एटीएस अधिकारी राजेश साहनी की मौत पर मंडराते सवालों का जबाब कब ...?
| Rainbow News - Jun 4 2018 12:10PM

उत्तर प्रदेश सूबे की राजधानी लखनऊ में एटीएस के अधिकारी राजेश साहनी की कथित आत्महत्या के मामले की जांच प्रदेश सरकार ने सीबीआई से कराने के लिए गुरुवार को ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेज दिया था फिलहाल सप्ताह गुजरने को है कुछ भी साफ नहीं हो सका है कि साहनी की कथित आत्महत्या की बात जल्द इसलिए भी लोंगों के गले नहीं उतर रही है कि जिस एएसपी ने सूबे के कई जिलों में तैनात रहकर बड़े-बड़े अपराधियों व आतंकियों को अपनी कार्यशैली से दरबे में छुपने मजबूर कर दिया हो उसके सामने  ऐसी कौन सी मजबूरी आई कि वह उसका सामना नहीं कर सके और जिंदगी से हार मानकर मौत को गले लगा लिया।

सूत्रों की मानें तो विभागीय कुछ कर्मियों में दबी जबान यह भी चर्चा हुई कि आतंकियों की गर्दन दबोचने और और ईमानदार छवि के माने जाने वाले राजेश साहनी इन दिनों किसी खूंखार आतंकी के आका का नाम उजागर करने व उसे गिरफ्तार करने का मन बनाये हुए थे और उन पर आकाओं द्वारा दबाव भी बनाया जा रहा था हाला कि शक की सुई राजेश के उन केसेज की तरफ भी उठती है, जिनकी वर्तमान  में  जांच चल रही थी. सूत्र बताते हैं कि यूपी एटीएस ने अभी चंद दिनों पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ से रमेश नामक एक अपराधी को पकड़ा था, जिसपर आरोप था कि वो पाकिस्तान के लिए जासूसी करता है.

सूत्र बताते हैं कि इस  आरोपी ने कोर्ट मे बयान देकर एटीएस पर उसने फर्जी फंसाने का भी आरोप लगाया  था . कुछ लोग इस वजह से भी राजेश साहनी के तनाव मे होने का अनुमान लगा रहें हैं सूत्र ये भी कहते हैं कि राजेश के मोबाइल पर उनकी पत्नी और बेटी के भी एसएमएस मिले हैं. इनसे पता चलता है कि राजेश साहनी की परिवार में किसी बात को लेकर  बहस भी हुई थी. तो क्या कोई परिवार का विवाद राजेश साहनी की जान का दुश्मन बन बैठा या किसी साजिश के चलते उनकी मौत हुई सवाल उठना स्वाभाविक है ? जानकारी के मुताबिक, राजेश साहनी की बेटी का हाल ही में मुंबई के मशूहर टाटा इंस्टीट्यूट मे एडमीशन हुआ था. इसको लेकर वो बेहद खुश थे. इसके लिए 31 मई को वे मुंबई जाने वाले थे.

गौर तलब यह है कि राजेश साहनी द्वारा एटीएस कार्यालय में ही अपनी सर्विस रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की घटना मंगलवार को घटित होती है जब की वे सोमवार से ही अवकाश मंजूर करा चुके थे । अवकाश के बावजूद कार्यालय आकर आत्महत्या किए जाने की घटना से उनके मित्रों को संदेह होना लाजिमी था  यह भी आशंका जताई गयी कि घटना की वजह कहीं न कहीं कार्यालयीय परिस्थितियों में छिपी है। दूसरी तरफ कुछ पुलिस अधिकारी इसे आत्महत्या का मामला मानते हुए पारिवारिक विवाद को वजह मानते रहे । सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर छुट्टी पर होने के बावजूद राजेश साहनी अपने दफ्तर क्यों आये थे...? घर से शांत तरीके से आए राजेश साहनी के साथ अचानक आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपने ड्राईवर से सर्विस रिवॉल्वर मंगाकर गोली मार ली....? 

उनके जानने वाले बताते हैं कि वो बेहद सुलझे हुए इंसान थे. आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें अपनी कनपटी पर गोली दागकर आत्महत्या करनी पड़ी.....? क्या उन्हें कोई ऑफिशियल प्रॉब्लम थी....? या फिर घरेलू उलझन से वे लगातार जूझ रहे थे....? आखिरकार एटीएस के दफ्तर मे बगल के कमरे में राजेश साहनी के गोली मारने के बावजूद किसी को उसकी आवाज सुनाई क्यों नही दी......?  जिस कमरे मे राजेश ने गोली मारी उस कमरे मे दो दरवाजे हैं. सामने का दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन पीछे के दरवाजे पर बाहर सें कुंडी लगी हुई थी, जो कि आसानी से खुल गई. आखिर ऐसा कैसे....? एक गंभीर सवाल यह भी उठता है कि राजेश साहनी के गोली मारने को बारे मे पता चलते ही एटीएस के साथी उन्हें फौरन अस्पताल लेकर क्यों नहीं गए....? 

गोली लगने के बाद जांच के लिये प्राइवेट अस्पताल से डॉक्टर को क्यों बुलाया गया, जबकि लोहिया अस्पताल पास में ही है....?और तो और  राजेश साहनी की डेडबॉडी चार घंटे एटीएस के दफ्तर में ही क्यों पड़ी रही....? जिस ड्राईवर ने साहनी को रिवॉल्वर लाकर दी, उसे आखिर अधिकारी सामने क्यों नहीं ला रहें हैं.....? ऐसे दर्जनों सवाल हैं, जिनके जवाब अभी तक सामने नहीं आये हैं हाला कि जांच सीबीआई के द्वारा किये जाने के बाद राजेश साहनी की मौत के रहस्य का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है देखना यह है कि मौत की बजह जांचोपरांत कब और क्या सामने आती है... ?

-रिज़वान चंचल (वरिष्ठ पत्रकार), लखनऊ



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