बिहार शरीफ : सबकी मुरादें पूरी होती हैं बाबा मणिराम के दरबार में
| -Sanjay Kumar - Jul 27 2018 4:11PM

बिहार शरीफ। आषाढ़ पूर्णिमा से शुरु होने वाला प्रसिद्ध लंगोट अर्पण मेला की शुरुआत आज से हो रही है।। इस मेले में प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं तथा संत शिरोमणि बाबा मणिराम जी का आर्शीवाद लेते हैं। बताया जाता है कि 1248 ई. में बाबा का आगमन शहर के दक्षिणी छोर पर अवस्थित पिसत्ता घाट पर हुआ था। जो आज मणिराम का अखाड़ा के नाम से प्रसिद्ध है। यहां बाबा का जीवित समाधी स्थल है।

आज यह दर्शनीय स्थल मनोकामना मंदिर के रुप में मौजूद है। बाबा के समाधि स्थल पर लंगोट चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है। यहां सभी धर्मों के लोग माथा टेकने आते हैं। जो भी यहां सच्चे दिल से मांगता है उसकी मुराद जरुर पूरी होती है। इस स्थल पर देवी देवताओं की प्राचीन मूर्तियों के साथ कई प्राचीन मंदिर भी हैं। इस परिसर में बाबा ने अपने उपदेश(स्वस्थ मन के लिए स्वस्थ तन) के प्रचार प्रसार हेतु कुश्ती के अखाड़ा का निर्माण कराया था। बाबा 1300 ई में जीवित समाधिस्थ हुए थे।

बाबा के दर पर लंगोट चढ़ाकर मनोकामना मांगने वालों में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी, स्व. राजीव गांधी, श्री अटल बिहारी बाजपेयी, लालकृष्ण आडवानी सहित कई गणमान्य शामिल हैं। इस मंदिर में न्यास समित द्वारा 2012 में अखंड ज्योति की स्थापना की गयी थी जो आज तक प्रज्जवलित है। बाबा मणिराम अखाड़ा की देखभाल मणिराम अखाड़ा न्यास समिति करता है। इसके पदेन अध्यक्ष अनुमंडलाधिकारी होते हैं। हर साल समिति मंदिर की साज सज्जा के साथ साथ नये निर्माण भी कराता है। साथ ही मेले में आये श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी ख्याल रखता है।

समिति के सचिव अमरकांत भारती ने बताया कि इस वर्ष पूरे मंदिर का नये ढंग से रंग रोगन किया गया है। मेले में आने वालों लोगों के लिए लाइट, पानी व ठहरने का भी इंतजाम है। नगर निगम की तरफ से रास्ते में लाइट लगाई लगायी गयी है साथ सफाई का भी इंतजाम किया गया है। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गयी है साथ प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल टीम भी मौजूद है।

श्री भारती ने प्रशासन से व्यायामशाला का निर्माण करने व पर्यटन मानचित्र पर इसे शामिल करने की मांग की है। मेले में आने वाले हर उम्र के लोगों के लिए मनोरंजन का इंतजाम है। बच्चों के लिए जहां ड्रैगन झुला, ब्रेक डांस झुला, टावर झूले आदि का इंतजाम है। वहीं महिलाओं के लिए श्रंृगार की ढेर सारी दुकाने खुली हैं। साथ ही चाट पकौड़े की दुकान के अलावा तरह-तरह के खाने पीने की चीजें भी मेले में मिलेगी।

Report- संजय कुमार



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