नेपाल में हुआ हम सब साथ साथ छठा सोशल मीडिया मैत्री सम्मलेन का भव्य आयोजन
| Rainbow News - Apr 11 2018 3:58PM

जनकपुर (नेपाल)। यहाँ 30-31 मार्च, 2018 को भारतीय राजदूतावास, नेपाल भारत मैत्री संघ, वीरांगना फाउंडेशन, काठमांडू तथा हम साथ-साथ एवं भारत की विभिन्न साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में 30 और 31 मार्च 2018 को माता सीता की नगरी जनकपुर धाम में छठे दो दिवसीय हम सब साथ साथ सोशल मीडिया मैत्री सम्मलेन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

समारोह का उद्घाटन दिनांक 30 मार्च को प्रातः प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ ही भारतीय प्रतिनिधि श्री गोवर्धन चौमाल एवं नेपाल की प्रतिभागी सुश्री अंजलि पटेल के मंच सञ्चालन में मुख्य और विशिष्ठ अतिथियों नेपाल प्रदेश (दो) के कानून एवं आंतरिक मंत्री श्री ज्ञानेंद्र यादव, भारतीय राजदूतावास काठमांडू के डीसीएम डॉ. अजय कुमार, भारतीय वाणिज्य दूतावास के काउंसलर श्री वीसी प्रधान, पूर्व सांसद नेपाल श्री महेंद्र मिश्र, स्थानीय पत्रकार श्री सीताराम अग्रहरि, मिश्रीलाल मधुकर, राम भरोसे कापड़ी, राजकुमार सिन्धी, आशा सिन्हा आदि के द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके पश्चात मुकेश प्रजापति मधुर, निवेदिता सिन्हा, पंकज यादव की कला प्रदर्शनी के उद्घाटन और अतिथियों के संभाषण के साथ ही समारोह का विधिवत शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर सम्मानित अतिथियों द्वारा भारत-नेपाल के संबंधों को और मजबूत बनाने एवं राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए सबको और अधिक एकजुट होने की अपील की गई।

प्रारम्भ में नेपाल और भारत के कलाकारों और उपस्थितजनों ने दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज के साथ राष्ट्रीय और भाईचारा गीत गाकर माहौल को मैत्री भाईचारे और राष्ट्रीयता के रंग में रंग दिया। इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों का श्रीमती प्रभा सिंह, श्री किशोर श्रीवास्तव, श्री गोवर्धन चौमाल और शत्रुघ्न कुंवर आदि द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर, पगड़ी पहनाकर और शाल उढ़ाकर स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा हम सब साथ साथ पत्रिका के सोशल मीडिया पर केन्द्रित अंक के साथ ही सर्वश्री संदीप तोमर की आत्मकथा पुस्तक "एक अपाहिज की डायरी" औरशशि श्रीवास्तव के बाल कहानी संग्रह “नन्हें क़दम, ऊँची उड़ान” का लोकार्पण किया गया। इसके पश्चात् अगले चरण में सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री किशोर श्रीवास्तव (दिल्ली) ने सभी प्रतिभागियों को बारी-बारी से मंच पर आमंत्रित कर उनका परिचय कराया और साथ ही हम सब साथ साथ की टीम द्वारा सभी प्रतिभागियों का पटका ओढ़ाकर स्वागत किया गया।

सम्मेलन के द्वितीय सत्र में इ. आशा शर्मा एवं श्रीमती शशि श्रीवास्तव के संयुक्त सञ्चालन में “मैत्री-भाईचारे के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया की सकारात्मक एवं नकारात्मक भूमिका” पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें भारत और नेपाल के दूरदराज़ क्षेत्रों से पधारे सर्वश्री डॉ. दिग्विजय शर्मा, डॉ. अर्चना सक्सेना, कैलाश चंद जोशी, डा. निर्मला डांगी, ओजेंद्र तिवारी, विभा रानी श्रीवास्तव, डॉ. उदय प्रताप सिंह, डा. शौक़ीन वर्मा, संदीप तोमर, श्याम स्नेही, शांति कु. स्याल, रीता जय हिन्द हाथरसी, ओम प्रकाश क्षत्रिय, रश्मि अग्रवाल, अरविन्द कु. साहू एवं रंजना झा ने अपने सारगर्भित विचारों से सम्मलेन की भावनाओं को एक नयी ऊँचाई दी। शाम के सत्र में श्री किशोर श्रीवास्तव के मंच सञ्चालन में भारत-नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों के होनहार कलाकारों सर्वश्री मुकेश प्रजापति “मधुर” (बांसुरी), अनंत कुमार प्रजापति (तबला), दीपक सिंह, जया श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, सचिन गिरी, अंजलि पटेल, शिव सौरभ कुंवर (गायन), अदिति जायसवाल, अश्मिता शर्मा, चेतना तिवारी, दर्शित जैन, ओम सक्सेना, पार्थ सक्सेना, रूबल जैन, गिन्नी सहगल, विद्या भूषण सोनी, संदीपिका राय, स्तुति जैन, समृद्धि सक्सेना और रेनू राय (नृत्य) ने अपनी इतनी खूबसूरत प्रस्तुतियां दीं कि समूचा सभागार देर तक तालियों की गडगडाहट से गूंजता रहा।

