जश्ने फातहे खैबर पर हुई महफिल, शायरों ने पेश किया कलाम
| -Ramjee Jaiswal - Apr 12 2018 5:46PM

जौनपुर। हैदरी कमेटी के तत्वावधान में नगर के मोहल्ला उर्दू बाजार में स्थित इमाम बारगाह दलेल खां महरूम में मौलाये कायनात हजरत अली की पैदाइश व जश्न-ए-फातहे खैबर पर महफिल का आयोजन हुआ। इस मौके पर जनपद के अलावा गैर जनपद के शायरों ने अपना कलाम पढ़कर नजराने अकीदत पेश किया जिससे महफिल में उपस्थित लोग मंत्र-मुग्ध हो गये।

इसके पहले महफिल की शुरूआत तेलावते कलामे पाक काजिम अब्बास मुरादाबादी द्वारा की गयी जिसके बाद सबसे पहले हाफीज शफीक रजा जौनपुरी ने अपना कलाम पेश करते हुये कुछ यूं कहा कि- अब तक है याद सबको जमाना हुसैन का जिन्दा है करबला में घराना हुसैन का। इसके बाद मेंहदी शिराजी ने कहा कि- ये पूछना ही अबस है कि क्या हुसैन का है ये मुक्तसर के समझ लो खुदा हुसैन का है। तत्पश्चात अन्य शायरों ने मौला अली की मदहखानी में एक से एक बढ़कर शेर पढ़ा जिसको सुनकर उपस्थित लोग वाह-वाह करते रहे। अरमान बिस्वानी ने मिशाल देते हुये कहा कि महात्मा गांधी ने कहा कि अगर हुसैन जैसे 72 साथी हमारे साथ होते तो मैं देश 24 घण्टे के अन्दर बचा लेता।

इस अवसर पर मुस्ताक जौनपुरी, नजफी जौनपुरी, अमन, मोहम्मद जाफर, मासूम हुसैन, दिलशाद हुसैन, मुमताज हैदर, शमशीर हुसैन, रजा हैदर, लाडले हुसैन, इन्तेजार हुसैन, इमरान हैदर, रिजवान हैदर, समर हुसैन रिजवी, राकेश साहू, खलील हसन, मीर अली एहरान, मीर रियान अब्बास, सरदार हुसैन, तहसीन अब्बास, शकील अहमद सहित तमाम लोग रहे। कार्यक्रम का संचालन अरमान बिस्वानी ने किया।



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