घुड़चढ़ी की अर्जी लेकर दलित युवक गया हाईकोर्ट, मिली निराशा
| Rainbow News - Apr 4 2018 4:58PM

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के कासगंज में दलित युवक के घोड़ी चढ़कर बारात न निकाल पाने के मामले में एक दिलचस्प मोड़ आया है। दूल्हे ने घोड़ी चढ़कर बारात निकालने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है । याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासन से रिपोर्ट मांगी तो डीएम व एसपी ने हाईकोर्ट को मामले की रिपोर्ट सौंप दी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी और याची दूल्हे को सलाह दी कि वह स्थानीय थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज करा कर कानूनी कार्रवाई करे।

हाईकोर्ट ने इस मामले को कानून व्यवस्था से संबंधित बताया और दूल्हे को यह भी सलाह दी कि वह चाहे तो न्यायालय के माध्यम से भी अपना मुकदमा दर्ज करा सकता है। दूल्हे की याचिका में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से इनकार के बाद अब मामला फिर से अटक गया है। जो स्थिति पहले थी अब भी वही स्थिति बनी हुई है, यानी दलित बिरादरी का यह दूल्हा घोड़ी चढ़ कर अपनी बारात तथाकथित आरोप मुताबिक नहीं ले जा सकेगा।

बता दें कि कासगंज में दलित युवक अपनी शादी में घोड़ी पर चढ़कर बारात ले जाना चाहता है, लेकिन तथाकथित रूप से उस इलाके में आज तक कोई भी दलित घोड़ी चढ़कर बारात लेकर नहीं गया है। दूल्हे का आरोप है कि सवर्ण बिरादरी के लोग उसे घोड़ी पर चढ़ने नहीं दे रहे हैं । इसी मामले को लेकर कासगंज के संजय कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर जस्टिस रणविजय सिंह और न्यायमूर्ति शशिकांत ने सुनवाई शुरू की और याचिका पर हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत एफआईआर दर्ज कराने की सलाह दी।

यूपी के कासगंज के निजामपुर के रहने वाले संजय कुमार की शादी शीतल नाम की लड़की से तय हुई है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया है कि वह अपनी बारात घोड़ी पर चढ़ कर जाना चाहता है मगर निजामपुर में कोई भी दलित घोड़े पर चढ़कर बारात नहीं ले जा सकता है क्योंकि गांव के सवर्ण उनको ऐसा नहीं करने देते हैं। संजय ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल करते हुए कहा था कि उसने स्थानीय प्रशासन से बारात निकालने की अनुमति मांगी थी मगर कानून व्यवस्था का हवाला देकर स्थानीय प्रशासन ने किसी भी तरह की मदद से इंकार कर दिया था। जिसके बाद ही उसने हाईकोर्ट की शरण ली थी।

हाईकोर्ट ने संजय कुमार की याचिका पर शासन से रिपोर्ट मांगी थी। जिले के डीएम और एसपी से कानून व्यवस्था का हवाला देते हुये अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को दी। जिस पर अमल के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि दूल्हा या लड़की पक्ष को कोई परेशान कर रहा है या जोर-जबर्दस्ती कर रहा है तो वह पुलिस से शिकायत कर सकते हैं और अगर पुलिस न सुने तो अधीनस्थ न्यायालय में अर्जी देकर मुकदमा दर्ज कराएं।



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