अमृतसर ट्रेन हादसे का सबक
| Rainbow News - Oct 24 2018 4:10PM

अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुए ट्रेन हादसे ने सैकड़ों परिवारों की खुशी छीन ली। त्योहार का उत्साह अचानक मातम में बदल गया। हर कोई इस खबर को सुनकर सन्न रह गया। पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। यह दिल दहलानेवाली घटना अपने पीछे कई अनसुलझे सवाल भी छोड़ गई है। लोग नए नए कारणों को ढूंढकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। कुछ लोग रेलवे प्रशासन को दोषी बताते हैं, कुछ पुलिस प्रशासन को, कुछ का कहना है कि हादसा आयोजकों की लापरवाही की वजह से हुआ वहीं कुछ का मानना है कि यह उनलोगों की ही गलती थी जो रेलवे ट्रैक पर खड़े थे...

यहां बड़ा सवाल यह है कि रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन का वीडियो बनाने और सेल्फ़ी लेनेवालों को क्या यह होश नहीं था या इतनी समझ नहीं थी कि अगर इस पटरी पर ट्रेन आ गयी तो क्या होगा...वे इस तमाशे के शोर और अपने फोन में इस कदर मशगूल थे कि आती हुई मौत, उसका हॉर्न लाइट कंपन कुछ भी न दिखाई दिया न सुनाई दिया न महसूस हुआ... जहां तक उस ड्राइवर की गलती का सवाल है, वह एक ट्रेन चला रहा था जिसे कंट्रोल रूम के सिग्नल और निर्देश के अनुसार गाड़ी चलाना होता है...

वह अचानक ब्रेक मार कर ट्रेन में बैठे हजारों लोगों की जान खतरे में नहीं डाल सकता। ट्रेन में सवार लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। इस कार्यक्रम के व्यवस्थापक की लापरवाही और स्थानीय प्रशासन की चूक तो साफ नजर आती है लेकिन सबसे पहले लोगों को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी... दूसरों पर दोष लगा कर अपनी गलतियों को छिपाया नहीं जा सकता... जिंदगी आपकी है तो जिम्मेदारी भी आपकी ही होगी जो किसी की चूक या भूल सिद्ध होने पर भी वापस मिलने वाली नहीं…

देश के अधिकांश रेलवे क्रासिंग पर यह नजारा देखने को मिलता है। बंद फाटक के नीचे से आड़ी तिरछी करके अपनी बाइक निकालने वाला हर शख्स इस काम को गलत तो मानता है पर ट्रेन गुजरने तक का धैर्य उसके पास नहीं होता...और जब किसी दिन दुर्घटना होती है तो दोष क्रासिंग के कर्मचारी से लेकर प्रशासन सरकार रेलमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक का हो जाता है... एक और बात...हेयर स्टाइल खराब न हो जाये इस वजह से हेलमेट नहीं पहनेंगे लेकिन ट्रैफिक पुलिस चालान न काट दे इसके लिए हल्का सा कामचलाऊ हेलमेट रख लेंगे जो टक्कर लगते ही सबसे पहले छिटककर आपके सर से उड़ जाएगा।

जिस देश में लोगों को यह समझाना पड़े कि हेलमेट ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि आपकी सुरक्षा के लिए है...उस देश में अमृतसर जैसे हादसे आगे भी होते रहेंगे...इस हादसे के लिए हम जितने भी कयास लगाएं उनका कोई महत्व नहीं है। अगर कुछ महत्वपूर्ण है तो एक सामान्य नागरिक का दायित्व और हमारा कॉमन सेंस... अगर ऐसे भयानक हादसों को रोकना है तो थोड़ा अनुशासित बनिये...अपना कॉमन सेंस इस्तेमाल कीजिये.... हेलमेट सर बचाने के लिए लगाइए, ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचने के लिए नहीं .... रेलवे ट्रैक के समीप सावधानी बरतिये ...यह ध्यान में रखिये कि रेल की पटरी आपके शौच जाने, सैर करने और मेला देखने की जगह नहीं है...



Browse By Tags



Other News