मैं ब्राह्मण हूं इसलिए बीजेपी मुझे नहीं हटा सकती : फडणवीस
| Rainbow News - Apr 28 2017 12:10AM

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि बीजेपी की लीडरशिप उन्हें नहीं छोड़ सकती है क्योंकि वह ब्राह्मण हैं। सरकार के दो साल पूरे होने पर वह यहां पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। फडणवीश महाराष्ट्र के दूसरे ब्राह्मण मुख्यमंत्री हैं। फडणवीश ने कहा, मैं यह नहीं सोचता हूं कि मराठाओं में इसलिए असंतोष हैं क्योंकि मैं एक ब्राह्मण हूं। वहां अन्य बड़े और गहरे कारण हैं।

महाराष्ट्र के पहले ब्राह्मण मुख्यमंत्री मनोहर जोशी थे जिनका कार्यकाल साल 1995-99 तक रहा। जोशी को मराठा नेता नारायण राणे के स्थान पर बदला गया था। एक इंटरव्यू में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह आगे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

क्या दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों को मजबूत बनाने की मांग और मराठा प्रदर्शन से महाराष्ट्र जातियुद्ध के कगार पर है? देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ”मैं नहीं सोचता हूं कि जाति युद्ध जैसी स्थिति हैं। मराठा लोग वास्तविक शिकायतों को लेकर विरोध कर रहे हैं और हम उनसे वार्तालाप कर रहे हैं।

हम मराठा आरक्षण के लिए एक मजबूत कानूनी मामला बना रहे हैं और मराठा युवाओं को रोजगार पैदा करने के लिए आरक्षण से परे देख रहे हैं। मराठाओं की लामबंदी से अधिक दलितों में असुरक्षा की भावना है। कोपार्डी अपराध और मराठा समर्थित आरक्षण के मामले में दलितो के विरोध प्रदर्शन के मायने सकारात्मक है। उनका विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से है जो उचित है। कोई एक नहीं कह सकता कि यह जाति युद्ध जैसी स्थिति है।”

जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि क्या मराठा इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं कि आप दूसरे ब्राह्मण मुख्यमंत्री हैं? जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मैं ऐसा नहीं सोचता। मेरी जाति का मराठाओं की समस्या से कुछ लेना देना नहीं है। मराठाओं की समस्या बड़ी और गहरी हैं जो कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कारणों से हैं।

यह शिकायतें लंबे समय से हैं और इन्हें मेरे दो साल के कार्यकाल में अनदेखा नहीं किया गया है। मैं आपको यहां बता दूं कि मुझे पूरा यकीन है कि मेरी पार्टी मुझे मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाएगी क्योंकि मैं एक ब्राह्मण हूं। मुझे गलत निर्णय लेने पर हटाया जा सकता है लेकिन जाति को लेकर नहीं। मेरे हिसाब से मैं यहां पूरे समय के लिए हूं।”

इसके बाद जब उनसे सवाल किया गया कि फिर आपको क्या लगता है कि इसके पीछे कौन है जिसने यह धारणा बनाई कि आपकी जाति मराठा अशांति के कारणों में से एक हैं? इसके जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कुछ राजनेता हैं जो मराठा अशांति का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। जो महाराष्ट्र में राजनीतिक सत्ता को खोने की वजह से हताश हैं। फिर उनसे जब पूछा गया कि क्या आप इनमें से किसी एक नेता का नाम बता सकते हैं? तो उन्होने जवाब में कहा कि “यह सब जानते हैं।”

फिर उनसे जब पूछा गया कि सरकार द्वारा नियुक्त आयोगों में से किसी ने भी इस दावे को स्वीकार नहीं किया है कि मराठा ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक रुप से पिछड़े हैं। आपको क्यों लगता है कि बंबई हाईकोर्ट इस दावे को स्वीकार करेगी? उन्होने जवाब में कहा, “क्योंकि हम यह साबित करने के लिए ऐतिहासिक आंकड़े, सबूत और डेटा प्रदान कर रहे हैं कि मराठा ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक रुप से पिछड़े हैं।

आयोगों में से किसी ने भी यह स्वीकार नहीं किया क्योंकि किसी भी कमीशन ने मराठा समुदाय के ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को मापने के लिए कभी व्यापक अध्ययन नहीं किया है। वहां साइंटिफिक सर्वे किया जाना चाहिए जिससे ओबीसी पिछड़े माने जाते हैं। हम सभी आंकड़े प्रदान कर रहे हैं।"

इंटरव्यू  में जब आखिरी सवाल देवेंद्र फडणवीस से किया गया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम (अत्याचार निवारण) को संशोधित करने या समाप्त करने की मराठाओं की मांग को आप कैसे हकीकत में बदलेंगे? यह तो एक केंद्रीय अधिनियम है? देवेंद्र फडणवीस ने जवाब में कहा, मराठा प्रदर्शन के अधिकांश आयोजकों को मैने कहा है कि अत्याचार अधिनियम को को समाप्त करने की मांग ना करें। जो इसका विरोध कर रहे हैं वह अधिनियम का दुरुप्रयोग है। इस पर मैने दलित नेताओं के साथ बात की है उनसे भी मैने कहा है कि इस अधिनियम का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।



Browse By Tags



Other News