अकबरपुर शहर की नहीं बदली सूरत, बदल गया ई.ओ. सुरेश कुमार मौर्य का रवैय्या
| Rainbow News - Jun 18 2018 3:55PM

जल्द ही बदली-बदली नजर आएगी अकबरपुर शहर की सूरत- यह सुरेश कुमार मौर्या का कथन है, जो अब था हो गया है। जी हाँ- यह कथन बीते वर्ष अक्टूबर माह के अन्त में इनके द्वारा कहा गया था। क्षमा करिएगा......पहले यह तो जान लें कि सुरेश कुमार मौर्या हैं कौन.....? अकबरपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी हैं ये जनाब। इनकी नियुक्ति 1 जुलाई 2017 को हुई थी। एक संक्षिप्त मुलाकात कर इन्होंने बताया था कि जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर के मूल निवासी हैं। शिक्षा/दीक्षा इलाहाबाद में हुई है। सरकारी सेवा में रहते हुए इस समय वह अकबरपुर नगर पालिका परिषद में अधिशाषी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इनके द्वारा नगर पालिका अकबरपुर क्षेत्र अन्तर्गत नागरिकों को प्रदत्त की जाने वाली नगरीय सुविधाओं के बावत पूछा गया तो तब इन्होंने बड़े ही उत्साह से कहा था कि- वह नहीं उनका काम बोलता है। परिणाम यह होगा कि आपको जल्द ही बदली-बदली नजर आएगी अकबरपुर शहर की सूरत.............।

यहाँ बताना जरूरी है कि सुरेश कुमार मौर्य ने जब उक्त बातें कहीं थीं उस समय नगर पालिका परिषद भंग थी और नगर निकाय चुनाव आसन्न था। अब इस समय जबकि नपाप का गठन हुए 8 माह होने को है तब अकबरपुर नगर सरकार की कार्यशैली देखकर ऐसा कुछ भी नहीं परिलक्षित हो रहा है कि परिषद द्वारा कोई उत्कृष्ट कार्य कराया जा रहा हो, या फिर नगर पालिका प्रशासन के अधिशाषी अधिकारी एवं अन्य अहलकार कुछ नया कार्य कर रहे हों। काम के नाम पर सब कुछ ढाक के तीन पात.......।

अकबरपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी के स्वजातीय हमदर्द मित्रों का कहना है कि साहब का पूरा घराना राजनैतिक पहुँच का है और सूबे की सत्ता में उसका दखल भी है साथ ही नजदीकी पारिवारिक सदस्य कई उच्च ओहदों पर है। जिसकी वजह से ई.ओ. एस.के. मौर्या का आर्थिक/सामाजिक व राजनैतिक स्टेटस काफी ऊँचा है। इनका परिवार जौनपुर/इलाहाबाद के नामचीन घरानों में गिना जाता है।

शुरूआती दिनों में अकबरपुर में नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी के रूप में नियुक्ति उपरान्त सुरेश कुमार मौर्य लगभग सभी से सलीके से पेश आते थे, परन्तु ज्यों-ज्यों यहाँ उनका समय बीतने लगा त्यों-त्यों उनके मिजाज में तब्दीली आने लगी। अब जब भी कोई उनसे यह समझकर बात करता है कि वह एक भद्र व्यक्ति से बात कर रहा है तो उसकी यह सोच धरी की धरी रह जाती है, क्योंकि ई.ओ. मौर्य उसे अनापेक्षित उत्तर देते हैं। मसलन- नगर क्षेत्र में जलापूर्ति, पथ प्रकाश, साफ-सफाई व्यवस्था से सम्बन्धित कोई शिकायत या जानकारी देता है तो ई.ओ. भड़क जाते हैं और उनका कहना होता है कि पहले प्राथमिकी दर्ज कराओ फिर कुछ हो पाएगा। यह सुनकर बड़ा आश्चर्य होता है कि जो कार्य इनके स्तर का है उसके लिए थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की क्या आवश्यकता.......?

चौंकिए मत.......थाना और प्राथमिकी का जिक्र क्यों हुआ उसके बारे में आपको बताते हैं- एक बार स्ट्रीट लाइन गड़बड़ी के चलते उतार ली गई थी, यह मामला वार्ड नम्बर 11 की उसरहवा कॉलोनी का है। इससे रात के समय अंधेरा छाया रहता था। कई महिलाएँ व बुजुर्ग अंधेरे में लड़खड़ा कर गिर चुके थे। जब इसकी जानकारी अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य को दी गई तो उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट चोरी की एक प्राथमिकी थाने में दर्ज कराओ और उसकी कॉपी नपाप कार्यालय में दो तब उस पर विचारोपरान्त कार्रवाई की जाएगी। पथ प्रकाश के लिए नगर जनों को एक स्ट्रीट लाइट हेतु इतनी लम्बी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा यह पहली बार ई.ओ. के उक्त कथन से पता चला। बहरहाल जब उक्त स्ट्रीट लाइट के बारे में नपाप के अन्य सम्बन्धित ओहदेदारों से बात की गई तो स्ट्रीट लाइट/लैम्प पोस्ट बगैर किसी नुक्ता-चीनी के लाकर लगा दिया गया।

अभी गत दिवस की बात है। वार्ड नम्बर 11 में एक हफ्ते से चलने वाले अंधा कुप्प (ब्लैक आउट) की सूचना देते हुए ई.ओ. से अपेक्षा की गई कि यथा सम्भव, यथा शीघ्र वह सम्बन्धित कर्मचारी को निर्देशित कर उक्त मोहल्ले में पथ प्रकाश व्यवस्था दुरूस्त कराएँगे तो उनका जवाब था कि- इस समय रात है? कौन जाएगा ठीक करने? दिन में आवेदन-पत्र दो तब समस्या देखी जाएगी। अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य का इस तरह का रवैय्या और उनका दो टूक जवाब सुनकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि क्या ये वही ई.ओ. हैं जो कभी बड़े सहज अन्दाज में हर बात का जवाब दिया करते थे और हर समस्या का यथा सम्भव समाधान करने का दावा किया करते थे।

यहाँ रेनबोन्यूज मात्र ई.ओ. नगर पालिका अकबरपुर सुरेश कुमार मौर्य के बदले हुए एटीट्यूट का अतिसंक्षिप्त विवरण ही प्रस्तुत कर रहा है। नगरीय विकास हेतु आने वाले सरकारी धन (फण्ड) और निर्माण कार्यों में लाखों/करोड़ों की कमीशनखोरी से सम्बन्धित बातों का जिक्र नहीं किया जा रहा है। तथ्यों के मिलने और सम्पूर्ण जानकारी का संकलन करने के उपरान्त विस्तार में उसका प्रकाशित बाद में किया जाएगा। अब तक नई नगरीय सरकार गठन उपरान्त होने वाली विभिन्न प्रकार की वित्तीय व निर्माण सम्बन्धी अनियमितताओं की चर्चा नहीं की जा रही है। मीडिया मैनेज कर लूट-खसोट में संलिप्त जनता के धन की आपसी बांट कर तिजोरियाँ भरने वाले नगर पालिका अकबरपुर के समस्त ओहदेदारों की करतूतें आवश्यकता पड़ने पर रेनबोन्यूज भविष्य में विस्तार से और क्रमशः निष्पक्ष ढंग से प्रकाशित करेगा।



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