अब अन्तिम संस्कार के लिए भी आधार कार्ड हुआ अनिवार्य
| Rainbow News - May 30 2018 5:31PM

मोक्षदायिनी काशी के बारे में मान्यता है कि यहां मृत्यु पाने वाले को सीधा स्वर्ग में वास मिलता है। इसलिए लोग दूर-दूर से यहां अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। इस बीच अब यहां पर अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है।

यहां के मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। काशी में यह व्यवस्था एनडीआरएफ के सहयोग से शुरू की गई है। शव वाहिनी की सुविधा उसे ही मिलेगी, जिसके पास मृतक से संबंधित पहचान पत्र मौजूद होगा।

पीएम मोदी ने बनारस में मणिकर्णिका घाट के विकास व शव यात्रियों की सुविधाओं को लेकर दिलचस्पी दिखाई थी। जिसको लेकर गुजरात की सामाजिक संस्था सुधांशु मेहता फाउंडेशन ने पहला शव वाहिनी स्टीमर 28 मार्च 2015 को मुफ्त उपलब्ध कराया था।

फाउंडेशन की ओर से वर्तमान में गंगा में चार शव वाहिनी स्टीमर की सुविधा दी गई है। बनारस में आस-पास के क्षेत्रों से भी लोग शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। फाउंडेशन ने पाया है कि कुछ लोग हत्या, दहेज हत्या आदि में हुई मौत के मामले में शव लेकर बनारस आकर अंतिम संस्कार करते हैं।

ऐसे ही एक मामले में जब शव वाहिनी के संचालकों ने जब मृतक के साथ आए लोगों से शव से संबंधित जानकारियां मांगनी शुरू की तो उन लोगों ने हंगामा किया था। जिसको लेकर यह नई व्यवस्था शुरू की है। बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद में अंतिम संस्कार के लिए आधार अनिवार्य हो चुका है।



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