अम्बेडकरनगर में इस वर्ष 58000 मी. टन खरीदा जाएगा गेहूँ : अंशुमाली शंकर
| By- Reeta Vishwakarma - Mar 29 2018 1:47PM

गेहूँ खरीद तैयारी के बावत डी.एफ.एम.ओ. ने दी जानकारी

शासन द्वारा निर्धारित खरीद अवधि (1 अप्रैल से 15 जून 3018) में पूरी कर ली जाएगी गेहूँ खरीद

66 क्रय केन्द्रों पर 7 क्रय एजेन्सियों के माध्यम से की जाएगी खरीद

उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में बीते माह तक (कुल चार माह) खरीफ उत्पाद धान की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर की गई और अब शासन के निर्देश पर रबी की मुख्य फसल गेहूँ उत्पाद की खरीद के लिए जिला प्रशासन एवं खाद्य विपणन विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

प्रदेश का जनपद अम्बेडकरनगर एक ऐसा जिला है जो प्रमुख रूप से कृषि प्रधान एवं कृषक बाहुल्य है। यहाँ की उपजाऊ मिट्टी में रबी, खरीफ और जायद तीनों फसलें प्रचुरता में उत्पादित होती हैं और किसानों को हर तरह से समृद्ध बनाती हैं। यहाँ का किसान तब और प्रसन्न होता है जब उसके उत्पादों की खरीद सरकारी तौर पर आसानी और बगैर किसी झंझट के सरकारी मशीनरी द्वारा की जाती है तथा कीमत उसके बैंक खातों में आ जाती है। ऐसे में उत्साहित किसान अपने परती पड़े खेतों में भी फसलों का उत्पादन लेने लगता है।

इस जिले का किसान अपने खरीफ और रबी उत्पादों का विक्रय कर जहाँ सरकारी गोदामों के कोठारों का भण्डारण करता है वहीं ससमय अपने उत्पादों का उचित मूल्य पाकर समस्त आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बैंक खातों व घर की तिजोरियों में भविष्य के लिए पैसों का संचय कर हमेशा खुशहाल व चिन्तामुक्त दिखता है।

किसानों की खुशहाली का यह सिलसिला बीते कुछेक वर्षों से ही शुरू हुआ है जो अभी भी जारी है यह कहना सर्वथा गलत नहीं होगा कि इन वर्षों में कृषि उत्पादों की खरीद के लिए जिम्मेदार महकमें के उच्च पदों पर युवा, तेज-तर्रार एवं लगनशील सरकारी ओहदेदारों की तैनाती ने अवश्य ही सकारात्मक परिणाम दिए हैं। खरीफ और रबी उत्पादों की खरीद में कीर्तिमान स्थापित कर किसानों को खुशहाल बनाने का कार्य जिला खाद्य विपणन विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसे पूरी लगन व निष्ठा के साथ अपने विवेक से सम्पादित करने की शुरूआत 2015 से मार्च 2017 तक डी.एफ.एम.ओ. के पद पर कार्यरत रहे डॉ. अविनाश कुमार झा ने किया था।

उनके स्थानान्तरण उपरान्त जिले में उसी पद पर नियुक्त हुए अंशुमाली शंकर ने इस कार्य को बदस्तूर जारी रखने के साथ-साथ इसे और भी गति देना शुरू कर दिया। परिणाम यह है कि अब किसानों के उत्पादों की खरीद में किसी तरह का कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं होता है और न ही किसानों को अपना उत्पाद बेंचने व उसका उचित मूल्य पाने में कोई समस्या ही आती है। विभाग और किसान आपस में मित्रवत सम्बन्धों में देखे जा सकते हैं। अब किसानों के विरोधी स्वर भी कम उठते हैं या यह कहा जाए कि किसानों के उत्पादों की बिक्री व कीमत यथा समय हो जाने से किसान सन्तुष्ट हैं तो कतई गलत नहीं होगा।

लोक कवि कृषि विज्ञानी ‘घाघ’ ने कहा था कि ‘‘उत्तम खेती, मध्यम बान। निषिध चाकरी, भीख निदान।।’’ यह कहावत अम्बेडकरनगर के किसानों के सन्दर्भ में एक दम सटीक/प्रासंगिक हो चली है। जो किसान पूर्व में खेती/किसानी से मुँह मोड़ रहे थे वे अब कृषि क्षेत्र की तरफ अपनी रूझान करके अधिक उत्पादन प्राप्त कर सम्मानित/खुशहाल/चिन्तामुक्त जीवन जीने लगे हैं।

