ऐसे थे पंडित जवाहर लाल नेहरू
| Dr. S.K. Raina - May 28 2018 4:22PM

27 मई को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्य तिथि मनाई जाती है। उन्होंने निश्चित तौर पर अनेक सीमाओं के बावजूद नए भारत का निर्माण करने में सपनी महती भूमिका निभाई। वे स्वपद्रष्टा थे। कुछ पूरे हुए, कुछ नहीं हुए। इंदिरा गांधी तक नेहरू के यश और योगदान को जनता ने खूब याद रखा और कद्रदानी भी की।

बाद में इस वंश का परिवारवादी रवैया लोगों को भाया नहीं।इस में इस परिवार की कोई गलती नहीं है। गलती नेहरू/गांधी के नाम के पीछे अपनी रोटियां सेंकने वाले नेताओं की सत्तालोलुपता रही है।

आप देख रहे हैं बड़े बड़े और वयोवृद्घ कांग्रेसी भद्रजन नेहरू-गांधी परम्परा से जुड़े कल के एक युवा नेता के पीछे पीछे कदमताल कर रहे हैं। क्यों? क्योंकि इस नवोदित नेता में उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य दिखता है।

सत्ता की भूख देखिये एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी को अपने से छोटी एक क्षेत्रीय पार्टी से समझौता करना पड़ा और उनके नेता को मुख्यमंत्री स्वीकार करना पड़ा।नेहरूजी शायद अपनी पार्टी की ऐसी अवमानना/दुर्दशा सहन न करते।बात कर्नाटक के हालिया चुनावों की कर रहा हूँ।



Browse By Tags



Other News