किसान आंदोलन : राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में दूध बहाया गया
| Rainbow News - Jun 1 2018 4:04PM

मध्य प्रदेश के मंदसौर में हाई अलर्ट

भोपाल/चंडीगढ़/जयपुर। देशभर में आज से किसान 10 दिन के आंदोलन पर हैं। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में किसानों ने विरोध स्वरूप सड़कों पर दूध बहाया और सब्जियां फेंकीं। सुरक्षा के मद्देनजर मध्यप्रदेश के मंदसौर में हाई अलर्ट है। यहां 6 जून को राहुल गांधी किसान आंदोलन की बरसी पर आम सभा करेंगे। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा ने कहा कि आंदोलन को गांव-बंद का नाम दिया है। उन्होंने दावा किया कि देशभर के 130 किसान संगठन आंदोलन में शामिल हैं।

हरियाणा : सड़कों पर बहाया दूध और गिराई सब्जियां

हरियाणा के फतेहाबाद में किसानों ने मिल्क प्लांट के ट्रक को रोककर दूध सड़क पर गिरा दिया। जींद में मिल्क प्लांटों पर गांवों से दूध की आवाक कम रही। कैथल में किसानों ने सब्जियों को सड़क पर फेंकीं। सिरसा और दूसरे जिलों में भी आंदोलन का असर है।

महाराष्ट्र: कई जिलों में दूध की सप्लाई बाधित

महाराष्ट्र के सातारा, मनमाड़, अहमदनगर, पुणे, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, नासिक, जलगांव, परभणी, लातूर, नासिक और औरंगाबाद में किसानों ने प्रदर्शन किया।
पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर भी किसानों ने सड़कों दूध बहा दिया। कई जगहों पर किसानों ने सब्जियां फेंककर विरोध जताया। संगठनों ने किसानों से अपील की है कि फल, सब्जी, अनाज शहरों-गांवों में खरीद-बिक्री ना करें।

पंजाब: फरीदकोट में सब्जियां फेंकी, लुधियाना में दूध बहाया

फरीदकोट और लुधियान में सैकड़ों किसानों ने आंदोलन में हिस्सा लिया। फरीदकोट में सब्जियां फेंकी गईं और लुधियाना में दूध। किसानों ने कर्जमाफी और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है।

राजस्थान: कई शहरों में सुरक्षा बढ़ी

जयपुर, गंगानगर और दूसरे कई शहरों में किसानों ने प्रदर्शन किया। शाहपुरा में किसानों ने सब्जी और दूध सड़क फेंक दिया। कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंडियों और हाईवे पर भी फोर्स तैनात की गई है। इंटेलीजेंस एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।
राजस्थान सरकार ने गुरुवार को किसान कर्जमाफी की घोषणा की और बांसवाड़ा में इस मौके पर 250 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया गया। इस घोषणा का असर राज्य के30 लाख किसानों पर होगा।

मध्य प्रदेश: फिलहाल शांति, लेकिन अंशाति फैलने का बड़ा डर

राज्य में फिलहाल शांति है। हालांकि, मंडियों में बहुत कम किसान पहुंचे हैं। राज्य में फोर्स हाई अलर्ट पर है। राज्य में 11 जोन के आईजी को अतिरिक्त फोर्स दे दिया गया है। मंदसौर पुलिस ने 20 जोन में शहर को बांट दिया है। 100 जगह कैमरे लगाए गए हैं। मंदसौर, रतलाम, नीमच को जोड़ने वाले हाईवे को 10 सेक्टर में बांटकर फोर्स तैनात की गई है।

मंदसौर-नीमच के अलावा मालवा, बुंदेलखंड और महाकौशल के किसान बहुल जिलों में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर आदि जिलों में धारा 144 लागू है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। स्टेट और नेशनल हाइवे पर पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग की जा रही है।

