प्रतिभाओं के दमन के साथ ही प्रभावित हो रहा देश का विकास
| Rainbow News - Apr 28 2017 12:08AM

प्रतिभाओं के दमन के साथ ही प्रभावित हो रहा देश का विकास

देश व समाज हित में आरक्षण का खत्म होना बहुत जरूरी

नोएडा। आरक्षण ने कोढ़ का रूप ले लिया है। इस कोढ़ को जितनी जल्दी खत्म कर दिया जाए उतना ही देश व समाज का फायदा होगा। आरक्षण के चलते जहां प्रतिभाओं का दमन हो रहा है वहीं इस व्यवस्था ने भाईचारे को भी बिगाड़ कर रख दिया है। साथ ही इससे देश का विकास भी प्रभावित हो रहा है। यह बात फाइट फॉर राइट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चरण सिंह राजपूत ने आरक्षण व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि अब तक तो आरक्षण मिलने और न मिलने वालों के बीच में लड़ाई चल रही थी अब आरक्षण मिलने वालों के बीच में संघर्ष होने जा रहा है। आरक्षण के नाम पर चल रही वोटबैंक की राजनीति ने जहां युवाओं के बीच दूरियां पैदा कर दी हैं वहीं प्रतिभावान बच्चे दम तोड़ रहे हैं। राजपूत ने कहा कि आरक्षण की वजह से सफलता न मिलने की स्थिति में राजस्थान कोटा में चल रहे कोचिंग सेंटरों में एक साल में 16 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा, गुजरात और राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर हुए विभिन्न जातियों के आंदोलनों से न केवल जान-माल की हानी हुई बल्कि जातीय संघर्ष ने भी जोर पकड़ा। राजपूत ने प्रश्नात्मक लहजे में कहा कि विकास की बातें करने वाली सरकारें बताएं कि प्रतिभावान बच्चों को दरकिनार कर देश को कैसे विकास के रास्ते पर लाया जा सकता है। उनका कहना था कि जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ ही परिवार हैं जो इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक राजनेता, नौकरशाह के बच्चों को आरक्षण का लाभ क्यों दिया जाए?  यदि देश के प्रतिभाशाली बच्चों को अन्य देशों में जाने से रोकना है और देश की प्रतिभा का इस्तेमाल देश के विकास में करना है तो आरक्षण नाम के इस कोढ़ को समाज से दूर करना होगा। राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार 2020 फिर से आरक्षण अवधि बढ़ाने जा रही है। इस बार किसी भी हालत में आरक्षण को और आगे नहीं बढ़ने देना है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि देश व समाज हित में आरक्षण के विरोध में अभी से सड़कों पर उतरना होना। जब अन्य देश आरक्षण के बिना गरीबी मिटा रहे हैं तो हमारे देश में यह कुप्रथा क्यों ? यदि आरक्षण देना इतना जरूरी है तो आर्थिक आधार पर दिया जाए, जिससे जरूरतमंद युवाओं को इसका फायदा मिल सके।

राजपूत ने कहा कि खुद बाबा भीमराव अंबेडकर ने आरक्षण का प्रावधान दस साल तक लिए ही रखा था। उनका कहना था कि ज्यादा दिन तक आरक्षण देने से यह व्यवस्था दलितों के लिए बैशाखी का रूप ले लेगी। उन्होंने कहा कि यदि इस बार आरक्षण बढ़ गया तो नई पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी।



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