हिन्‍दू वोट बैंक को मजबूत करने के लिए मंदिरों और आश्रमों का डेटा इकट्ठा कर रही बीजेपी
| Agency - Aug 6 2018 2:41PM

2019 के लोकसभा चुनाव में भले ही अभी समय बचा हो, लेकिन सभी राजनैतिक दल चुनाव की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। इस बीच बीजेपी ने अपने हिंदू वोट बैंक को मजबूत करने के लिए यूपी में धार्मिक स्थलों के डेटा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। बता दें कि इसमें बूथ लेवल पर मठ, मंदिरों और आश्रम का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसके अलावा भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में जाति और धार्मिक समीकरणों की रणनीति बनाने के लिए अनुसूचित जाति (एससी) और ओबीसी आबादी पर भी काम कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा की राज्य ईकाई ने बूथ लेवल के 1.4 लाख इंचार्ज को ‘समर्थक फॉर्म’ भेजा है और धार्मिक स्थानों की जानकारी मांगी है। उनके नाम मांगे हैं। धार्मिक स्थल कहां है, ये भी पूछा गया है। धार्मिक स्थलों के पुजारियों के नाम और उनके मोबाइल नंबर भी मांगे गए हैं। अगर खबरों की मानें तो पार्टी का मकसद धार्मिक स्थलों के प्रमुखों के जरिए उनके समर्थकों तक पहुंचना है।

बूथ स्तर पर पार्टी नेताओं द्वारा मांगी गई जानकारी में इलाके के एससी और ओबीसी सदस्यों की भी जानकारी मांगी गई है। चूंकि पार्टी ने अनिवार्य रूप से कहा है कि हर बूथ कमेटी में दो एससी सदस्यों के साथ दो महिला भी जरूरी रूप से होनी चाहिए। हर इलाके के प्रभावशाली व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। बूथ स्तरों के कार्यकर्ताओं से ऐसे लोगों के नाम और फोन नंबर व उनके पेशे की जानकारी देने कहा है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में करीब 1.6 लाख पोलिंग बूथ हैं। इस बार बीजेपी ने अपनी बूथ समितियों को फिर से बनाना शुरू किया है। इसके मुताबिक हर बूथ पर 21 सदस्य होने चाहिए। इसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक महासचिव और बूथ लेवल के एजेंट शामिल होंगे।



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