अम्बेडकरनगर : फूड महकमें के चीफ साहब की मेहरबानी से.......
| Rainbow News - Oct 22 2018 4:02PM

जिले में यत्र-तत्र-सर्वत्र अवस्थित छोटी-बड़ी दुकानों, जलपान गृहों पर अखाद्य एवं जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्रियों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। इसके बावत किसी को भी कुछ बताने व साक्ष्य देने की जरूरत नहीं है। इसे हर कोई अपनी खुली आँखों से देख सकता है। जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुर व इसके जुड़वा उपनगर शहजादपुर में फास्टफूड, अण्डा, ऑमलेट, बिरियानी, चाउमिन, बर्गर, समोसा, चाट, कचालू, पकौड़ी आदि का व्यवसाय करने वाले दुकानदार (पक्की दुकान एवं ठेला व गुमटी में दुकान करने वाले) कहते हैं कि खाद्य-अखाद्य उन्हें नहीं पता।

वे लोग फूड विभाग के चीफ साहब को सैम्पुल वाले साहब के मार्फत माहवारी देते हैं और अपना धन्धा बेखौफ होकर करते हैं। मीन-मेख निकालने वाले ग्राहकों को वे लोग अपनी दुकानों पर जबरिया नहीं बुलाते हैं, जिसकों आना होगा आएगा और हमारी दुकानों पर आकर खाएगा। इस बारे में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। फूड महकमा पहले से ही बदनाम है। धूमिल हुई छवि को अच्छी छवि के रूप में लाने में अभी समय लगेगा। हम लोग पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं।

इस समय इन दोनों उपनगरों में दालमोठ और नमकीन के नाम पर एक तरह से जहर ही बेंचा जा रहा है। इस धन्धे के जरिए मुनाफा कमाने वालों की संख्या काफी बढ़ी हुई है। बताया जाता है कि इस व्यवसाय में लगे लोग अपना माल बाहर से मंगाकर रेडीमेड पन्नियों में भरकर अच्छी कीमत पर बेंच रहे हैं। इस तरह के नमकीन, दालमोठ, सेव, भुजिया, मिक्स खाने वाले लोग आँत व त्वचा सम्बन्धी रोगों का शिकार हो रहे हैं। पेंचिश पड़ने, गैस बनने और एलर्जी होने की शिकायत लेकर डाक्टरों के पास जब लोग जाते हैं तो इन्हें विशेषज्ञों द्वारा नान ब्राण्डेड व कम गुणवत्ता वाली नमकीन, दालमोठ न खाने की सलाह दी जाती है। विभिन्न नाम से बनी अनेक पन्नियों में बेंची जाने वाली ये नमकीन दालमोठ बनारस, फूलपुर, करखियाँ, फैजाबाद आदि जगहों से लाई जाती है ऐसा बताया जाता है।

लगभग सभीं किराना स्टोर्स पर बिकने वाली इस तरह की जानलेवा नमकीन, दालमोठ बेंचने वालों की संख्या दर्जनों में बताई जाती है। इस तरह की नमकीन प्रतिदिन कई कुंतल में खरीदी और बेंची जाती है। पन्नी खुलने के बाद कुछ ही घण्टों में इनमें से एक अजीब तरह की दुर्गन्ध भी निकलती है। इस तरह की नमकीन का सेवन करने वाले लोगों का कहना है कि 100 से 150 रूपए प्रति कि.ग्रा. की दर बिकने वाली हानिकारक नमकीन पूर्णतया अखाद्य होती है। ऊपर से जनरल व किराना स्टोरों, परचून की दुकानों के संचालकों द्वारा ग्राहकों को जबरिया इस तरह की नमकीन यह कहकर थोप दी जाती है कि अमुक ब्राण्ड की नमकीन से सस्ता व अच्छा है।

इस बावत मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय ने वार्ता के दौरान कहा कि इस तरह की खाद्य सामग्रियाँ व नमकीन आदि बेंचने वालों के दुकान/प्रतिष्ठान का नाम प्रकाशित कर इंगित किया जाए जिससे हम उस पर कार्रवाई कर सकें। अब मीडिया किस-किस का नाम प्रकाशित करे? के.के. उपाध्याय जो एक वरिष्ठ अधिकारी हैं और खाद्य सुरक्षा विभाग में अपना दबदबा रखते हैं ने स्पष्ट कहा कि जब तक शिकायतकर्ताओं द्वारा दुकान का स्थान व उनका उनका नाम नहीं बताया जाएगा तब तक कोई कार्रवाई करना नामुमकिन है। मीडिया भी वादी बने और एक शिकायतकर्ता की तरह वह भी अखाद्य, मिलावटी खाद्य सामग्रियों की बिक्री करने वालों की नामजद शिकायत करे। तभी विभाग उस पर कार्रवाई करेगा।



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