रामलीला का मंचन छोड़ राम-लक्ष्मण बैठे धरने पर 
| Rainbow News - Oct 8 2018 12:33PM

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दर्शक धनेसरा तालाब के पास ऐतिहासिक लाट भैरो रामलीला देखने जमा हुए थे। यहां शनिवार रात राम-केवट संवाद का मंचन होना था, लेकिन वहां का दृश्य देखकर दर्शक हैरान रह गए। दरअसल इंतजार हो रहा था राम-लक्ष्मण के स्टेज में संवाद बोलने का, लेकिन वे तो पूरे कॉस्ट्यूम में रामलीला कमिटी के दूसरे सदस्यों के साथ धरना दे रहे थे।

जी हां आपको बता दें के सभी कलाकार तालाब के आसपास गंदगी के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना था कि इससे वे बीमार हो रहे हैं। आयोजकों का दावा है कि लाट भैरो रामलीला 16वीं शताब्दी के मध्य से होती आ रही है। वैसे तो अदमपुरा इलाके में स्थित लाट भैरो मंदिर में ही रामलीला के अधिकतर दृश्यों का मंचन होता है, लेकिन इसे रियल टच देने के लिए राम-केवट संवाद का मंचन तालाब में ही होता है। जब केवट राम, लक्ष्मण और सीता को गंगा पार कराते हैं।

मीडिया के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक शनिवार शाम को जब रामलीला की टीम धनेसरा पहुंची तो देखा कि तालाब कूड़े से पटा हुआ है। साथ ही बदबू इतनी ज्यादा थी कि राम-लक्ष्मण बने कलाकारों को उल्टियां शुरू हो गई। इससे गुस्साए कलाकार धरने पर बैठ गए। हालांकि काफी सिफारिश करने पर 2 घंटे बाद ही धरना वापस ले लिया गया और रामलीला शुरू हुई।

इस धरना प्रदर्शन के बाद कमिटी के अध्यक्ष राम अवतार पांडे को शनिवार को घटनास्थल पर आना पड़ा। इसके बाद उन्होंने नगरपालिका आयुक्त से संपर्क किया। एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह और अतिरिक्त नगरपालिका आयुक्त एके सिंह ने भी साइट पर कलाकारों को मनाया और आश्वासन दिया कि तालाब के साथ रामलीला मैदान को भी साफ कराया जाएगा। इसके बाद शनिवार के एपिसोड का मंचन 2 घंटे देरी से हुआ।



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