भोजपुरी तिमाही ई-पत्रिका "सिरिजन" का लोकार्पण
| -Lal Bihari Lal - Jul 31 2018 4:47PM

गाजियाबाद। रोज़ी-रोटी के चलते अपनों, परिजनों और जड़ों (जमीन) से दूर होना मजबूरी है। इस कारण आज राष्ट्रभाषा की जननी अन्य क्षेत्रीय भाषायें हाशिये पर हैं। यही हाल मिट्टी से उपजी और इसी में पली बढ़ी भोजपुरी के साथ भी हुआ। जो पढ़ने के क़ाबिल थे, उन्होंने इससे दूरी बना ली, लिखने वाला भी लिखे तो किसके लिए लिखे और क्यों लिखे? इसी अनदेखी ने लोकगीत, लोकसंगीत, लोक साहित्य में धनी भाषा भोजपुरी को हाशिये पर ढकेल दिया।

इस कमी को दूर करने के लिएकई संस्थाये और पत्र पत्रिकायें आगे आ रही है। इसी कड़ी में एक नई तिमाहीई-पत्रिका "सिरिजन" का प्रकाशन करने का निर्णय लिया गया। जिसके प्रवेशांक का लोकार्पण देश के विभिन्न हिस्सों में एकसाथ 29 जुलाई 2018 को कियागया। पाठकों के लिए यह पत्रिका www.sirijan.com पर उपलब्ध है। दिल्ली एन.सी.आर की कड़ी में जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया की तरफ से बृज बिहारगाजियाबाद में पूर्वांचल समाज, बृज बिहार, गाजियाबाद के सहयोग से लोकार्पण एवं काव्यगोष्ठीका आयोजन भी हुआ।

इस पत्रिका के उप-सम्पादक एवं वरिष्ठ सदस्य श्री तारकेश्वर राय, ब्यूरो चीफ एवं संस्थापक सदस्य श्री संजय कुमार ओझा, दिल्ली एनसीआर प्रतिनिधि श्री राम प्रकाश तिवारी, योगगुरू शशि प्रकाश तिवारी एवं पूर्वांचल समाज के वरिष्ठसदस्य श्री जगदीश्वर राय, समाज के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के हाथोंपत्रिका का लोकार्पण हुआ। इस कवि गोष्ठी में दर्जनों कवियों ने कविता पाठ किया जिसका श्रोताओं ने करतल ध्वनि से इसका स्वागत किया।

-लाल बिहारी, सचिव- लालकला मंच, नई दिल्ली



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