फिटनेस जाँचोपरान्त पंजीयन कराकर ही पुराने वाहनों से भरें फर्राटा: के.एन. सिंह
| Rainbow News - Oct 2 2018 4:58PM

परिवहन विभाग के बनाए गए नियमों के अनुसार अब कोई भी पुराना दो से चार पहिया वाहन ‘कबाड़’ में बेंचने की जरूरत नहीं इनका दोबारा पंजीयन कराकर सड़क पर फर्राटा भरें। जी हाँ 15 साल व उससे अधिक पुराने वाहनों का पुनः पंजीकरण करवाएँ और फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त कर शौक से उसकी सवारी कर रईशों की श्रेणी में आएँ। ऐसा करने के पीछे परिवहन विभाग की मंशा आम के आम और गुठलियों के दाम पर आधारित विशुद्ध राजस्व वृद्धि की ही नहीं अपितु आप को सुरक्षित यातायात का पाठ भी पढ़ाने की है।

पहले लोग अपने वाहनों का पंजीयन (15 साल तक के लिए वन टाइम टैक्स अदा कर) कराकर पन्द्रह वर्ष या उससे अधिक समय तक उसी पुराने वाहनों की सवारियाँ बनकर सड़क पर फर्राटा भरते थे, तथा परिवहन विभाग के कार्यालय न जाकर उनका पनामा सिगरेट की तरह अन्तिम कश तक मजा लिया करते रहे हैं। ऐसे मितव्ययी और ओल्ड इज गोल्ड को मानने वालों को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने चेताया है और उनकी इस अवधारणा को कि ‘15 वर्ष उपरान्त पुनः पंजीयन नहीं कराये जाने की जरूरत है’ को त्याग कर विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए फिटनेस प्राप्त कर पुराने वाहनों का पंजीयन प्राप्त करें। इसी के बावत ‘रेनबोन्यूज’ ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कैलाश नाथ सिंह से बात किया। उसी का अंश यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है।

रेनबोन्यूज यह बताना चाहेगा कि यदि आप के वाहन का परिवहन विभाग में पंजीयन कराये अर्सा 15 साल हो गया है तो इसे यह मानें कि रजिस्टेªशन समाप्त और आप का वाहन अनधिकृत हो चुका है। विभाग के नियमानुसार ऐसे वाहन दोबार फिट होने पर ही रजिस्टर (पंजीकृत) किए जाते हैं। 15 साल से अधिक अवधि वाले वाहनों से दुर्घटना होने की स्थिति में आप की मुसीबत बढ़ सकती है। यदि आप के वाहन का दुबारा पंजीयन नहीं हुआ है तो परिवहन विभाग व पुलिस से चेकिंग के दौरान निबट पाना भी मुश्किलतलब ही होगा। बेहतर यह होगा कि आप अपने बुजुर्ग वाहन जिसे बोलचाल की भाषा में ‘खटारा’ कहते हैं का फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त कर उसका दुबारा पंजीयन कराने ए.आर.टी.ओ. दफ्तर अवश्य जाएँ वर्ना.........आप के लिए मुसीबत बनी रहेगी।

अब हम इसको रिपीट नहीं करेंगे कि दो-पहिया और चार पहिया पुराने (15 साल से अधिक की अवधि के पंजीकृत) वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते देखे जा सकते हैं.......क्योंकि हमें पता है कि के.एन. सिंह ए.आर.टी.ओ. की निगाहें इन पर भी हैं। आइए आप को के.एन. सिंह साहेब से मिली जानकारी को साझा करें ताकि तदनुसार आप भी विभागीय नियमों का पालन कर अपनी ‘ओल्ड एज’ शौक ओल्ड इज गोल्ड मोटर बाइक/चार पहिया वाहन पर बैठकर सड़कों पर चलकर पूरा कर सकें।

ए.आर.टी.ओ. कैलाश नाथ सिंह के अनुसार वाहनों ने अपने पंजीयन का समय यदि 15 साल से अधिक बिता दिया हो तो वाहन स्वामी विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए अविलम्ब उनका पंजीयन करा लें क्योंकि उनका पंजीयन इस अवधि उपरान्त निरस्त हो चुका है और ऐसे वाहन से हादसा होने की स्थिति में उनको अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे वाहनों का दोबारा पंजीयन तभी हो सकता है जब जाँच में वे फिट पाए जाएँगे।  उनके अनुसार विभाग द्वारा सड़क पर सुरक्षित यातायात को लेकर वाहनों का समय-समय पर फिटनेस जारी किया जाता है। ए.आर.टी.ओ. ने कहा कि आम जन में यह अवधारणा है कि निजी वाहन का पंजीयन तथा टैक्स एक बार में ही जमा होता है ऐसे में वाहन स्वामी एक बार पंजीयन कराने व टैक्स जमा करने के उपरान्त दोबारा विभाग में नहीं लौटते हैं। ऐसे में वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने या पकड़े जाने पर जाँच के दौरान विभागीय अधिकारी व पुलिस की झंझट में पड़ने की वजह से वाहन स्वामियों को ज्यादा समस्या झेलनी पड़ती है। इन सबसे बचने के लिए वाहन का 15 साल उपरान्त पुनः पंजीयन और फिटनेस टेस्ट कराना आवश्यक है।

ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह ने बताया कि दोबारा पंजीयन के लिए वाहन स्वामी को अधिक खर्च उठाना पड़ता है और यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। निजी दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों को दोबारा पंजीकृत कर ग्रीन टैक्स लिया जाता है। उन्होंने बताया कि दोबारा पंजीयन कराने में दो पहिया वाहन पर वन टाइम टैक्स का दस फीसदी टैक्स और 300 रूपए पंजीयन शुल्क लिया जाता है, जबकि समय से पंजीयन न कराने की दशा में 300 रूपए प्रतिमाह की दर से जुर्माना लगाया जाता है। इसी प्र्रकार चार पहिया वाहन पर वन टाइम टैक्स और 600 रूपए पंजीयन शुल्क लिया जाता है जबकि समय से पंजीयन न होने पर 500 रूपए प्रतिमाह की दर से जुर्माना लिया जाता है। इसके अलावा टैक्सी और माल वाहक वाहनों पर 50 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है।

ए.आर.टी.ओ. सिंह के अनुसार अम्बेडकरनगर जिले में पंजीकृत तकरीबन 7 हजार 893 निजी वाहनों का पंजीयन दोबारा नहीं कराया गया है इसमें 6 हजार 863 दो पहिया वाहन है जबकि एक हजार 30 चार पहिया वाहन शामिल हैं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि वाहन अपने 15 साल या उससे अधिक पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराकर विभाग से पंजीयन अवश्य करा लें अन्यथा की स्थिति में चेकिंग के दौरान उन पर कार्रवाई की जाएगी।



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