यदि किसी तरह लाभार्थी का चयन हो गया तो उन्हें किस्त के लिए दौड़ाया जाता है। जिससे सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने का कार्य किया जा रहा है।

जिगना क्षेत्र के 97 ग्राम पंचायतों में 2016-17 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य 1871 है। जिसमें अब तक 1351 लाभार्थियों के खाते में तीसरी किस्त का धन भेजा जा चुका है। वहीं 206 लाभार्थियों के बजट के अभाव में तीसरी किस्त निर्गत नहीं हो सकी है। शेष आवासों के लिए गणना के अनुसार चयन करने के बाद ही वितरित किया जाएगा। इसके आलावा लक्ष्य के सापेक्ष आवास का आवंटन 2011 की आर्थिक सामाजिक गणना के हिसाब से किया जा रहा है। वही कागजी घोड़ा जमीनी धरातल पर कितना सही है यह समझ से परे है। सरकार प्रत्येक गरीब पात्रों को पारदर्शिता का मानक बनाकर आवास आवंटन करने की योजना बना रखी है।

निचले स्तर पर आवास आवंटन में भीषण कमीशन खोरी और गरीबों का शोषण करने पर अमादा है। जहां आवास के नाम पर ब्लाक मुख्यालय से चयनकर्ता मलाई काट रहे है। वहीं कुछ लोग आवास में ठेकेदारी कर गरीबों के खाते में आए पैसे को मानक के विपरित आवास निर्माण कर हजम कर रहे है। इस संबंध में छानबे खंड विकास अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कमीशन खोरी की शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कई स्तर पर जांच के बाद आवास आवंटन किए गए है।



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