अम्बेडकरनगर में पोर्नोग्राफी का धन्धा तेज, फैल रहा है नीले फीते का जहर
| Rainbow News - Jul 11 2018 5:18PM

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में पोर्नोग्राफी का व्यवसाय तेजी से फल-फूल रहा है। लगभग हर हाथ में ब्लू फिल्म व पॉर्न फिल्में देखने के उपकरण यानि स्मार्ट फोन आसानी से देखे जा सकते हैं। युवा पीढ़ी और कामातुर व वासना की उत्तेजना को चरम पर पहुँचाने वाले शौकीन लोग स्मार्ट फोन पर इन्टरनेट की उपयोगिता को सार्थक करते हुए इस तरह के सेक्सी वीडियोज डाउनलोड करने के साथ ही पोर्न वीडियो बनाने और उसकी बिक्री का काम भी कर रहे हैं।

यहाँ तो यह भी खबरें आ रही हैं कि कई होटल/लाजों, निजी महाविद्यालयों व रिहायशी कॉलोनियों में स्थित किराये के मकानों के अलावा कुछ विभागीय कार्यालयों में कार्यावधि समाप्ति उपरान्त पॉर्न वीडियोज बनाये जाने का धन्धा चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस तरह के गन्दे कार्य में उम्र दराज लोगों के अलावा युवा वर्गीय लोग, स्कूल कॉलेज के छात्र/छात्राएँ, होटल/लाज संचालक/निजी व सरकारी विभागीय कार्यालयों के कर्मचारी संलिप्त हैं।

कहा जा रहा है कि कुछ महत्वाकांक्षी व शौकीन युवक/युवतियाँ, महिला/पुरूष अपनी शौक व जरूरतों को पूरा करने के लिए इस कार्य में लगे हुए हैं। इससे होने वाली कमाई का उपयोग वे लोग अपने उदरपूर्ति के साथ ही जिह्वा स्वाद व अन्य शौक-श्रृंगार के लिए करते हैं। पोर्नोग्राफी जैसे अक्षम्य अपराध में युवा पीढ़ी के युवक और युवतियाँ धंसते चले जा रहे हैं इनके बारे में बताया जाता है कि ये लोग ऐसे घर/परिवार से होते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति उतनी मजबूत नहीं होती जितनी कि इनके शौक-श्रृंगार, व्यसन व ठाट-बाट के लिए अपेक्षित होती है।

पोर्नोग्राफी जैसा कार्य/व्यवसाय करके रातों-रात पैसे वाला बनने की होड़ में ये लोग ऐसे दलदल में फंसते जा रहे हैं जिससे बाहर निकल पाना काफी मुश्किल है। ऐसे युवक-युवतियों में स्कूल/कॉलेज के छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक बताई जा रही है। एक तरह से यदि यह कहा जाए कि यहाँ पोर्नोग्राफी के साथ ही देहव्यापार का धन्धा तेजी से फल-फूल रहा है तो कतई गलत नहीं होगा। चर्चा तो यहाँ तक है कि इस कार्य को अंजाम देने वाले तत्वों द्वारा मीडिया का लबादा ओढ़ा गया है।

ऐसा करके ये लोग पुलिस व प्रशासन में अपनी पैठ बनाते हैं जिससे इनके इस अक्षम्य अपराध पर पर्दा पड़ा रहे। ये लोग छोटे कैमर और अच्छे क्वालिटी के स्मार्टफोन जिसमें असीमित अवधि का इन्टरनेट पैक होता है का इस्तेमाल पोर्न वीडियोज बनाने में करते हैं।

बीते वर्ष पोर्नोग्राफी से सम्बन्धित प्रकाशित एक रिपोर्ट में दिए गए आकड़ों के मुताबिक चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित सवाल व सामाग्री रोजाना इंटरनेट पर 1,16000 बार सर्च की जाती है। यह आकड़े खुद इंडियन साइबर आर्मी के द्वारा जारी किए गए है। लाख कार्रवाईयों और रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के बाद भी भारत चाइल्ड पोर्नोग्राफी,संबंधित आपत्तिजनक सामग्री  के उत्पादकों में भी काफी आगे है।

रिपोर्ट के मुताबिक केरल में हर 40 मिनट के बाद ऐसे कंटेंट इंटरनेट पर अपलोड किए जाते है, हरियाणा पोर्नोग्राफी देखने में अव्वल है और जो भी कंटेट साइट पर अपलो़ड होते हैं उनसे से 35-38 फीसदी कंटेट चाइल्ड पोर्नोग्राफी से ही संबंधित होते है। यही नहीं इन कंटेट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले की-वर्डस भी स्कूल गर्ल्स, टीन्स और देसी गर्ल जैसे होते हैं जिन्हें अधिकतर सर्च किया जाता है। हर सेकेंड 380 लोगों द्वारा सर्च इंजन पर adult सर्च किया जाता है। यह बात भी सामने आई है कि इस तरह के कंटेंट अधिकतर मोबाईल फोन से सर्च किए जाते हैं।

कुछ भी हो डाउनलोडिंग व क्लिकिंग में देश के अन्य प्रान्त आगे हो सकते हैं लेकिन पोर्न वीडियोग्राफी के मामले में उत्तर प्रदेश का अम्बेडकरनगर जिला अव्वल कहा जा सकता है।

पोर्न क्या होता है?

उलझनों को दूर करने के लिए सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि आखिर ये पोर्न होता क्या है. अंजाने में कुछ गलत न हो जाए इसलिए सबसे पहले अश्लीलता होता क्या है, यह जान लें. समय-समय पर अश्लीलता की परिभाषा बदलती रहती है, और हमारे कानून में अश्लीलता पर कोई फिक्स पैमाना अभी निश्चित नहीं है. फिरभी मोटे तौर पर यह समझ लीजिये कि जिस चीज से किसी को सेक्सुअल उत्तेजना हो, उसे पोर्न या अश्लीलता कहते है. सेक्सुअली उत्तेजित करने वाली कोई भी वीडियो, फोटोग्राफ या लेखन अश्लीलता के अंतर्गत आते हैं.



Browse By Tags



Other News