प्रथम दिन के अंतिम सत्र में डा. रघुनाथ मिश्र सहज की अध्यक्षता में देर रात तक चले कवि सम्मेलन में दोनों देशों के कवियों की बेहतरीन रचनाओं पर श्रोता झूमते रहे। कवियों में सर्वश्री गाफिल स्वामी, राजेश्वर नेपाली, विनय कुमार लाल दास, मनोज परमेश कुंती हरीराम, सीताराम अग्रहरि, रफीक़ नागौरी, समतोलिया कु. मुखिया, सुरेन्द्र सिंह राजपूत, साकेत सुमन चतुर्वेदी, यास्मीन खान आदि के नाम विशेष उल्लेखनीय रहे। सम्मेलन के अगले दिन की शुरुआत सर्वश्री इरफ़ान राही, इ. आशा शर्मा एवं शशि श्रीवास्तव के संयोजन में बेटी के महत्त्व को रेखांकित करती एक खुली चर्चा के साथ हुई, जिसमें सभागार में उपस्थित अनेक प्रतिभागियों को अपने अपने विचार प्रकट करने का अवसर मिला। परिचर्चा के विभिन्न सत्रों में अतिथि के रूप में सर्वश्री सुभाष चंदर, आर. बी. यादव आदि गणमान्य अतिथि शामिल रहे और उन्होंने अपने विचारों से सम्मेलन को एक नयी ऊँचाई भी दी।

अगले सत्र में श्री उमाशंकर मिश्र एवं श्रीमती ज्योति स्पर्श के कुशल मंच सञ्चालन में एक बहुभाषी कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसमें सर्वश्री अनंत आलोक, ईश्वर चंद राही, ई. गणेश जी बागी, लता सिन्हा ज्योतिर्मय, लक्ष्मीन्द्र सिन्हा, परिणिता सिन्हा, राजकुमार जैन राजन, सुनील कु. दत्ता, डा. तारा सिंह, कुसुम भट्ट, मंजू गुप्ता, एवं डा गीता दत्त सहारिया ने अपनी बेहतरीन कविताओं से सभी का मन मोह लिया। सम्मलेन के अंतिम सत्र में सभी प्रतिभागियों को उनके साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल, युवा, वरिष्ठ और अति वरिष्ठ श्रेणी में स्मृति चिन्ह, सर्टिफिकेट देकर और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मलेन के दौरान राजकुमार जैन राजन फाउंडेशन, आकोला द्वारा श्रीमती प्रभा सिंह, अरविन्द कुमार साहू एवं किशोर श्रीवास्तव को नकद राशि और स्मृति चिन्ह के साथ उनके विशिष्ट साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्र के योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

अंत में सभी प्रतिभागी सम्मेलन की मधुर यादों के साथ भाव विभोर होते हुए “ज़िन्दगी प्यार का गीत है और इंसान का इंसान से हो भाईचारा” का पैगाम लिए अपने अपने गंतव्य की और निकल पड़े। कुल मिलाकर हम सब साथ साथ का यह छठा सोशल मीडिया मैत्री सम्मेलन श्रीमती प्रभा सिंह एवं श्री किशोर श्रीवास्तव, गोवर्धन चौमाल, शत्रुधन कुंवर, आशा शर्मा एवं शशि श्रीवास्तव तथा उनकी समस्त टीम और प्रतिभागियों के अनुशासन पूर्ण सहयोग से अनेक मधुर और अविष्मरणीय यादों के साथ संपन्न हुआ। इस सम्मलेन की सबसे बड़ी खासियत यह भी रही कि चाहे परिचर्चा का सत्र रहा हो या कविता का अथवा संगीत का; सभी सत्रों में पंडाल श्रोताओं से खचाखच भरा रहा और ज़्यादातर श्रोता शुरू से लेकर अंत तक हर सत्र का आनंद उठाते रहे।

हम सब साथ साथ डेस्क
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