गुजरात सीएम को सत्ता में रहने का हक नहीं : अजय आलोक
| Rainbow News - Oct 8 2018 2:37PM

बिहारियों के खिलाफ हिंसा पर भड़की जेडीयू

पटना। गुजरात में बिहार के लोगों के साथ मारपीट की घटना के बाद बिहार में पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है। इस मुद्दे पर दोनों और से सियासत साधने की पूरी कवायद तेजी से चल रही है, जहां नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नीतीश सरकार से लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जुबानी हमला बोल रहे हैं, वहीं अब जेडीयू ने भी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने गुजरात में बिहारियों की पिटाई लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी पर ही सवाल उठा दिया है।

जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि अपने राज्य से डर के मारे पलायन कर रहे यूपी-बिहार के लोगों को आश्वस्त नहीं कर सकती तो सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। इसके साथ ही अजय आलोक ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी से आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर सख्ती से काम लें। अजय आलोक के बाद विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने भी इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए राहुल गांधी को पत्र लिखकर अल्पेश ठाकुर पर कार्रवाई करने की मांग की है।

नीरज कुमार का मानना है कि अल्पेश ठाकुर बिहार में सह प्रभारी है और गुजरात मे तनाव भड़काने का काम कर रहे है। वहीं विपक्ष बिहारियों पर हमला होने से बौखला सा गया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गुजरात के मुख्यमंत्री से इस्तीफा की मांग कर रहा है। अभी तक देश के हर कोने से लोग गुजरात में जाकर काम करते थे और हर किसी का स्वागत किया जाता था। लेकिन इन दिनों गुजरात की हवा में ऐसा जहर घुल गया है, जिसमें वहां पर रहने वाले उत्तर भारतीयों को डरा दिया है। इस सबके पीछे एक शख्स है, जिसमें एक मासूम के साथ दरिंदगी करके गुजरात की आबो-हवा को जहरीला कर दिया है।

दरअसल, साबरकांठा में 28 सितंबर को 14 महीने की मासूम से रेप में जब बिहार से आए एक कामगार का नाम सामने आया तो गुजरातियों का गुस्सा भड़क उठा। उसकी करतूत का असर यह हुआ कि पूरे उत्तर भारतीयों का विरोध शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर कुछ विडियो भी सामने आए हैं, जिसमें यूपी, बिहार के लोगों को जल्द से जल्द गुजरात से चले जाने की धमकी दी गई है। कई उत्तर भारतीयों पर हमले भी हुए हैं।

दावा किया जा रहा है कि यूपी और बिहार से दो जून की रोटी कमाने गुजरात गए 50,000 से ज्यादा लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि प्रशासन का कहना है कि लोग त्योहार होने के कारण अपने घरों की ओर जा रहे हैं। उत्तर भारतीयों पर बढ़े हमलों पर गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा ने बताया है कि अबतक कुल 42 केस दर्ज किए गए हैं और 342 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यूपी-बिहार के लोगों के साथ हिंसा के इन मामलों से गुजरात के कुल 6 जिले प्रभावित हुए हैं।

मेहसाणा में 15 केस दर्ज हुए हैं जिसके तहत 89 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साबरकांठा में 11 केस और 95 गिरफ्तारी, अहमदाबाद में 7 केस और 73 गिरफ्तारी, गांधीनगर में 3 केस और 27 गिरफ्तारी, अहमदाबाद ग्रामीण में 3 केस और 36 गिरफ्तारी, अरावली में 2 केस और 20 गिरफ्तारी व सुरेंद्रनगर में एक केस और दो गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली और भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ठाकोर सेना ने भड़काया?

बताया जा रहा है कि ठाकोर सेना के लोगों ने सबसे पहले उत्तरी गुजरात में यूपी और बिहार के लोगों के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांग की कि दूसरे राज्यों से आए लोगों को यहां नौकरी पर न रखा जाए। 200 से ज्यादा लोगों की भीड़, जिसमें कथित तौर पर ठाकोर सेना के सदस्य प्रमुख थे, ने 2 अक्टूबर को मेहसाणा जिले में वडनगर टाउन के पास एक फैक्ट्री पर धावा बोला और 2 कर्मचारियों की पिटाई कर दी। इसके बाद 3 अक्टूबर को भीड़ ने अहमदाबाद के चांदलोडिया इलाके में तोड़फोड़ की और उत्तर भारतीयों को शहर छोड़ने की धमकी दी। एक के बाद एक दूसरे शहरों में भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं।



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