फूड महकमा: ऐसे हैं एफ.एस.ओ. चित्रसेन
| Posted by- Editor - Oct 27 2018 3:15PM

‘‘मनु मलीन तन सुन्दर कैसे, विष रस भरा कनक घट जैसे.......’’ यह चौपाई श्री राम चरित मानस की है। मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास है और यह चौपाई भगवान श्री राम द्वारा शंकर जी का धनुष तोड़ने से क्षुब्ध कुपित भगवान परशुराम ने कही थी। अवधपति, अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्रों राम व लक्ष्मण को लेकर ऋषि विश्वामित्र जनकपुर गये थे जहाँ सीता स्वयंवर में उपस्थित राजाओं, राजकुमारों के सामने राजा जनक द्वारा यह शर्त रखी गई थी कि जो शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा उसी को उनकी बेटी सीता वर माला पहनाकर अपना पति वरण करेगी............।

सीता स्वयंवर के अवसर पर भगवान श्री राम द्वारा धनुष तोड़े जाने पर भगवान परशुराम क्रोधित हो गए थे और वहाँ उनका संवाद श्री राम के अनुज लक्ष्मण से हुआ था। काफी नोंक-झोंक हुई थी। इसी दौरान सुन्दरकाय, स्वस्थ गौरवर्णीय लक्ष्मण को इंगित कर परशुराम ने मनु मलीन.................विष रस भरा.........कहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लक्ष्मण के बात करने की शैली नागवार लगी थी।

खैर! अभी भी उक्त चौपाई ऐसे कलयुगी खूबसूरत अच्छे ओहदेदार व्यक्तियों पर लागू हो रही है जो शिक्षित होते हुए भी अपनी बात करने की शैली से किसी न किसी को कष्ट पहुँचाते रहते हैं। यह उनका अपना तरीका है या दंभ अथवा हीन भावना का शिकार हैं। जो भी हो उनका यह एटीट्यूड लोगों के लिए अखरने वाला साबित होता है।

हम यहाँ एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र कर रहे हैं जो उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद तैनात है, नाम है चित्रसेन। व्हाट्सएप डिस्प्ले फोटो में देखने से खूबसूरत दिखते हैं। इनके व्यवहारिक स्वभाव का अन्दाजा इनके चुप रहने पर नहीं लगाया जा सकता। अपने अपनों से ये किस तरह पेश आते हैं यह तो नहीं मालूम परन्तु एक अधिकारी के रूप में आम व खास के लिए इनका बर्ताव बहुत ही अप्रत्याशित और अशोभनीय होता है।

दिन- दिनाँक- शनिवार, 27 अक्टूबर 2018

समय- दोपहर 12.57 बजे।

हैलो! चित्रसेन जी बोल रहे हैं? हाँ बोल रहा हूँ- कौन? मैं अमुक पत्रकार, रेनबोन्यूज से बोल रहा हूँ। आपसे एक जानकारी चाह रहा था क्या विभागीय चेकिंग टीम द्वारा आज कोई अभियान चलाया जा रहा है? जवाब मिला- नहीं। ऐसा कुछ होगा तो खबर तुमको पहुँचा दी जाएगी। ठीक है। थोड़ा सा एक जानकारी और चाहूँगा कि- यहाँ लाइसेंस धारी पंजीकृत खोवा विक्रेता आढ़तियों की संख्या कितनी है? उत्तर- ऑफिस आ जाओ आर.टी.आई. के जरिए इसकी सूचना तुम्हें दी जाएगी।

चित्रसेन जी के बारे में यह पूछने पर कि वह किस पद पर नियुक्त हैं और कहाँ बैठते हैं यानि उनका ऑफिस कहाँ है तो उन्होंने कहा कि एफ.एस.ओ. के पद पर हूँ और कलेक्ट्रेट के 45 नम्बर कमरे में बैठता हूँ, जहाँ हमारे विभाग के सभी लोग बैठते हैं। यहीं आकर पूरी जानकारी ले लो।

हालांकि पूर्व में ही विभागीय सूत्रों से ज्ञात हुआ था कि अकबरपुर नपाप क्षेत्र में 4 लाइसेंसधारी पंजीकृत खोवा आढ़तिये हैं। इस समय जबकि विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा कथित धर-पकड़ व छापामारी अभियान चलाए जाने सम्बन्धी खबरें सुनने को मिलने लगी तो जनहित में वास्तविकता के करीब समाचार प्रकाशन करने के दृष्टिगत एफ.एस.ओ. चित्रसेन से उक्त जानकारी चाही गई, परन्तु एफ.एस.ओ. चित्रसेन ने बड़ी बेरूखी से पेश आते हुए कठोर लहजे में जिस अन्दाज का प्रस्तुतीकरण किया उससे जानकारी चाहने वाले फोनकर्ता पत्रकार को आश्चर्य मिश्रित आघात लगा।

यह बात जब रेनबोन्यूज के अन्य पत्रकारों को पता लगी तो उन्होंने चित्रसेन के मोबाइल नम्बर पर कॉल किया और बताया कि रेनबोन्यूज से अमुक बोल रहे हैं तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि फोन रखिए आपसे बात नहीं करनी है.....।

यहाँ स्पष्ट कर दिया जाए कि इसके पूर्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के.के. उपाध्याय (सी.एफ.एस.ओ.) ने रेनबोन्यूज की एक खबर पर अपनी काफी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और शायद उक्त पोस्ट से क्षुब्ध/क्रुद्ध उपाध्याय ने विभाग के अपने सहकर्मियों को यह निर्देश दे रखा है कि रेनबोन्यूज से आने वाले किसी भी पत्रकार या उनके कॉल को तवज्जो न दिया और न ही विभागीय कोई जानकारी ही दी जाए (ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है)। अभिहीत अधिकारी राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव ने भी रेनबोन्यूज की फोन कॉल रिसीव नहीं किया..............। -भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी



Browse By Tags



Other News