मानवजाति के लिए मील का पत्थर है कर्बला : मौलाना अजमेरी
| -Ali Askari Naqvi - Jul 23 2018 3:11PM

अंबेडकरनगर। यह इमामबारगाह, यह फर्शे अजा हम सब के लिए किसी विश्व विद्यालय से कम नहीं। यहां जिंदगी गुजारने का सलीका और वतन की आन, बान, शान हेतु मरने का पाठ पढ़ाया जाता है। यह एक ऐसा केंद्र बिन्दु है जहां से अत्याचार, आतंकवाद के मुकाबले तन कर खड़े होने और अम्न व शान्ति का सन्देश प्रसारित होता है। उक्त विचार मौलाना सैयद गुलजार हुसैन जाफरी अजमेरी ने बारगाहे हुसैनिया ताजपुर में व्यक्त किया।

अल-ईमाम चैरिटेबल फाउंडेशन के चेयरमैन ख्वाजा शफात हुसैन एडवोकेट क चाचा मरहूम ख्वाजा अली अस्करी करबलाई के पुण्य हेतु आयोजित मजलिस कार्यक्रम में बोलते हुए मौलाना गुलजार जाफरी ने कहा कि जंगे कर्बला यदि राजपाट अथवा शक्ति प्रदर्शन के लिए होती तो हजरत इमाम हुसैन अपने साथ परिवार की महिलाओं तथा कमसिन बच्चों को हरगिज न ले जाते। नाना के प्रिय दीन इस्लाम की हिफाजत, कोई भी मूल्य चुका कर करना इमाम हुसैन का एकमात्र उद्देश्य था।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे अभियान में हक व बातिल के हिमायती चेहरे सामने आ गये। मौलाना ने अंत में कहा कि कर्बला वालों ने जो आदर्श प्रस्तुत किए हैं, वह संपूर्ण मानवजाति के लिए मील का पत्थर है। कार्यक्रम में शायरे अहलेबैत जफर आजमी, मुजीब सिद्दीकी गोंडवी, इर्शाद लोरपुरी, मीसम अली अकबरपुरी, कुमैल जलालपुरी तथा हिफाजत हुसैन जलालपुरी आदि ने कलाम प्रस्तुत किया। संचालन मौलाना सैयद हुसैन बलरापुरी ने किया।

कार्यक्रम में जफर जैदी, पूर्व प्रधान ख्वाजा दबीर मेहदी, मसूद अख्तर, तफसीर हुसैन, मौलाना सना अब्बास, मौलाना मनाजिर हुसैन खान, मौलाना कैसर अब्बास, मौलाना कमर आब्दी, मौलाना शहनवाज हैदर जैदी, कमर आगा, दिलवर अब्बास, मोनू, ख्वाजा जीशान हैदर, मेहदी रजा, इम्तियाज हुसैन, ख्वाजा अली हुसैन, डॉ. साबिर हुसैन, शन्ने हैदरी, रश्शू खान सहित बड़ी संख्या में अजादार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मौलाना सैयद महताब हुसैन बलरामपुरी ने किया। अंत में ख्वाजा शफात हुसैन एडवोकेट ने आगन्तुकों के प्रति आभार जताया।



Browse By Tags



Other News