पशुपालक डेयरी व्यवसाय अपनाकर हों लाभान्वित
| Rainbow News - Jun 9 2018 4:50PM

पशुपालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है, ग्रामीण लोगो, नवयुवको में डेयरी व्यवसाय को अपनाने को दृष्टिगत रखते हुए नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र पाँती अंबेडकरनगर द्वारा 5-8 जून तक दुधारू पशु पालन विषय पर प्रशिक्षण टांडा विकासखंड के ममरेजपुर गाँव मे आयोजित किया गया।

जिसमें क्षेत्र के कुल 25 किसानों ने भाग लिया। केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रवि प्रकाश मौर्य ने कृषको को डेयरी व्यवसाय से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने की सलाह दी. पशुओं के गोबर, मूत्र से वर्मी कंपोस्ट, वर्मी वास,नाडेप, जीवामृत आदि  तैयार कर जैविक खेती करके  आय बढाने केसाथ साथ मृदा उर्बरता को बढाने पर बल दिया।।

पशुपालन वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण समन्वयक डा. विद्यासागर ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान अच्छे दुधारू नश्ले जैसे मुर्रा भैंस,गायो मे साहीवाल, सिंधी गिर होल्सटीन फ्रीजियन ,जर्सी को पालकर वं उचित  पोषण कर लाभकारी उत्पादन प्राप्त करने के विषय में विस्तार से चर्चा की। दूधारु पशुओ के उचित पोषण हेतु सुखे एवं हरे चारे के साथ साथ 1.6 किलोग्राम संतुलित दाना हमेशा देने की सलाह दी।

केंद्र के कृषि प्रसार व पशुपालन वैज्ञानिक डॉ जे.डी. वर्मा ने पशु प्रबंधन पर जानकारी दी । डा.प्रदीप कुमार ने पशुओं के संक्रामक रोगों से बचाव के साथ-साथ हर 4 माह के अंतराल पर की कृमि नाशक दवा पिलाने पर बल दिया।डा.विनय कुमार ने स्वचछ दुग्ध उत्पादन के तरीके बताये।

डा.शैलेन्द्र सिह  ने बरसीम, लोबिया, मक्का नेपियर , घास की उत्पादन तकनीक पर चर्चा की। किसानों को निशुल्क धान बीजउपलब्ध कराया गया। क्षेत्र के प्रविधिक सहायक विनोद कुमार ने सहयोग किया। ममरेजपुर गांव के कृषक रामलौट, राम चरण वर्मा के साथ साथ 25 पशुपालको एवं प्रगतिशील कृषको नेभाग लिया।



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