वरिष्ठ साहित्यकार डा. प्रमोद वाचस्पति के पिता की मनायी गयी 26वीं पुण्यतिथि
| -Ramjee Jaiswal - Jul 11 2018 12:07PM

जौनपुर। आइडियल जनर्लिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डा. प्रमोद वाचस्पति के पिता डा. तारकनाथ की 26वीं पुण्यतिथि मनायी गयी। डा. वाचस्पति के औषधि निर्माण संस्थान बाम्बे लैब्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में साहित्यिक संस्था कोशिश द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं वरिष्ठ कवि डा. पीसी विश्वकर्मा ‘प्रेम जौनपुरी’ व संचालन डा. अशोक मिश्र ने किया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्व. तारकनाथ के चित्र पर उपस्थिति अतिथियों एवं कवियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दिया। साथ ही मुख्य अतिथि डा. विश्वकर्मा ने उनको एक कुशल चिकित्सक व महान समाजसेवी बताया। साथ ही कहा कि वे मृदुभाषी, हंसमुख व सफल व्यक्तित्व के धनी थे। विशिष्ट अतिथि बीएचयू के प्रोफेसर डा. आरएन सिंह एवं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सुनील विक्रम सिंह रहे जिन्होंने उन्हें महान आयुर्वेदाचार्य एवं कर्मठ पुरूष बताया।

कार्यक्रम आयोजक डा. प्रमोद वाचस्पति ने अपने पिता के बारे में चर्चा किया। साथ ही निम्न पंक्तियां पढ़ीं- माता-पिता की बात कभी भी न टालना, दुख और गमों का बोझ भी उनपे न डालना। बचपन में अंगुली थाम चलना तुमको सिखाया, आये जो  बुढ़ापा तो उन्हे तुम संभालना। कुछ मांगना है गर तो उसी रब से मांगिये, फैला के अपने हाथ नहीं सबसे मांगिये। दुनिया की सारी नेमतें मिल जायं खुद-ब-खुद, बस एक दुआ मां बाप के लब  से मांगिये।

तत्पश्चात उपस्थित कवियों एवं शायरों ने अपनी कविताओं के माध्यम से पूरे समा को बांधने का प्रयास किया। इस अवसर पर कवि गिरीश कुमार गिरीश, ओपी खरे, सभाजीत दिवेदी प्रखर, रामजीत मिश्र, आसिफ फर्रुखाबादी, डा. मसीहा जौनपुरी, आलोक रंजन सिन्हा, जनार्दन प्रसाद अस्थाना, आकिल जौनपुरी, अहमद निसार, श्रीमती जानवी सिंह, असीम मछलीशहरी, मोनिस जौनपुरी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। अन्त में डा. प्रमोद वाचस्पति ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।



Browse By Tags



Other News