बहुचर्चित आजम अंसारी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
| Rainbow News - Jun 7 2018 12:31PM

-अपमान का बदला लेने के लिए की गई थी हत्या

-दो महिला समेत चार को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मीरजापुर। जिले में फिल्मी कहानी की तरह एक युवक ने अपनी मां से हुई बेइज्जती का बदले लेने के लिए पहले दोस्ती की। फिर विश्वास जीतकर उसका जिगरी दोस्त बन गया और उसके घर का दूसरा बेटा बन गया। लेकिन, वह बदला लेना भूला नहीं और 10 साल बाद एक दिन उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। ये कहानी नहीं हकीकत है। दरअसल, पुलिस ने पिछले 40 दिनों से लापता कालीन व्यवसायी के सनसनीखेज अपहरण और हत्या कांड का खुलासा कर दिया है। 10 वर्ष पूर्व हुई मां के साथ मारपीट और अपमान का बदला लेने के लिए पड़ोसी नियाज ने पहले दोस्ती की फिर विश्वास में लेकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने कटरा कोतवाली के इमामबाड़ा के रहने वाले वाले बहुचर्चित आजम अंसारी हत्याकांड का आज खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार पिछले 24 अप्रैल 2018 को घर से लापता आजम कि हत्या उसी दिन पड़ोस के ही नियाज ने धोखे से अपने घर जमीन की खतौनी देने के बहाने बुला कर रुमाल से गला घोंटकर किया था। 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री के शहर में दौरे के मद्दे नजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। इसलिए उसने रात में शव को बोरे में भर कर मारुति में दो महिलाओं को बैठाया ताकि किसी को शक न हो।

शव को ठिकाने लगाने के लिए पहले वह गाड़ी लेकर वाराणसी गया। वहां पर शव को ठिकाने लगाने की कोई जगह नहीं मिली तो वापस इलाहाबाद निकल पड़ा। सैदाबाद में सुनसान अंधेरा इलाका मिलने पर उसने शव को वहीं फेका और वापस घर चला आया। आजम के लापता होने के बाद जब उसके घर वालो ने कटरा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई तो मामले में उस पर कोई शक न करे इसके लिए नियाज खुद ही पीड़ित परिवार के साथ मिल कर लापता आजम के बरामदगी के लिए धरना प्रदर्शन और पुलिस अधिकारियों के यहां पैरवी करने लगा। हालांकि मृतक आजम के मोबाइल डिटेल के आधार पर पुलिस को नियाज पर शक हुआ तो पुलिस इस संबंध में उससे पूछताछ करने के लिए कटरा कोतवाली बुलाई। पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया।

इस बीच नियाज पीड़ित परिवार की मदद का लगातार दिखावा करता रहा। चूकीं आजम की जमीन को लेकर रंजिश इलाके के एक भाजपा नेता पुत्र से चल रही थी। तो उसने पूरे मामले का रुख भाजपा नेता के पुत्र से चल रहे जमीनी विवाद से जोड़ने कि कोशिश शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार को लेकर भाजपा नेता पुत्र पर ही अपहरण का आरोप लगाने लगा। मामले में मोड़ तब आया जब सैदाबाद में मिले लावारिष शव के फोटो को इलाहाबाद पुलिस ने जनपद पुलिस को भेजा। जिले की पुलिस ने मृतक आजम के परिजनों को दिखाया तो उन्होंने उसकी शिनाख्त लापता आजम के रूप में किया। जिसके बाद पुलिस ने नियाज को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती के साथ पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

रिपोर्ट- सन्तोष देव गिरि



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