देवरिया: बालिका संरक्षण गृह से 18 लड़कियों के अलावा 7 नवजात भी लापता
| Agency - Aug 8 2018 3:17PM

मुजफ्फरपुर के बाद देवरियां में पकड़े गए शेल्टर होम ने लोगों को सकते में डाल दिया है। बता दें कि देवरियां के मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह से 18 लड़कियों के अलावा दिसंबर 2017 से 7 नवजात भी लापता हैं। खबर के मुताबिक ये 7 बच्चे 42 लोगों की उस सूची से अलग हैं जो पुलिस को संचालिका के यहां से मिली है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों से हुई बातचीत में इसका खुलासा हुआ है। इन बच्चों का ब्योरा सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी को भी भेजा गया था।

बता दें कि  सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी  ने चिट्ठियां भेज कर बाल कल्याण समिति और डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन अफसर (डीपीओ) से जानकारी भी मांगी, लेकिन देवरिया से किसी भी जिम्मेदार सरकारी अफसर ने जानकारी नहीं भेजी। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन किसी ने भी नवजातों के लापता होने का संज्ञान नहीं लिया। ये जानकारियां जिला बाल कल्याण समिति ने लखनऊ से जांच के लिए पहुंची दो सदस्यीय टीम को दी हैं।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ एसके यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बताया कि संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के आगे सारे नतमस्तक थे। यादव के मुताबिक, उन्होंने 26 दिसंबर 2017 को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सम्भाली थी। इस दौरान देवरिया, महराजगंज समेत अलग-अलग इलाकों में सात नवजात बच्चे मिले। इन बच्चों का रजिस्ट्रेशन कारा में भी करवाया गया, लेकिन छह माह बाद भी इन्हें गोद लेने की प्रक्रिया नहीं शुरू की गई।



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