बहुत सरल और समझ में आने वाला धर्म है मजहब-ए-इस्लाम
| -Ali Askari Naqvi - Jun 19 2018 11:47AM

अम्बेडकरनगर। अकबरपुर विकास खंड अंतर्गत मौजा कालेपुर में मरहूम जुम्मन खां के 40वें की मजलिस हुई, जिसे जाकिर-ए-अहलेबैत मौलाना जफर अली व मौलाना सुल्तान अब्बास ने खेताब किया।

मौलाना द्वय ने कहा मजहब-ए-इस्लाम बहुत सरल और समझ में आने वाला धर्म है, बस आवश्यकता है उस पर ईमानदारी से अमल करने की। मौलाना जफर अली ने पहली मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि अल्लाह तआला ने नेकी और बदी के बारे में पवित्र कुरआन में स्पष्ट कर दिया है। अब यह हम सब पर निर्भर है की सन्मार्ग अपनाकर स्वर्ग को अपनाएं अथवा बुरे कर्मों के आधार पर नर्क के भागीदार बनें।

दूसरी मजलिस पढ़ते हुए मौलाना सुल्तान अब्बास ने कहा कि इंसानों की हिदायत के लिए परवरदिगार ने हर जमाने में नबियों को संसार में भेजा। अंततः यह क्रम पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेही वसल्लम पर आकर खत्म हो गया। उन्होंने आगे कहा कि संसार में अनेक बादशाह गुजरे हैं जिन्होंने इंसानों को गुलाम बना कर राज किया। किंतु गुलामों को इंसान बनाकर दिलों पर राज करने वाले कोई है तो वह हैं सरवर-ए-कायनात।

उक्त अवसर पर तौकीर हुसैन जैदी, मोहम्मद अस्करी नकवी, ख्वाजा शफाअत हुसैन, मौलाना मोहम्मद अली गौहर, मेहदी रजा, दिलावर हुसैन, मेहदी हसन, तफसीर हुसैन, तस्वीर हुसैन, हसन रजा, नौशाद हुसैन, अजहर अब्बास भोलू व अन्य लोग मौजूद थे।



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