गांधी जयंती पर एक नगर की पीड़ा
| Rainbow News - Oct 3 2018 3:49PM

-अपने गौरवशाली इतिहास की अनदेखी किये जाने का दंश झेलता रक्सौल

-ऐतिहासिक विरासत की उपेक्षा किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण

हरदिया कोठी, रक्सौल की ऐतिहासिक विरासत को गांधी सर्किट में जोड़कर संरक्षित और विकसित किये जाने का प्रस्ताव केंद्र और राज्य के सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों तक पहुंचने के बाद भी अभी तक सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

गांधी जयंती के अवसर पर डा. स्वयंभू शलभ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हरदिया कोठी, रक्सौल को गांधी सर्किट में जोड़े जाने के मामले को गत 16 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पर्यटन विभाग को सौंपा था। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को गत 10 अप्रैल और 8 जून को बिहार के शिक्षा सचिव को भी भेजा था।

इस कवायद के बीच डा. शलभ ने 17 दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ गत 12 जून को उपमुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी को पटना में सौंपा था जिसे श्री मोदी ने गंभीरता से लिया भी। वहीं इस मामले में सम्माननीय प्रधानमंत्री ने 'सत्याग्रह शताब्दी समारोह' के पूर्व गत 4 अप्रैल को डीएम मोतिहारी को मेल भी भेजा था।

डा. शलभ के इस प्रस्ताव में महात्मा गांधी के तीन बार रक्सौल आगमन, उनके आह्वान पर रक्सौल में गांधी विद्यालय की स्थापना एवं हरदिया कोठी से जुड़े तमाम तथ्यों को उपलब्ध कराने के साथ 'सत्याग्रह शताब्दी समारोह' में रक्सौल की अनदेखी किये जाने का मामला भी उठाया गया था।

बहरहाल इस मामले को केंद्र और राज्य के सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों तक पहुंचाया जा  चुका है। रक्सौलवासी आशान्वित हैं कि सरकार द्वारा इस मामले में शीघ्र कदम उठाया जाएगा, जाँच आरंभ होगी और इस विषय में अबतक जो चूक हुई है और इतिहास की जो अनदेखी की गई है उसका सच भी देश और समाज के सामने आएगा।



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