....तो मिलावटखोरी पर अवश्य लगेगी लगाम : के.के. उपाध्याय
| Rainbow News - Sep 27 2018 4:07PM

अम्बेडकरनगर जिले में मिलावटी व अखाद्य सामग्रियों की बिक्री को लेकर महकमा काफी सचेष्ट है और आए दिन छापेमारी कर सैम्पल एकत्र करने के साथ-साथ व्यवसायियों को चेतावनी भी दे रहा है। हमारे इस कार्य में यदि जनसहयोग भी मिलता रहे तो जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर अवश्य ही अंकुश लगेगा। हम जनजागरण के दृष्टिगत समय-समय पर जागरूकता अभियान व गोष्ठियों का आयोजन करते रहते हैं। बावजूद इसके मीडिया के जरिए खबरें आ रही हैं कि मिलावट खोर, धन लोभी अज्ञानियों द्वारा जनस्वास्थ्य को हानि पहुँचाने वाले खाद्य पदार्थों के क्रय-विक्रय का व्यवसाय किया जा रहा है। उक्त बातें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय ने एक वार्ता के दौरान कहीं।

उपाध्याय ने बताया कि आजकल जिले में ऐसे नमकीन की बिक्री होने की खबरें मिल रहीं हैं जिनका सेवन करने के बाद लोग उदर रोग, चर्म रोग, हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं। कई जागरूक लोगों के अनुसार इस तरह की नमकीन, दालमोठ खाने से बच्चों में खूनी पेंचिस, कब्ज व लीवर की बीमारियाँ हो रही हैं। वहीं इसका सेवन करने से बड़े लोगों में एलर्जी (त्वचा रोग), कब्ज और हृदय रोग जैसी समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर हमारा विभाग काफी गम्भीर है और हम यह अपेक्षा करते हैं कि शिकायतकर्ता हमें उन स्थानों, दुकानों, व्यवसाइयों के बारे में पूरी जानकारी देंगे जहाँ से खरीदकर नमकीन/दालमोठ खाने के बाद लोग बीमार पड़ रहे हैं। इससे हमें सुविधा होगी और हम चिन्हित करके उसी स्थान, प्रतिष्ठान, दुकान व व्यवसाई के यहाँ चेकिंग कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आई है कि ऐसी नमकीन/दालमोठ जिले के ग्राम्यांचल से लेकर शहरी क्षेत्रों में बगैर वैध लाइसेन्स व पंजीकरण के निर्मित की जा रही है साथ ही बाह्य जनपदों से खुली नमकीन/दालमोठ लाकर अपने-अपने नकली व डुप्लीकेट ब्राण्ड पैकेटों में भरकर अनधिकृत रूप से बेंची जा रही है। उन्होंने लोगों से कहा है कि स्वास्थ्य के दृष्टिगत वे लोग ऐसी नमकीन का सेवन कतई न करें जो मानक व विपरीत व डुप्लीकेट ब्राण्ड की लगे। सन्देह की स्थिति में उपभोक्ता सामान खरीदने के उपरान्त विभाग में इसकी जानकारी दें जिससे हम उस पर कार्रवाई कर सकें।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि पिछले दिनों एक समाचार संज्ञान में आया था जिसमें किसी जन्मदिन पार्टी के लिए खरीदे गए केक में एक बड़ा कीड़ा पाया गया था। उक्त के बावत जब समाचार प्रकाशन के पदाधिकारियों से यह पूछा गया कि आप दुकान का नाम बताएँ तो उत्तर मिला था कि शिकायतकर्ता को अब किसी प्रकार की शिकायत नहीं है वह दुकानदार का नाम उजागर नहीं करना चाहता। इस पर के.के. उपाध्याय ने कहा कि ऐसी स्थिति हास्यास्पद कही जा सकती है। हम और हमारा महकमा बड़े असमंजस्य में हैं कि प्रकाशित समाचार पर कार्रवाई करें भी तो कैसे जब शिकायतकर्ता खुद ही बैकफुट पर आ गया हो तब ऐसे में जनसहयोग की अपेक्षा करना बेमानी ही होगा।

मिलावटखोर हो जाएँ सावधान : मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी

उपाध्याय ने कहा कि खाद्य पदार्थ क्रय-विक्रय की दुकानों और निर्माणशालाओं की चेकिंग व व्यवसाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का कार्य हम नियमित रूप से कर रहे हैं। यह कोई आवश्यक नहीं कि हमें शत-प्रतिशत कामयाबी ही मिले। मीडिया को भी चाहिए कि कम से कम ऐसी खबरों का प्रकाशन करे जिससे लोगों में जागरूकता पैदा हो और ऐसा न प्रतीत हो कि समाचार पूर्वाग्रह से प्रकाशित किया गया है। मीडिया एक सशक्त अस्त्र-शस्त्र है जिसका उपयोग और प्रयोग समाज में फैली बुराइयों के खात्मे के लिए किया जाना ही उचित कहा जा सकता है।

के.के. उपाध्याय ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग में नियुक्त कोई भी जिलास्तरीय अधिकारी तानाशाह नहीं है। पूरा महकमा सम्यक् प्रयास करके अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। हमारे महकमें के जिला प्रमुख अभिहित अधिकारी राजवंश श्रीवास्तव हैं दूसरे नम्बर पर मैं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हूँ। इसके अलावा और सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं अन्य कर्मचारियों में मैत्रीभाव है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी से यह कहने पर कि पंजीकरण एवं लाइसेन्स प्रक्रिया के बावत जब मीडिया को ही पूरी जानकारी नहीं है तो आम लोगों को क्या होगी तो उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रयास करेंगे कि विज्ञप्तियों के माध्यम से मीडिया में खबरें प्रकाशित करवाकर लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। हालांकि यह कार्य पूर्व से ही होता आ रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश व अध्यक्षता तथा जिला अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में व्यापारी बन्धुओं के साथ गोष्ठियाँ करके उनका सहयोग मांगा जाता है। हमें उम्मीद है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों का साथ न देकर ये लोग नैतिकता के आधार पर विभाग और आम जन का सहयोग करेंगे। उन्होंने मिलावटखोरों को आगाह करते हुए कहा कि वह लोग इस तरह के जानलेवा धन्धे से बाज आएँ और जनस्वास्थ्य को मजाक न बनाएँ, खिलवाड़ करने बचें अन्यथा की स्थिति में कानून कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

उपाध्याय ने कहा कि यदि हमें जागरूक प्रबुद्धजनों व मीडिया का सहयोग पॉजिटिव तरीके से मिले तो यह दावा करना कि मिलावटखोरी पर अवश्य ही लगाम लगेगी अतिशयोक्ति नहीं होगा। उन्होंने उपभोक्ताओं व शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा किया है कि निर्भय होकर समाज विरोधी मिलावटखोर जैसे तत्वों का नाम हमें बताएँ। हम उनका नाम गुप्त रखेंगे और चेकिंग के माध्यम से मिलावटखोरों पर कार्रवाई करेंगे। 



Browse By Tags



Other News