.......मीडिया बकवास लिखती है : उमेश कुमार सिंह
| Rainbow News - Oct 6 2018 2:13PM

पी.ओ. ने कहा हमारी ईमानदारी एवं डूडा के सही गलत कार्यों का आंकलन कोई अन्धा भी कर सकता है 

अम्बेडकरनगर जिले के शहरी व ग्रामीणांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से अवैध धन उगाही का मामला बीते कई महीनों से मीडिया की सुर्खियों में रहा है, परन्तु अभी तक कोई कार्रवाई न किए जाने से योजना धन की लूट का कार्य बदस्तूर जारी है। हालांकि शहरी आवास योजना के नाम पर वसूली की खबरें मीडिया में प्रमुखता से वायरल होने के उपरान्त जिला शहरी विकास अभिकरण में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कम्प जरूर मचा रहा। बीते कुछ महीने पहले से जिला मुख्यालय शहर अकबरपुर की नगर पालिका में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के नाम पर धांधली किए जाने का मामला काफी चर्चा में बना हुआ है। मीडिया में प्रकाशित/प्रसारित व वायरल की गई खबरों के अनुसार इस कार्य में योजनाओं का लाभ पात्रों को दिलाने के बजाए ऐसे लोगों को दिलाया जा रहा है जो अपात्र हैं और कर्मचारियों/अधिकारियों व दलालों के द्वारा मांगी गई धनराशि अग्रिम रूप से देने में सक्षम हैं। 

वर्षों से जमे जिला शहरी विकास अभिकरण के मुखिया परियोजना अधिकारी उमेश कुमार सिंह ने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा है कि ऐसे मीडियाकर्मी व अन्य कथित समाजसेवी जो आवास योजना के नाम पर स्वयं दलाली व ठेकेदारी जैसा कार्य करके अपनी जेबें भरने का काम करते हैं वे ही उनके व विभाग के कर्मचारियों पर ऐसे आरोप लगाकर प्रेशर में लेकर अपनी धन कमाऊ नीति को धार दे रहे हैं। उनका यह कृत्य सामाजिक सरोकारों से दूर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ न होकर उनकी स्वयं की स्वार्थ सिद्धि का है। उमेश कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें आश्चर्य होता है कि अम्बेडकरनगर जिले का मीडिया ऐसा कोई भी कार्य नहीं कर रही है जो जनहित में हो। ऐसे मीडियाकर्मी अपनी स्वार्थ सिद्धि में लगे हुए हैं और यह अत्यन्त शोचनीय स्थिति है। तरह-तरह के काल्पनिक, स्ववित्त पोषित एवं प्रायोजित लोगों को सामने करके मीडिया अपना आतंक फैलाकर सरकारी कर्मचारियों से धनउगाही में लगी हुई है। 

पिछले तीन-चार महीनों से यहाँ की मीडिया ने सरकारी महकमें के लोगों का जीना दूभर कर दिया है। आए दिन कोई न कोई बेबुनियाद संवाद प्रकाशित कर ये लोग शहरी आवास योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं। कोई भी अन्धा मौका मुआयना कर ले तो उसे भी पता चल जाएगा कि मीडिया में वायरल होने वाली खबरें कितना सही और कितना गलत हैं। परियोजना अधिकारी ने कहा कि अकबरपुर, टाण्डा, जलालपुर, किछौछा, इल्तिफातगंज सभी पाँचों नगर निकाय क्षेत्रों में इस योजना का लाभ शत-प्रतिशत सही ढंग से पात्रों को दिया जा रहा है। पात्र-अपात्र में क्या भेद है वह और उनके महकमें के सभी जिम्मेदार कर्मचारी बखूबी जानते हैं। मीडिया द्वारा लगाए जा रहे आरोप सरासर गलत हैं। मीडिया को ऐसा नही करना चाहिए। बेहतर होगा कि मीडिया पॉजिटिव खबरों का प्रकाशन करे जिससे इसकी धूमिल होती छवि और दागदार होने से बच जाए। 

