काव्य-संग्रह 'चाहतों के साये में' का लोकार्पण
| Rainbow News - Jun 21 2018 1:03PM

नई दिल्ली। काठमांडू नेपाल केप्रख्यात कवि साहित्यकार बसन्त चौधरी के काव्य -संग्रह 'चाहतों केसाये में' का लोकार्पण टाइम्स ग्रुप द्वारा कल शाम होटलहयात रेजेन्सी,नई दिल्ली में देश केवरिष्ठ साहित्यकारों की विशेष उपस्थति में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि फ़िल्मगीतकार समीर अंजान,ग़ज़लकार बाल स्वरूप राही, रमेश चंद्रपोखरियाल 'निशंक'(पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड) एवम टाइम्सग्रुप से सब एडिटर गौरी रहीं ।विशेष सान्निध्य डॉ मधुप मोहता,डॉ रमा पांडे,एवं शायरदीक्षित दनकौरी का रहा।समीर अंजान ने अपने वक्तव्य में कहा -

'कुछ लोग सोच कर लिखते हैं और कुछ जी कर लिखतेहैं बसंत जी ने अपनी कविता को जी कर लिखा है ,यह किताब एककाव्यात्मक दस्तावेज की तरह है। बसन्त जी की कविताओं में फिल्मी गीतों का रंग भीदिखाई पड़ता है, ऐसा लगता है कि बसन्त जी ने ज़िन्दगी को बहुतक़रीब से देखा है। देश के वरिष्ठ साहित्यकार श्री बाल स्वरूप 'राही' ने कहा किबसंत जी ने अपनी कविताओं में मुख्यतःएक ही विषय चुना है और वह हैं प्रेम, जिनकी एक-एकपंक्ति में प्रेम साकार हो गया है, एक और जहाँ सारे जहां से प्रेम विलुप्त होरहा है समाप्त हो रहा है दूसरी और बसन्त जी की कविताएं गीत प्रेम को सजीव कर रहे हैं, एक नई दिशा दे रहे हैं।

रमेश चंद्र पोखरियाल 'निशंक' (पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड) ने अपनेवक्तव्य में कहा, जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में संघर्ष करतेहुए जमीन से जुड़े हुए रहकर अपनी हिम्मत के ज़रिये आसमान की बुलन्दियों को छुआ उनकानाम है बसन्त चौधरी । हम हिंदुस्तान में रहते हुए हिंदी को सम्मान नहीं दे पा रहेकिन्तु बसन्त जी ने नेपाल की धरती पर हिंदी के लिए बहुत काम किया है, हिंदी कोसम्मान दिया है इसकी संवेदना का मान रक्खा है, हिन्दुस्तानआपका ह्रदय से स्वागत करता है। पुस्तक के संपादक दीक्षित दनकौरी का धन्यवाद करतेहुए डॉ रमा वर्मा ने कहा कि दीक्षित जी ने उन्हें इस खूबसूरत शाम से जोड़ा ।रमा जीने कहा -"भारत का समीर और नेपाल का बसन्त जब एक साथ हों तो कहने हीक्या"। कार्यकर्म के अंत में बंसतचौधरी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

-लाल बिहारीलाल



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