इंटेलीजेंस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि आंदोलन के दौरान 6 जून को मंदसौर में तोड़फोड़ की आशंका है। ऐसे में प्रदेश की सीमाओं पर चेकिंग पाइंट लगा दिए है। मध्यप्रदेश को लेकर गृह मंत्रालय भी चिंतित है। यहां हालात बिगड़ने का अंदेशा इंटेलीजेंस एजेंसियों को है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार रात करीब 10 बजे प्रदेश के आला पुलिस अफसरों के साथ बैठक की। पुलिस अफसरों से कहा गया है कि किसानों को कोई तकलीफ न हो। इससे पहले मुख्य सचिव बीपी सिंह ने गुरुवार को 15 जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।

5 जून से जोर पकड़ सकता है आंदोलन

1 से 4 जून तक गांवों में युवाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरानी खेल गतिविधियां होंगी।
5 जून को धिक्कार दिवस मनाएंगे। गांवों में ही चौपालें होंगी, जिसमें किसान विरोधी फैसलों पर चर्चा की जाएगी।
6 जून को पिछले साल मारे गए किसानों को शहीद मानते हुए श्रद्धांजलि सभा होंगी।
8 जून को असहयोग दिवस मनाया जाएगा।
10 जून को भारत बंद रहेगा।

आंदोलन के पहले दिन प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के खेत की मिट्‌टी लेकर रतलाम पहुंचेगी। यह यात्रा 6 जून को मंदसौर पहुंचेगी। मंदसौर गोलीकांड वाली जगह पर ही राहुल गांधी 6 जून को रैली करेंगे। यहां 150 जवानों का सशस्त्र बल तैनात किया गया है। रैली के लिए राहुल पहले दोपहर 2 बजे आने वाले थे, अब वे 12 बजे ही मंदसौर पहुंच जाएंगे। इसी दिन हार्दिक पटेल भी मंदसौर पहुंचेंगे। किसानों ने ऐलान किया है कि आंदोलन में न तो दूध बेचेंगे और न ही फल-सब्जी मंडी में लाएंगे। प्रशासन ने दिल्ली जाने वाले दूध को मंदसौर में ही 10 दिनों के लिए रोका है। अलग से 60 टन पाउडर की भी व्यवस्था की है। रतलाम में भी 10 दिनों के लिए दूध का स्टॉक किया गया है। नीमच में पड़ोसी राज्य राजस्थान से दूध, फल-सब्जी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इंदौर, रतलाम, उज्जैन और मंदसौर में शुक्रवार को सब्जी मंडियों में आम दिनों की तरह सप्लाई हुई। रिटेल में भी सब्जियां बिकीं। दूध की सप्लाई भी सामान्य दिनों की तरह हुई। सिर्फ नीमच में बंद का आंशिक असर दिखाई दिया। जीरन में कुछ गांव से आने वाले दूध की सप्लाई नहीं हो पाई।

6 जून 2017 को हुआ था गोलीकांड

मंदसौर गोलीकांड 6 जून 2017 को हुआ था। भीड़ ने मंदसौर के पिपलिया मंडी थाने का घेराव और पथराव के साथ लोहे और लाठियों से तोड़फोड़ की थी। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने गोली चलाई थी, जिसमें 5 लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, एक शख्स पुलिस पिटाई के चलते मारा गया था।

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को हिंसक बनाना चाह रही है। उसके लिए लट्ठ खरीदे जा रहे हैं, किसानों से मुचलका भरवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुचलका सीएम शिवराज सिंह और उनके मंत्रियों को भरना चाहिए, क्योंकि सबसे बड़े अपराधी तो वही हैं। शर्मा ने व्यापारी वर्ग से किसानों के आंदोलन में सहयोग की अपील की है। उनका दावा है कि देशभर के 130 किसान संगठन इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसे "गांव-बंद" का नाम दिया है। फिलहाल, शहरों में नहीं जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को हिंसक बनाना चाह रही है। उसके लिए लट्ठ खरीदे जा रहे हैं, किसानों से मुचलका भरवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुचलका सीएम शिवराज सिंह और उनके मंत्रियों को भरना चाहिए, क्योंकि सबसे बड़े अपराधी तो वही हैं। शर्मा ने व्यापारी वर्ग से किसानों के आंदोलन में सहयोग की अपील की है। उनका दावा है कि देशभर के 130 किसान संगठन इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसे "गांव-बंद" का नाम दिया है। फिलहाल, शहरों में नहीं जा रहे हैं।



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