सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को रिहा करो और भीमा कोरेगांव के अपराधी संभाजी भिड़े को जेल भेजे सरकार
| Rainbow News - Sep 6 2018 2:02PM

-बनारस शेल्टर होम सहित सभी शेल्टर होम की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जाँच
-बनारस में मुस्लिम धर्मगुरु के साथ हुई मॉब लिंचिंग के दोषियों की गिरफ्तारी हो
-उज्ज्वला योजना मोदी सरकार का एक और जुमला, गरीब कैसे देंगे 900 रुपया गैस का दाम

वाराणसी। बुधवार को शास्त्री घाट कचहरी से जिला मुख्यालय तक भाकपा-माले, ऐपवा, इंसाफ मंच और महिला जागृति समिति और रिदम के संयुक्त बैनर तले राज्यव्यापी आह्वान के तहत जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला गया और ज्ञापन सौंपा गया।

जुलूस और सभा के माध्यम से सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने, भीमा कोरेगांव के असली अपराधी संभाजी भिड़े को गिरफ्तार करने, देवरिया शेल्टर होम सहित पूरे प्रदेश के शेल्टर होमों की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जाँच कराने, उज्ज्वला योजना में गैस के दाम पूरी तरह मुफ्त किए जाने, मिर्जापुर में दलितों के हमलावरों, बनारस में हाफिज नसीम के हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने और चंद्रशेखर रावण को तत्काल रिहा करने की भी मांग उठाई गई।

भाकपा-माले नेता अमरनाथ राजभर ने कहा कि दर्जन भर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी असल में भीमा कोरेगाँव के असली अपराधी संभाजी भिड़े को बचाने की कोशिश मोदी-फड़नवीस सरकार की तरफ से की जा रही है। अगर इस सरकार में थोड़ी भी शर्म बची है तो तत्काल संभाजी भिड़े को जेल भेजे, और सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करे, और उनके ऊपर लगे सभी मनगढ़ंत आरोपों को वापस ले।

ऐपवा की राज्य सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि देवरिया शेल्टर होम मामले को जिस तरह से दबाने-छिपाने की कोशिश हो रही है, उससे ऐसा लगता है कि योगी सरकार और उसके मंत्री सीधे इस मामले में संलिप्त हैं। असल में होना तो यह चाहिए था कि देवरिया शेल्टर होम सहित प्रदेश के सभी शेल्टर होमों की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से जाँच कराई जाती और बाल एवं महिला कल्याण मंत्री का तत्काल इस्तीफा ले लिया जाता, लेकिन ऐसा नहीं करके योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह घनघोर रूप से महिला विरोधी है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है और दूसरी तरफ उज्ज्वला योजना भी मोदी सरकार का एक और महा-जुमला बनकर रह गई है। सरकार यह बताए कि जिस गरीब के घर में खाने के लाले पड़े हों, वह 900 रुपये गैस का दाम कैसे देगा। ऐसे में हमारी मांग है कि गरीबों को गैस मुफ्त उपलब्ध कराई जाए।

ऑल इंडिया सेकुलर फोरम के प्रदेश संयोजक डॉ. मोहम्मद आरिफ ने कहा कि आज सरकार जीवन के हर क्षेत्र में बंदिश लगाती जा रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की भाजपा सरकार नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी को छीन रही है और जनपक्षधर बुद्धिजीवियों को अर्बन नक्सल बताकर उन्हें जेल में डाल रही है। सरकार को अपने ही नागरिकों के बोलने से खतरा है।

महिला जागृति समिति की संयोजक सुमन देवी ने कहा कि मिर्जापुर में दलितों पर बर्बर हमला करने वाले, बनारस में हाफिज़ नसीम को भीड़ हिंसा का शिकार बनाने वाले जिस तरह से अभी भी आजाद हैं और बेकसूर चंद्रशेखर रावण जिस तरह से अभी भी जेल में हैं, उससे मोदी-योगी सरकार का दलितों-मुसलमानों से घृणा करने वाला चेहरा सामने आ गया है।

जूलूस का नेतृत्व रिदम के संयोजक अनूप श्रमिक ने और सभा का संचालन भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी के सदस्य कॉ. मनीष शर्मा ने किया। इस मौके पर आबिद शेख जागृति राही, अमान अख्तर, स्मिता बागड़े, सुजाता भट्टाचार्य, विभा, डॉ. नूर फातिमा, पुष्पा गुप्ता, कैसर जहाँ, शमा परवीन, शबनम, फजलूर्रहमान, सागर गुप्ता, सरताज अहमद, कमलेश यादव, नीहार भट्टाचार्य, त्रिभुवन राजभर, प्रमोद कुमार, दधिबल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।   



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