मैं एक कर्मठ, ईमानदार, निष्ठावान सरकारी मुलाजिम हूँ। यदि ऐसा न होता तो विगत कई वर्षों से यहाँ डूडा के परियोजना अधिकारी पद पर न रहता। अम्बेडकरनगर जनपद में भ्रष्टाचारियों का टिक पाना नामुमकिन है। यदि मीडिया हमें भ्रष्टाचारी कहती है तो यह उसकी अपनी सोच है। आपको विश्वास न हो तो हमारे वरिष्ठ अधिकारी अपर जिलाधिकारी से बात कर इस बावत जानकारी हासिल कर सकते हैं। वह भी यही कहेंगे कि उनके निर्देशानुसार पी.ओ. डूडा द्वारा शहरी आवास योजना का लाभ पात्र ही पा रहे हैं। लाभार्थियों को स्पष्ट बताया गया है कि यदि आवास का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे कोई अवैध धन उगाही का प्रयास करता है तो तत्काल उसकी शिकायत दर्ज कराएँ। शिकायतकर्ताओं की शिकायतें मिलते ही जाँच कराकर केस दर्ज कराया जाएगा। 

इतनी सख्त निगरानी व निर्देश के बावजूद अभी तक कोई ऐसा लिखित शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है जिससे यह पुष्टि हो सके कि मीडिया में वायरल हो रही खबरें सत्य हैं। यहाँ की मीडिया इतना बकवास होगी उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था। उनसे जब कहा गया कि पिछले दिवस एक समाचार आया था कि विधायक टाण्डा ने शहरी व ग्रामीण आवास योजना में धांधली किए जाने की शिकायत को लेकर प्रदेश शासन में नगर विकास मंत्री से मुलाकात किया है तो उन्होंने कहा कि वह जनप्रतिनिधि हैं, उन्हें जन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक रूप से ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं। हमें खुशी होगी यदि नगर विकास मंत्री की तरफ से कोई जाँच आदेश आएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि जाँचोपरान्त हम और हमारा महकमा निर्दोष ही पाया जाएगा।  

हम यह दावा करते हैं कि जो हमारे विभागीय कार्यालय के आनलाइन व आफलाइन किए गए कार्यों के दस्तावेज रखे हैं उनका कराये गए कार्यों से यदि मिलान कर लिया जाए तो वह शत-प्रतिशत सही साबित होंगे। हाथ कंगन को आरसी क्या...? यदि पूर्वाग्रह त्याग कर कोई भी आम-खास तटस्थ भाव से आंकलन करे तो हमारा यह दावा है कि हम शत-प्रतिशत खरे ही उतरेंगे। एक बात और कहना है कि जब हर कार्य आनलाइन किया- कराया जा रहा है और शासन-प्रशासन की दृष्टि व संज्ञान में है तब मीडिया द्वारा यह कहा जाना कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पात्रों से महकमें के कर्मचारी अवैध ढंग से वसूली कर रहे हैं बिल्कुल गलत है। पाँचों नगर निकाय क्षेत्रों में पात्रों को शहरी पक्का घर देने की योजना जो शुरू हुई है उसमें विभाग के कर्मचारियों द्वारा उनसे किसी भी तरह की अवैध वसूली नहीं की जा रही है। 

यह और भी हास्यास्पद लगता है कि कई कर्मचारियों द्वारा इस योजना के लाभार्थियों के घर पहुँचकर मनमाना धनउगाही की जा रही है। पैसा न देने पर लाभार्थियों को आवास के लाभ से वंचित करने की धमकी दी जाती है यह सर्वथा गलत है। पी.ओ. डूडा उमेश कुमार सिंह ने कहा कि कार्य की अधिकता की वजह से आजकल उनका कार्यालय अस्थाई रूप से अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। लोगों में यह भ्रान्तियाँ पैदा की जा रही हैं कि डूडा के भ्रष्ट कर्मचारी/अधिकारी मीडिया, समाजसेवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व जागरूक नागरिकों के सवालों से बचने के लिए कार्यालय छोड़कर पलायित रहते हैं। 
 



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