नवम्बर 2017 से वर्तमान तक के महीनों में जिले के सभी क्षेत्रों में काफी गहमा गहमी रही। फसल उत्पाद के दृष्टिगत खरीफ के रिकार्ड पैदावार ने जहाँ अपना कीर्तिमान बनाया वहीं अब रबी ने भी प्रचुरता में उत्पादन देकर किसानों को और भी समृद्ध व सुदृढ़ करने का संकेत दिया है। अम्बेडकरनगर जिले में गेहूँ खरीद की अवधि ढाई माह (1 अप्रैल से 15 जून) की रखी गई है। इसी के दृष्टिगत हमने अम्बेडकरनगर जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर से मुलाकात कर गेहूँ खरीद तैयारी के बावत जानकारी हासिल किया।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने बताया कि इस वर्ष शासन ने जनपद में गेहूँ खरीद का लक्ष्य 58000 मीट्रिक टन निर्धारित किया है। यह खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रूपए प्रति क्विंटन की दर से की जाएगी। जिले में गेहूँ की खरीद 7 क्रय एजेन्सियों के माध्यम से कुल 66 क्रय केन्द्रों पर होगी। इन एजेन्सियों में खाद्य विभाग को (21900), पी.सी.एफ. (23200), रा.क.क.नि. (3000), पी.सी.यू. (-।), नैफेड (4100), यू.पी. स्टेट एग्रो (400), भा.ख.नि. (5500) मीट्रिक टन इस तरह कुल 58100 मीट्रिक टन की खरीद का लक्ष्य दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा अभी तक 66 क्रय केन्द्रों का चयन किया गया है, जिसमें खाद्य विभाग के 09, पी.सी.एफ. 44, रा.क.क.नि. 04, पी.सी.यू. 07, नैफेड- , यू.पी. स्टेट एग्रो- , भा.ख.नि. 02 कुल 66 क्रय केन्द्रों की स्थापना की गई है।

डी.एफ.एम.ओ. शंकर के अनुसार नैफेड के 03 क्रय केन्द्रों के प्रस्ताव अभी विचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता अम्बेडकरनगर के स्तर से पंजीकृत सहकारी समिति के केन्द्र का प्रस्ताव अभी तक अप्राप्त है। (29 मार्च 2018) गेहूँ खरीद के लिए स्थापित क्रय केन्द्र प्रातः 09 बजे से शाम 06 बजे तक खुले रहेंगे। रविवार एवं राजपत्रित अवकाश को छोड़कर शेष कार्य दिवस में गेहूँ क्रय केन्द्र खुले रहेंगे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को छोड़कर अन्य अवकाश के दिनों में भी खरीद लक्ष्य की पूर्ति के दृष्टिगत क्रय केन्द्र खोले जाएँगे।

विशेष जानकारियाँ:-

अंशुमाली शंकर ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2018-19 में गेहूँ की बिक्री के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। यह पंजीकरण किसान स्वयं या जनसूचना केन्द्रों अथवा साइबर कैफे के माध्यम से करा सकते हैं। यदि किसी किसान का पूर्व में पंजीकरण नहीं है तो उन्हें क्रय केन्द्र से वापस नहीं किया जाएगा बल्कि क्रय केन्द्र पर उनका पंजीकरण कर गेहूँ क्रय कर लिया जाएगा।

डी.एफ.एम.ओ. के अनुसार इसके लिए समस्त क्रय संस्थाओं को अपने संसाधन से कम्प्यूटर/लैपटॉप, इन्टरनेट कनेक्शन आदि की व्यवस्था समय से करने का निर्देश दिया गया है। समस्त खरीद की आनलाइन फीडिंग कराई जाएगी। यदि अपरिहार्य कारणों से आनलाइन फीडिंग नहीं हो पाती है तो क्रय कार्य रोका नहीं जाएगा एवं आनलाइन फीडिंग सुनिश्चित कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि आनलाइन प्रदर्शित खरीद के ही क्रय एजेन्सियों द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

शंकर ने बताया कि किसान प्रदेश के किसी भी क्रय केन्द्र पर अपनी उपज गेहूँ के विक्रय के लिए स्वतन्त्र होगा। प्रत्येक केन्द्र पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यन्त्र, विनोईंग फैन एवं डबल जाली का छलना आवश्यक रूप से रखा जाएगा, जिसकी व्यवस्था मण्डी परिषद द्वारा की जाएगी।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने आगे बताया कि कृषकों का गेहूँ गीला अथवा गन्दा होने पर क्रय केन्द्रो पर अस्वीकृत न किया जाए बल्कि उसे केन्द्र पर सुखाने व साफ करने का पर्याप्त मौका दिया जाए व मानक के अनुरूप लाकर क्रय किया जाय। इसके बाद भी यदि गेहूँ की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं आ पाती है एवं किसान असंतुष्ट रहते हैं तो वह तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहा अपनी समस्या बता सकते हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति विलम्बतम 48 घण्टे में किसानों की शिकायतों पर उन्हीं के समक्ष विश्लेषण कर उचित निर्णय लेगी। इस समिति में अध्यक्ष के अलावा मण्डी सचिव के समिति/ग्रेडर व 2 स्वतन्त्र कृषक सदस्य होंगे।

उन्होंने बताया कि किसी विशेष परिस्थिति में कृषक द्वारा लाए गए गेहूँ को अस्वीकत किये जाने का रिजेक्शन रजिस्टर (अस्वीकार पंजिका) में गेहूँ विक्रेता का नाम, पूरा पता, मोबाइल नम्बर, गेहूँ की मात्रा एवं उसे अस्वीकृत करने का पर्याप्त एवं स्पष्ट कारण अंकित किया जाएगा। मांग करने पर अस्वीकार पंजिका सम्बन्धित किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को भी दिखाया जाएगा।

कार्यशाला गेहूँ खरीद वर्ष 2018-19 (रबी विपणन वर्ष) के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला खाद्य विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने आशा व्यक्त किया कि इस वर्ष शासन की मंशानुरूप व निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद अवधि (1 अप्रैल से 15 जून) में गेहूँ की खरीद सुचारू रूप से की जाएगी।



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