उत्तराखंड की बेटी सुचिता सती ने रचा इतिहास
| -Dr. Brijesh Sati - Jun 29 2018 12:05PM

दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रे, खारदुंग ला टाप पर पहुंची बाईक से

विश्व के सबसे ऊचाई में स्थित दर्रे (पास) पर सबसे कम उम्र में मोटर बाईक चलाकर उत्तराखंड की बेटी ने रिकार्ड बनाया। जोशीमठ ब्लाक की सुचिता सती ने 19 साल की उम्र में यह कामयावी हासिल की। इससे पहले यह रिकार्ड दिल्ली की रिया के नाम दर्ज है। खरडुंग ला पास समुद्र की गहराई से 18,380 पफीट की ऊंचाई पर स्थित मोटर मार्ग है।

डी.ए.वी. पी.जी. कालेज की बीकाम पहले साल की छात्रा सुचिता ने 14 साल की उम्र से बाईक चलाना शुरू किया। शैकिया तौर पर शुरूआती दौर में साथियों के साथ आस पास बाइ्रक चलाई। इसके बाद चमोली जिले के औली, उत्तरकाशी में हर्षिल,हिमाचल में र्ध्मशाला में बाईक चलाई। इस सपफर को आगे बढाने में इस साल तब नया मोढ आया जब देहरादून की

आईएस एकादमी ने सुचिता को इस चैलेज को पूरा करने के लिये सहयोग किया। 10 जून से इस रोमांचक सपफर की शुरूआत हुई। प्रतिदिन 350 से 400 किलो मीटर की दूरी तय की। रोमाच और खतरों से भरपूर इस यात्रा में कई मौके ऐसे भी आये जब हालात विपरीत थे। लेकिन इस्पाती इरादों से लवरेज उत्तराखंड की बेटी ने ढृढ इच्छा शक्ति से मुश्किल काम को आसान कर दिया।

19 साल की सुचिता को यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। सबसे बडी समस्या संसाधन जुटाने की थी। इसके अलावा पुरूष प्रधन समाज में लडकी होकर बाईक चलाने का शौक। ये सब कुछ उसके सफर में अवरोध थे। लेकिन इस सब की परवाह किये बिना अपने लक्ष्य को पाने के लिये जुटी रही। विश्व के सबसे ऊंचाई पर स्थित मोटरवल सडक पर बाइक चलाने के पीछे की प्रेरणा सोत्र आइएस एकादमी के दिनेश रावत हैं। उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया बल्कि हर मोर्चे पर आने वाली बाधा को भी पार करवाया।

आइएस अकादमी की पहल पर इस सफर का अगाज 10 जून को हुई। 11 बाइक सवारों में सुचिता इकलौती लडकी थी। उम्र में भी वो सबसे कम थी। 12 दिनों तक लगातार साढे तीन सौ से चार सौ किलो मीटर बाइक चलाई। युवा बाईकर सुचिता ने अपने अनुभवों के बारे में बताया कि पहाड से देहरादून आने पर दस साल की उम्र में पहली बार साईकिल देखी। इसके बाद बाईक चलाने की धुन सवार हुई। शुरूआती दौर में कुछ दिक्कतें हुयी, लेकिन बाद में सब सामान्य हो गया। खारडुंग लस टाप पर बाइक चलाने क बारे में सबसे पहले पिछले साल सोचा।

आइएस अकादमी

यह अकादमी साहसिक खेलों को बढावा देने के साथ ही अन्य गतिविधियां भी संचालित करती है। 

बाइक के अलावा अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय है सुचिता

खारदुंग ला टाप पर बाइक पहुंचाकर विश्व रिकार्ड बनाने वाली सुचिता ट्रैकिंग व माउंटिपियरिंग की भी शौकिन है। बदरीनाथ सतो पंथ, औली कुंवारी पास ट्रैक कर चुकी हैं। अभी हाल ही में सुचिता ने फ्रैंच गु्रप के साथ चम्बंग पीक के बेस कैंप तक ट्रैकिंग की। सुचिता नीम से एडवांस कोर्स कर पर्वतारोहण मे भी हाथ अजमाना चाहती है। सुचिता क्रिकेट भी खिलाी रही है।



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